अयाचित व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • इस व्रत में बिना माँगे प्राप्त भोजन पर रहना होता है।[1]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कालनिर्णय (138-139); निर्णयामृत (17); कालतत्त्वविवेचन (214-218); पुरुषार्थ-चिन्तामणि (49)।

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