अलंकृत साँप  

अलंकृत सांप के शरीर पर गहरे रंग की दो पट्टियाँ होती हैं जिनमें से एक आँख के नीचे तथा दूसरी उसके पीछे रहती है। इसका रंग गहरा भूरा होता है और पूरी देह में अधिक गहरी भूरी या काली आड़ी पट्टियाँ रहती हैं जिनमें सफेद आँख जैसे चिह्न बने होते हैं। प्रकृति से यह उग्र है और जरा सा छेड़ने पर तुरंत आक्रामक रुख धारण कर लेता है। छिपकली, मेंढक तथा छोटे सांप इसके आहार हैं। यह अंडप्रजक है।

यह कश्मीर, लद्दाख तथा सिक्किम प्रदेशों में पाया जाता है और इसे वहाँ की स्थानीय भाषा में 'कुलपार' कहते हैं। नर की लंबाई 1500 मिमी. तथा मादा की 1250 मिमी. तक होती है। जंतु विज्ञान में इसका नाम एलैफेहेलेना है।[1]



पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 250 |

संबंधित लेख

"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=अलंकृत_साँप&oldid=629994" से लिया गया