अशोक प्रतिपदा  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • यह व्रत आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को करना चाहिए।
  • अशोक प्रतिपदा व्रत में अशोक वृक्ष या उसकी स्वर्ण या चाँदी की प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए।
  • यह व्रत केवल नारियों के द्वारा किया जाता है।[1]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि व्रतखण्ड (1, 351-52)।

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