आवेग  

(अंग्रेज़ी:Impulse) बल और समयान्तराल के गुणनफल को बल का आवेग कहते हैं।

यदि किसी पिंड पर एक नियम बल को समान्तराल के लिए लगाया जाये, तो इस बल का आवेग x होगा। आवेग एक राशि है। इसकी दशा वही होगी जो बल की है।

माना कि किसी पिण्ड का द्रव्यमान है। इस पर नियम बल को समयांतराल के लिए लगाने पर वेग में परिवर्तन हो जाता है। तब न्यूटन के नियमानुसार-

= X = X

=

=

=

अतः किसी पिंड को दिया गया आवेग, पिंड में उत्पन्न संवेग–परिवर्तन के बराबर होता है। अतः आवेग का मात्रक भी वही होता है जो संवेग (न्यूटन.सेकेण्ड) का है।


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