इतिहास सामान्य ज्ञान 35

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1. संगमकालीन साहित्य में 'कोन, को एवं मन्नन' किसके लिए प्रयुक्त होते थे?

प्रधानमंत्री
सेनाधिकारी
राजस्व मंत्री
राजा

2. लॉर्ड लिनलिथगो के शासनकाल में ‘चेटफ़ील्ड कमेटी’ की नियुक्ति हुई। इसका सम्बन्ध किस विषय से था?

कृषि तथा सिंचाई सुधार
मौद्रिक सुधार
भारतीय सेना का आधुनिकीकरण
प्रान्तीय स्वायत्तता

3. अपनी दानशीलता के लिए किस भारतीय को ‘प्रिंस’ की उपाधि मिली थी?

लाला लाजपत राय
जवाहर लाल नेहरू
देवेन्द्रनाथ ठाकुर
दादाभाई नौरोजी
'देवेन्द्रनाथ ठाकुर' कलकत्ता निवासी श्री द्वारकानाथ ठाकुर के पुत्र थे, जो प्रख्यात विद्वान और धार्मिक नेता थे। देवेन्द्रनाथ ठाकुर को अपनी दानशीलता के कारण 'प्रिंस' की उपाधि प्राप्त हुई थी। पिता से उन्होंने ऊँची सामाजिक प्रतिष्ठा तथा ऋण उत्तराधिकार में प्राप्त किया था। नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ ठाकुर, देवेन्द्रनाथ ठाकुर के पुत्र थे।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-देवेन्द्रनाथ ठाकुर

4. मुस्लिम लीग’ ने अपने किस अधिवेशन में ‘डिवाइड एण्ड क्विट’ का नारा दिया था?

लाहौर अधिवेशन, 1940 ई.
कराची अधिवेशन, 1933 ई.
कराची अधिवेशन, 1943 ई.
लखनऊ अधिवेशन, 1931 ई.

5. सविनय अवज्ञा आन्दोलन’ अन्तिम रूप से कब वापस लिया गया?

15 मार्च, 1933 ई.
31 जुलाई, 1934 ई.
5 मार्च, 1931 ई.
7 अप्रैल, 1934 ई.

6. मुस्लिमों ने ‘असहयोग आन्दोलन’ में भाग लिया। इसका मुख्य कारण क्या था?

1931 ई. का मुस्लिम लीग का प्रस्ताव
1916 ई. का 'लखनऊ एक्ट'
'ख़िलाफ़त आन्दोलन' में मिला सहयोग
जिन्ना के विशेष अनुरोध पर

7. ब्राह्मण ग्रंथों में सर्वाधिक प्राचीन कौन है?

ऐतरेय ब्राह्मण
शतपथ ब्राह्मण
पंचविंश ब्राह्मण
गोपथ ब्राह्मण
शतपथ ब्राह्मण शुक्ल यजुर्वेद के दोनों शाखाओं काण्व व माध्यन्दिनी से सम्बद्ध है। यह सभी ब्राह्मण ग्रन्थों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। इसके रचयिता याज्ञवल्क्य को माना जाता है। शतपथ के अन्त में उल्लेख है- 'ष्आदिन्यानीमानि शुक्लानि यजूशि बाजसनेयेन याज्ञावल्येन ख्यायन्ते।' शतपथ ब्राह्मण में 14 काण्ड हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के यज्ञों का पूर्ण एवं विस्तृत अध्ययन मिलता हे। 6 से 10 काण्ड तक को शाण्डिल्य काण्ड कहते हैं। इसमें गंधार, कैकय और शाल्व जनपदों की विशेष चर्चा की गई है। अन्य काण्डों में आर्यावर्त के मध्य तथा पूर्वी भाग कुरू, पंचाल, कोसल, विदेह, सृजन्य आदि जनपदों का उल्लेख हैं। शतपथ ब्राह्मण में वैदिक संस्कृत के सारस्वत मण्डल से पूर्व की ओर प्रसार होने का संकेत मिलता है। शतपथ ब्राह्मण में यज्ञों को जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण कृत्य बताया गया है। अश्वमेध यज्ञ के सन्दर्भ में अनेक प्राचीन सम्राटों का उल्लेख है, जिसमें जनक, दुष्यन्त और जनमेजय का नाम महत्त्वपूर्ण है।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:- शतपथ ब्राह्मण

8. साइमन कमीशन’ का वह कौन-सा सदस्य था, जो बाद में ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बना?

रैम्जे मैकडोनाल्ड
विन्स्टन चर्चिल
सैमुअल होर
क्लीमेंट एटली

9. किस सत्याग्रह को ‘दिल्ली चलो सत्याग्रह’ के नाम से भी जाना जाता है?

व्यक्तिगत सत्याग्रह
भारत छोड़ो आन्दोलन
बारदोली सत्याग्रह
नमक सत्याग्रह

10. ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना 1929 ई. में हुई थी। इसके संस्थापक कौन थे?

सुखदेव
चन्द्रशेखर आज़ाद
भगत सिंह
बटुकेश्वर दत्त
सरदार भगत सिंह
कानपुर में भगत सिंह को श्री गणेश शंकर विद्यार्थी का हार्दिक सहयोग भी प्राप्त हुआ था। देश की स्वतंत्रता के लिए अखिल भारतीय स्तर पर क्रान्तिकारी दल का पुनर्गठन करने का श्रेय सरदार भगत सिंह को ही जाता है। उन्होंने कानपुर के 'प्रताप' में 'बलवंत सिंह' के नाम से तथा दिल्ली में 'अर्जुन' के सम्पादकीय विभाग में 'अर्जुन सिंह' के नाम से कुछ समय काम किया और अपने को 'नौजवान भारत सभा' से भी सम्बद्ध रखा, जिसकी स्थापना उन्होंने की थी।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-भगत सिंह

11. मुस्लिम लीग’ ने किस दिन को ‘पाकिस्तान दिवस’ के रूप में मनाया?

23 जून, 1944 ई.
25 मार्च, 1944 ई.
21 सितम्बर, 1946 ई.
27 मार्च, 1947 ई.

12. जवाहर लाल नेहरू ने किसे ‘गुमराह देशभक्त’ की संज्ञा दी थी?

समाजवादी कांग्रेसियों को
कम्युनिस्टों को
आज़ाद हिन्द फ़ौज के जवानों को
उग्रवादी क्रान्तिकारियों को
आज़ाद हिन्द फ़ौज का ध्वज
'नेताजी' के नाम से विख्यात सुभाषचन्द्र बोस ने सशक्त क्रान्ति द्वारा भारत को स्वतंत्र कराने के उद्देश्य से 21 अक्टूबर, 1943 को 'आज़ाद हिन्द सरकार' की स्थापना की तथा 'आज़ाद हिन्द फ़ौज' का गठन किया। इस संगठन के प्रतीक चिह्न पर एक झंडे पर दहाड़ते हुए बाघ का चित्र बना होता था। 'क़दम-क़दम बढाए जा, खुशी के गीत गाए' जा-इस संगठन का वह गीत था, जिसे गुनगुना कर संगठन के सेनानी जोश और उत्साह से भर उठते थे।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-आज़ाद हिन्द फ़ौज

13. किस घटना के पश्चात् महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश सरकार को 'शैतानी लोग' कहा था?

जलियाँवाला बाग़ हत्याकाण्ड
रौलट एक्ट पास होने के समय
साम्प्रदायिक निर्णय के पश्चात्
महात्मा गाँधी
अंग्रेज़ों द्वारा जनतांत्रिक अधिकारों का विकास करने के बजाय नागरिक अधिकारों पर और ज़्यादा अंकुश लगाने से देश में असंतोष की लहर सी उमड़ पड़ी थी। इसके परिणामस्वरूप रौलट एक्ट के ख़िलाफ़ एक ज़बरदस्त आंदोलन उठ खड़ा हुआ। इस आंदोलन के दौरान राष्ट्रवादी आंदोलन की बाग़डोर एक नये नेता मोहनदास करमचंद गाँधी ने सँभाली, जिन्होंने इस एक्ट के पास होने पर अंग्रेज़ी सरकार को शैतानों के नाम से पुकारा था।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-रौलट एक्ट

14. किस भारतीय ने देश के बाहर सर्वप्रथम गणतंत्रात्मक सरकार की स्थापना की थी?

सुभाष चन्द्र बोस
राजा महेन्द्र प्रताप
रासबिहारी बोस
मोहन सिंह
महात्मा गाँधी
राजा महेन्द्र प्रताप एक सच्चे देशभक्त, क्रान्तिकारी, पत्रकार और समाज सुधारक थे। ये 'आर्यन पेशवा' के नाम से प्रसिद्ध थे। राजा महेन्द्र प्रताप का जन्म मुरसान नरेश राजा बहादुर घनश्याम सिंह के यहाँ 1 दिसम्बर सन 1886 ई. को हुआ था। राजा घनश्याम सिंह जी के तीन पुत्र थे, दत्तप्रसाद सिंह, बल्देव सिंह और खड़गसिंह, जिनमें सबसे बड़े दत्तप्रसाद सिंह राजा घनश्याम सिंह के उपरान्त मुरसान की गद्दी पर बैठे और बल्देव सिंह बल्देवगढ़ की जागीर के मालिक बन गए।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-राजा महेन्द्र प्रताप

15. निम्न में से किस वायसराय का सम्बन्ध ‘ब्रेक-डायन-प्लान’ से था?

लॉर्ड वेवेल
लॉर्ड इरविन
लॉर्ड रीडिंग
लॉर्ड माउण्ट बेटन

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