उमा भारती  

उमा भारती
उमा भारती
पूरा नाम उमा भारती
जन्म 3 मई, 1959
जन्म भूमि टीकमगढ़, मध्य प्रदेश
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि राजनीतिज्ञ और समाज सेविका
पार्टी 'भारतीय जनता पार्टी', 'भारतीय जनशक्ति पार्टी'
पद वर्तमान कैबिनेट मंत्री (जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प), भूतपूर्व मुख्यमंत्री (मध्य प्रदेश)
कार्य काल 26 मई, 2014 को मंत्री पद की शपथ ली
भाषा हिंदी
विशेष योगदान 'रामसेतु' को बचाने के लिए जुलाई, 2007 में उमा भारती ने 'सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट' के विरोध में पाँच दिन की भूख हड़ताल की।
अन्य जानकारी हिन्दू धर्म तथा उससे संबंधित अच्छी जानकारी होने के कारण आपने अपने विचारों को किताबों में भी संग्रहित किया है। उनकी लिखी हुई अब तक तीन किताबें बाज़ार में आ चुकी हैं।
अद्यतन‎

उमा भारती (अंग्रेज़ी: Uma Bharti, जन्म- 3 मई, 1959, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश) भारत की महिला राजनीतिज्ञों में से एक एवं जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्रालय की वर्तमान केंद्रीय मंत्री हैं। सदैव भगवा वस्त्र में दिखाई देने वालीं उमा भारती का विवादों से भी नाता रहा है। सन 2003 में भारत की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में से एक 'भाजपा' (भारतीय जनता पार्टी) ने उन्हें मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अपना अगुवा बनाया था। इस समय भाजपा ने 166 सीटों पर विजय प्राप्त की और 8 दिसम्बर, 2003 को उमा भारती मध्य प्रदेश की 22वीं मुख्यमंत्री बनीं। किंतु वे अधिक समय तक इस पद नहीं रह सकीं और नौ महीने बाद ही उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा था। संघ परिवार से संबंधित उमा भारती बचपन से ही हिन्दू धार्मिक ग्रंथों और महाकाव्यों में रुचि लेने लग गई थीं, जिस कारण उनके स्वभाव और व्यक्तित्व में उनकी इस विशेषता की झलक साफ़ दिखाई देती है। उमा एक आत्म-विश्वासी और आत्म-निर्भर महिला हैं। साध्वी की भांति वेशभूषा धारण किए उमा भारती ने अविवाहित रहकर अपना जीवन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगाने का व्रत लिया है।

जन्म तथा शिक्षा

उमा भारती का जन्म 3 मई, 1959 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ ज़िले में हुआ था। लोधी राजपूत परिवार में जन्म लेने वाली उमा राजनीति में एक तेज-तर्रार महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं। उमा भारती हिन्दू महाकाव्यों के विषय में काफ़ी अच्छी जानकारी रखती हैं। एक साध्वी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी उमा का ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया से घनिष्ठ सम्बन्ध रहा है। केवल छठी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त उमा भारती धार्मिक विषयों में बहुत अधिक रुचि रखती हैं, जिसके कारण उनका संबंध देश के कई बड़े धार्मिक नेताओं से है। राजनीतिज्ञ और हिन्दू धर्म की प्रचारक होने के अलावा उमा भारती एक समाज सेवी भी हैं।

राजनीतिक शुरुआत

उमा ने अपनी राजनीतिक यात्रा ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया के संरक्षण में प्रारम्भ की थी। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें एक बड़े नेता के रूप में पेश किया। उमा भारती ने 1984 में अपना पहला संसदीय चुनाव खजुराहो से लड़ा। इसी समय इन्दिरा गाँधी की हत्या हुई और सारे देश में कांग्रेस के पक्ष में एक लहर बन चुकी थी। इसका परिणाम यह हुआ कि उमा को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। लेकिन इन परिस्थितियों में भी उमा ने पार्टी की छवि को बनाये रखा और 1989 में वह खजुराहो सीट से विजयी हुईं। उमा भारती 1991, 1996 तथा 1998 के चुनावों में भी खजुराहो की संसदीय सीट पर लगातार विजय प्राप्त करती रहीं। उन्होंने 1999 का चुनाव भोपाल से लड़ा था।[1]

मुख्यमंत्री का पद

राजनीतिक नज़रिये से उमा भारती का क़द उस समय और भी बढ़ गया, जब अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्हें राज्यमंत्री के रूप में मानव संसाधन मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, युवा एवं खेल मामलों की मंत्री तथा कोयला मंत्री आदि के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। सन 2003 के मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने उमा भारती को अपना अगुआकार बनाया। इसमें मध्य प्रदेश की 231 सदस्यों की विधानसभा में भाजपा ने 166 सीटें जीतकर सदन में तीन चौथाई बहुमत प्राप्त किया। इस प्रकार उमा भारती मध्य प्रदेश की जनता के समक्ष 22वीं मुख्यमंत्री के रूप में 8 दिसंबर, 2003 को आईं।

त्यागपत्र

मुख्यमंत्री के पद पर उमा ज़्यादा समय तक नहीं रह सकीं। नौ माह तक मुख्यमंत्री रहने के बाद कर्नाटक में साम्प्रदायिकता फैलाने तथा दंगे भड़काने के आरोप में उमा भारती को 23 अगस्त, 2004 को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा। भाजपा ने उमा की सलाह पर इनके विशेष सहयोगी बाबूलाल गौड़ को मध्य प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया। 29 नवम्बर, 2005 को भाजपा ने बाबूलाल गौड़ को भी मुख्यमंत्री पद से हटा दिया और शिवराज सिंह चौहान को राज्य की बागडोर सौंप दी।[1]

आरोपों से बरी

मुख्यमंत्री के पद से हटाए जाने के कुछ समय बाद ही उमा भारती अपने ऊपर लगे आरोपों से बरी हो गईं। इसके बाद उमा ने मुख्यमंत्री का पद फिर से प्राप्त करने के लिए प्रयास किए, किंतु वे सफल नहीं हो सकीं। भाजपा पार्टी में उस समय सबसे बड़ा हंगामा हुआ, जब उमा भारती ने भारतीय जनता पार्टी की एक बैठक के दौरान लालकृष्ण आडवाणी की उपस्थिति में मीडिया के समक्ष कुर्सी से खड़े होकर पार्टी के ख़िलाफ़ शब्द कहे।

अलग पार्टी का गठन

इस घटना के बाद उमा भारती को भाजपा से पहली बार निलंबित किया गया। कुछ समय बाद उमा भारती ने 'भारतीय जनशक्ति पार्टी' नाम से अपना एक अलग राजनीतिक संगठन खड़ा किया। उमा भारती को अपनी राजनीतिक हैसियत का अंदाज़ा तब लगना शुरु हुआ, जब मध्य प्रदेश में हुए कई विधानसभा व संसदीय उपचुनावों में उनकी पार्टी के उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा। यहाँ तक कि वे अपनी बड़ा मलहेरा विधानसभा सीट से भी 'भाजश' पार्टी को नहीं जिता सकीं। 'विश्व हिन्दू परिषद' (विहिप) व 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ' (आरएसएस) के कई नेता, जो यह महसूस कर रहे थे कि उमा भारती के विद्रोही तेवर हिन्दू मतों को विभाजित कर सकते हैं, उन्होंने उमा भारती की भाजपा में वापसी की कोशिशें शुरु कीं। किंतु भाजपा हाईकमान ने उनकी वापसी को स्वीकार नहीं किया। इस प्रकार अप्रैल, 2007 में किए गए समझौते के यह प्रयास असफल हो गए।[1]

भाजपा में वापसी

यद्यपि उमा भारती की वापसी को लेकर प्रारम्भ से ही 'भारतीय जनता पार्टी' में विरोधाभास की स्थिति विद्यमान थी, किंतु जून, 2011 में उमा भारती को भाजपा में फिर से सम्मिलित कर लिया गया। इस प्रकार लगभग छ: साल के लंबे समयांतराल के बाद उमा भारती का भाजपा में आगमन हुआ।[2]

योगदान

  1. 'राम जन्म भूमि' को बचाने के प्रयास में उमा भारती ने कई प्रभावकारी कदम उठाए। उन्होंने पार्टी से निलंबन के बाद भोपाल से लेकर अयोध्या तक की कठिन पदयात्रा भी की थी।
  2. उमा ने साध्वी ऋतंभरा के साथ मिलकर अयोध्या मसले पर आंदोलन प्रारम्भ किया। इस आंदोलन के लिए उन्होंने एक सशक्त नारा भी दिया- "राम-लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे"।
  3. रामसेतु को बचाने के लिए जुलाई, 2007 में उमा भारती ने 'सेतु समुद्रम प्रोजेक्ट' के विरोध में पाँच दिन की भूख हड़ताल की।[2]

लेखन कार्य

उमा भारती की लेखन कार्य में भी रुचि रही है। हिन्दू धर्म तथा उससे संबंधित अच्छी जानकारी होने के कारण ही उमा ने अपने विचारों को किताबों में भी संग्रहित किया है। उनकी लिखी हुई अब तक तीन किताबें बाज़ार में आ चुकी हैं। इन किताबों में से एक भारत के बाहर भी प्रकाशित। उनकी किताबों के नाम इस प्रकार हैं-

  1. स्वामी विवेकानंद - 1972
  2. पीस ऑफ़ माइंड - 1978, अफ़्रीका
  3. मानव एक भक्ति का नाता - 1983


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 उमा भारती (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 26 सितमबर, 2012।
  2. 2.0 2.1 नेतृत्व की पहचान उमा भारती (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 26 सितम्बर, 2012।

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

नरेन्द्र मोदी का कैबिनेट मंत्रिमण्डल

क्रमांक मंत्री नाम मंत्रालय
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अन्य
कैबिनेट मंत्री
1. राजनाथ सिंह गृह मंत्रालय
2. सुषमा स्वराज विदेश मंत्रालय
3. अरुण जेटली वित्त एवं कॉरपोरेट मामले
4. वेंकैया नायडू शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय
5. नितिन गडकरी सड़क परिवहन और राजमार्ग शिपिंग
6. मनोहर पर्रिकर रक्षा मंत्रालय
7. सुरेश प्रभु रेल मंत्रालय
8. सदानंद गौड़ा सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन
9. उमा भारती जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण
10. डॉ. नज़मा हेपतुल्ला अल्पसंख्यक मामले
11. रामविलास पासवान उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण
12. कलराज मिश्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
13. मेनका गांधी महिला एवं बाल विकास
14. अनंत कुमार रसायन और उर्वरक, संसदीय कार्य
15. रवि शंकर प्रसाद विधि एवं न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी
16. जगत प्रकाश नड्डा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
17. अशोक गजपति राजू नागर विमानन
18. अनंत गीते भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम
19. हरसिमरत कौर बादल खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
20. नरेन्द्र सिंह तोमर ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता
21. चौधरी बीरेंद्र सिंह स्टील
22. जुएल ओरांव जनजातीय मामले
23. राधा मोहन सिंह कृषि एवं किसान कल्याण
24. थावरचंद गहलोत सामाजिक न्याय और अधिकारिता
25. स्मृति जुबिन ईरानी कपड़ा
26. डॉ. हर्षवर्धन विज्ञान और तकनीक, पृथ्वी विज्ञान
27. प्रकाश जावड़ेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
1. राव इंद्रजीत सिंह योजना (स्वतंत्र प्रभार) शहरी विकास, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन
2. बंडारू दत्तात्रेय श्रम और रोजगार (स्वतंत्र प्रभार)
3. राजीव प्रताप रूडी कौशल विकास और उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार)
4. विजय गोयल युवा मामले और खेल (स्वतंत्र प्रभार), जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण
5. श्रीपद येसो नाइक आयुष (स्वतंत्र प्रभार)
6. धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
7. पीयूष गोयल बिजली (स्वतंत्र प्रभार), कोयला (स्वतंत्र प्रभार), नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार), खान (स्वतंत्र प्रभार)
8. डॉ. जितेंद्र सिंह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग
9. निर्मला सीतारमण वाणिज्य एवं उद्योग (स्वतंत्र प्रभार)
10. डॉ. महेश शर्मा संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार)
11. मनोज सिन्हा संचार (स्वतंत्र प्रभार), रेलवे
12. अनिल माधव दवे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार)
13. जनरल विजय कुमार सिंह विदेशी मामले
14. संतोष गंगवार वित्त मंत्रालय
15. फग्गन सिंह कुलस्ते स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
16. मुख्तार अब्बास नकवी अल्पसंख्यक मामले, संसदीय कार्य
17. एस. एस. अहलूवालिया कृषि एवं किसान कल्याण, संसदीय कार्य
18. रामदास अठावले सामाजिक न्याय और अधिकारिता
19. राम कृपाल यादव ग्रामीण विकास
20. हरिभाई पार्थभाई चौधरी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
21. गिरिराज सिंह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
22. हंसराज गंगाराम अहीर गृह मंत्रालय
23. जी.एम. सिद्देश्वर भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम
24. रमेश चंदप्पा जिगाजीनागी पेयजल एवं स्वच्छता
25. राजेन गोहैन रेलवे
26. परषोत्तम रूपाला कृषि एवं किसान कल्याण, पंचायती राज
27. एम.जे. अकबर विदेशी मामले
28. उपेंद्र कुशवाहा मानव संसाधन विकास
29. राधाकृष्णन पी. सड़क परिवहन और राजमार्ग, शिपिंग
30. किरण रिजिजू गृह मंत्रालय
31. कृष्ण पाल सामाजिक न्याय और अधिकारिता
32. जसवंतसिंह सुमनभाई भाभोर जनजातीय मामले
33. डॉ. संजीव कुमार बालियान जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण
34. विष्णु देव साई स्टील
35. सुदर्शन भगत कृषि और किसान कल्याण
36. वाई.एस. चौधरी विज्ञान और तकनीक, पृथ्वी विज्ञान
37. जयंत सिन्हा नागर विमानन
38. कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सूचना और प्रसारण
39. बाबुल सुप्रियो शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन
40. साध्वी निरंजन ज्योति खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
41. विजय सांपला सामाजिक न्याय और अधिकारिता
42. अर्जुन राम मेघवाल वित्त, कॉरपोरेट मामले
43. डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय मानव संसाधन विकास
44. अजय टम्टा कपड़ा
45. कृष्णा राज महिला एवं बाल विकास
46. मनसुख एल. मनडाविया सड़क परिवहन और राजमार्ग, शिपिंग, रसायन एवं उर्वरक
47. अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
48. सी. आर. चौधरी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण
49. पी. पी. चौधरी विधि एवं न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी
50. डॉ. सुभाष रामाराव भामरे रक्षा

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