ऐलुमिनियम  

ऐलुमिनियम


Aluminum-Spectra.jpg
ऐलुमिनियम की वर्णक्रम रेखाएँ
साधारण गुणधर्म
नाम, प्रतीक, संख्या ऐलुमिनियम, Al, 13
हिन्दी नाम स्फटयातु
समूह, आवर्त, कक्षा 13, 3, p
मानक परमाणु भार 26.9815386g·mol−1
इलेक्ट्रॉन विन्यास 1s2, 2s2 2p6, 3s2 3p1
इलेक्ट्रॉन प्रति शेल 2, 8, 3
भौतिक गुणधर्म
अवस्था ठोस
घनत्व (निकट क.ता.) 2.70 g·cm−3
तरल घनत्व
(गलनांक पर)
2.375 g·cm−3
गलनांक 933.47 K, 660.32 °C, 1220.58 °F
क्वथनांक 2792 K, 2519 °C, 4566 °F
संलयन ऊष्मा 10.71 किलो जूल-मोल
वाष्पन ऊष्मा 294.0 किलो जूल-मोल
विशिष्ट ऊष्मीय
क्षमता
24.200

जूल-मोल−1किलो−1

वाष्प दाब
P (Pa) 1 10 100 1 k 10 k 100 k
at T (K) 1482 1632 1817 2054 2364 2790
परमाण्विक गुणधर्म
ऑक्सीकरण अवस्था 3, 2[1], 1[2]
(उभयधर्मी ऑक्साइड)
इलेक्ट्रोनेगेटिविटी 1.61 (पाइलिंग पैमाना)
आयनीकरण ऊर्जाएँ
(अधिक)
1st: 577.5 कि.जूल•मोल−1
2nd: 1816.7 कि.जूल•मोल−1
3rd: 2744.8 कि.जूल•मोल−1
परमाण्विक त्रिज्या 143 pm
सहसंयोजक त्रिज्या 121±4 pm
वैन्डैर वाल्स त्रिज्या 184 pm
विविध गुणधर्म
क्रिस्टल संरचना केन्द्रीय मुख घनाकार
चुम्बकीय क्रम प्रतिचुम्बकीय
वैद्युत प्रतिरोधकता (20 °C) 28.2 nΩ·m
ऊष्मीय चालकता (300 K) 237 W·m−1·K−1
ऊष्मीय प्रसार (25 °C) 23.1 µm·m−1·K−1
ध्वनि चाल (पतली छड़ में) (r.t.) 5,000 m·s−1
यंग मापांक 70 GPa
अपरूपण मापांक 26 GPa
स्थूल मापांक 76 GPa
पॉयज़न अनुपात 0.35
मोह्स कठोरता मापांक 2.75
विकर्स कठोरता 167 MPa
ब्राइनल कठोरता 245 MPa
सी.ए.एस पंजीकरण
संख्या
7429-90-5
समस्थानिक
समस्थानिक प्रा. प्रचुरता अर्द्ध आयु क्षरण अवस्था क्षरण ऊर्जा
(MeV)
क्षरण उत्पाद
26Al ट्रेस 7.17×105 y β+ 1.17 26Mg
ε - 26Mg
γ 1.8086 -
27Al 100% 27Al 14 न्यूट्रॉन के साथ स्थिर

ऐलुमिनियम (अंग्रेज़ी:Aluminium) एक रासायनिक तत्त्व है जो धातुरूप में पाया जाता है। ऐलुमिनियम का संकेत AI तथा परमाणु संख्या 13 होती है। ऐलुमिनियम का परमाणु भार 26.98 होता है। ऐलुमिनियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s2, 2s2 2p6, 3s2 3p1 है। ऐलुमिनियम का हिन्दी नाम 'स्फटयातु ' है।

नामकरण

लैटिन भाषा के शब्द ऐल्यूमेन और अंग्रेजी के शब्द 'ऐलम' का अर्थ फिटकरी है। इस फिटकरी में से जो धातु पृथक् की जा सकी, उसका नाम ऐल्यूमिनियम पड़ा।

प्राप्ति

  • प्रकृति में ऐलुमिनियम स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाया जाता है, लेकिन इसके यौगिक काफ़ी मात्रा में मिलते हैं। संयुक्त अवस्था में यह धातु विभिन्न अयस्कों के रूप में पायी जाती हैं।
  • ऐलुमिनियम के मुख्य खनिज, बॉक्साइट, ऐभ्रो, फेलस्पार, लापिस, लाजुली, क्रामोलाइट, ऐलुनाइट, नीलम आदि हैं।
  • ऐलुमिनियम बॉक्साइट, कोरंडम, डायस्पोर, फेलस्पार, अबरख, काओलीन, क्रायोलाइट आदि रूपों में मिलता है।
  • ऐलुमिनियम भू-पर्पटी में सबसे अधिक पाया जाने वाला धातु है। ऑक्सीजन और सिलिकॉन के बाद सबसे अधिक पाया जाने वाला यह तीसरा तत्त्व है।

निष्कर्षण

  • औद्योगिक रूप में ऐलुमिनियम बॉक्साइट से प्राप्त किया जाता है।
  • बॉक्साइट (Al2O3.2H2O) ऐलुमिनियम का मुख्य अयस्क है, जो ऐलुमिनियम के जलयोजित ऑक्साइड के रूप में पाया जाता है। चूँकि यह अयस्क सर्वप्रथम फ्रांस के बॉक्स नामक स्थान पर पाया गया था, इसलिए इस अयस्क का नाम बॉक्साइट रखा गया।
  • ऐलुमिनियम धातु का निष्कर्षण मुख्यतः बॉक्साइट अयस्क से विद्युत अपघटन विधि द्वारा किया जाता है। बॉक्साइट का रासायनिक नाम हाइड्रेटेड एलुमिना है। बॉक्साइट के वैद्युत अपघटन में क्रायोलाइट (3NaF.AlF3) का उपयोग बॉक्साइट को कम ताप पर घुलने हेतु किया जाता है।
  • बॉक्साइट अयस्क बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश में पाया जाता है। भारत में ऐल्युमिनियम कार्पोरेशन ऑफ़ इण्डिया, इण्डियन ऐलुमिनियम कम्पनी आदि इसके प्रमुख निष्कर्षण केन्द्र हैं।

भौतिक गुण

रासायनिक गुण

  • तनु या सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में घुलकर ऐलुमिनियम हाइड्रोजन गैस देता है एवं ऐलुमिनियम क्लोराइड बनता है।
  • ऐलुमिनियम, तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ धीरे-धीरे प्रतिक्रिया कर यह हाइड्रोजन गैस देता है।
  • यह सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म किये जाने पर ऐलुमिनियम सल्फेट बनता है और SO2 गैस बाहर निकलती है।
  • सोडियम हाइड्रॉक्साइड या पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड में यह घुलकर ऐलुमिनेट लवण बनाता है, एवं H2 गैस बाहर निकलती है।
  • यह हैलोजन से संयोग कर हैलाइड बनाता है।
  • यह नाइट्रोजन के साथ प्रतिक्रिया कर ऐलुमिनियम नाइट्राइड बनाता है।

उपयोग

  1. ऐलुमिनियम तथा इसकी मिश्रधातु वायुयान, मोटर आदि बनाने में व्यवह्रत होती है।
  2. ऐलुमिनियम घरेलू बर्तन बनाने में प्रयुक्त होता है।
  3. ऐलुमिनियम के तार विद्युत संचालन में प्रयुक्त होते हैं।
  4. लोहा (Fe), मैंगनीज (Mn) आदि धातुओं के ऑक्साइडों को धातु में अवकृत करने में यह प्रयुक्त होता है।
  5. इन मिश्र धातुओं में वाई मिश्रधातु, मैग्नेलियम का प्रयोग वायुयान आदि बनाने में किया जाता है।
  6. ऐलुमिनियम ब्रांज (ऐलुमिनियम+तांबा) से बर्तन व सिक्के बनाये जाते हैं।
  7. ऐलुमिनियम का अन्य उपयोग चादरें ऐलुमिनियम पाउडर, पेंट, सिगरेट व टॉफी की चमकीली पन्नी आदि बनाने में होता है।

ऐलुमिनियम की मिश्रधातुएँ

ऐलुमिनियम लगभग सभी धातुओं के साथ संयुक्त होकर मिश्र धातुएँ बनाता है, जिनमें से तांबा, लोहा, जस्ता, मैंगनीज, मैग्नीशियम, निकिल, क्रोमियम, सीसा, बिसमथ और वैनेडियम मुख्य हैं। मिश्रधातुएँ दो प्रकार के काम की हैं- पिटवाँ और ढलवाँ।

ढलवाँ

तांबा 8%, लोहा 1%, सिलिकॉन 1.2%, ऐल्यूमिनियम 89.8% ।

पिटवाँ

ताँबा 0.9%, सिलिकॉन 12.5%, मैगनीशियम 1.0 %, निकिल 0.9%, ऐल्यूमिनियम 84.7%।

धातु प्रतिशत निर्माण
ऐलुमिनियम ब्रांज Cu (90%), Al (10%) बरतन, सिक्का आदि
मैग्नेलियम Mg (2%), Al (95-96%), Cu-Fe (2- 3%) वायुयान
निकलॉय Al (95%), Cu (4%), Ni (1%) वायुयान
ड्यूरेलुमिन Cu (4%), Mn (0.5%), Mg (0.4%), Al (95%) प्रेशर कुकर वायुयान आदि

ऐलुमिनियम के यौगिक

ऐलुमिनियम क्लोराइड

ऐलुमिनियम क्लोराइड का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में फ्रिडल क्राफ्ट प्रतिक्रिया में व्यापक तौर पर होता है। यह गैसोलिन के उत्पादन में भी उत्प्रेरक के रूप में प्रयुक्त होता है। पेट्रोलियम के भंजन में अनार्द्र ऐलुमिनियम क्लोराइड का प्रयोग होता है।

ऐलुमिना

ऐलुमिना प्रकृति में बॉक्साइट, कोरंडम, नीलम आदि कई रूपों में पाया जाता है। बड़े पैमाने पर यह बॉक्साइट अयस्क से तैयार किया जाता है। यह सफ़ेद तथा बेरवेदार चूर्ण होता है, जो जल में घुलनशील है। यह एक उभयधर्मी ऑक्साइड है। अतः यह अम्ल और क्षार दोनों से प्रतिक्रिया करता है। इसका उपयोग कृत्रिम रत्न बनाने में, ऐलुमिनियम धातु बनाने में, ऐलुमिनियम के अन्य लवणों के निर्माण में, उत्प्रेरक के रूप में तथा भट्ठियों में अस्तर लगाने के काम में होता है।

पोटाश एलम

पोटाश एलम का रासायनिक नाम पोटैशियम ऐलुमिनियम सल्फेट होता है। पोटाश एलम का रासायनिक सूत्र K2SO4. Al2(SO4)3.24H2O होता है। यह एक द्विक लवण है। इसका उपयोग रक्त प्रवाह रोकने में, काग़ज़ एवं चमड़ा उद्योग में, जल को मृदु बनाने आदि में होता है।

ऐलुमिनियम कार्बाइड

ऐलुमिनियम कार्बाइड (Al4C3) को मिथेनाइड कहते हैं। ऐलुमिनियम कार्बाइड पर जल की प्रतिक्रिया से मिथेन गैस बनती है।

ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड

कपड़ों को अदाहय बनाने तथा जलरोधी कपड़े तैयार करने में ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड [Al(OH)3] का प्रयोग किया जाता है।

ऐलुमिनियम सल्फेट

Al2(SO4)318H2O को हेयर सॉल्ट कहते हैं। ऐलुमिनियम सल्फेट [Al2(SO4)3] का प्रयोग कपड़ों की छपाई और रंगाई में रंगबंधक के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग फिटकरी बनाने में भी होता है।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐलुमिनियम मोनोक्साइड
  2. ऐलुमिनियम आयोडाइड

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