ओधवती नदी  



  1. महाभारत, अनुशासन पर्व 2
  2. 'एष हि तपसा स्वेन संयुक्ता ब्रह्मवादिनी, पावनार्थ लोकस्य सरिच्छ्रेष्ठा भविष्यति, अर्धेनौधवती नाम स्वामर्धेनानुयास्यति' अनुशासन 2,83-84

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  • ऐतिहासिक स्थानावली | पृष्ठ संख्या= 116| विजयेन्द्र कुमार माथुर | वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग | मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार

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