कुलशेखर  

कुलशेखर दक्षिण भारत के एक मध्यकालीन अलवार संत थे। वैष्णव समाज में आज भी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।

  • कुलशेखर केरल नरेश दृढ़्व्रात के पुत्र थे।
  • राजकर्त्तव्य पालन करते हुए कुलशेखर ने अपना जीवन भगत्वभक्ति और अध्ययन में लगाया।
  • श्रीरंगम् में रहकर उन्होंने 'मुकुंदमाला' नामक एक काव्य की रचना की थी।
  • कुलशेखर का वैष्णव समाज में बहुत आदर है।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कुलशेखर (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 16 दिसम्बर, 2013।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=कुलशेखर&oldid=633922" से लिया गया