जैगीषव्य  

जैगीषव्य हिन्दू पौराणिक ग्रंथ महाभारत के उल्लेखानुसार एक ऋषि थे। 'महाभारत शल्य पर्व' के अनुसार ये महातपस्वी और योगपरायण रहकर सिद्धि प्राप्त कर चुके थे। यह देवल के आश्रम में रहते थे।[1]


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महाभारत शब्दकोश |लेखक: एस. पी. परमहंस |प्रकाशक: दिल्ली पुस्तक सदन, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 50 |

  1. महाभारत शल्य पर्व 50.1-18

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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