तुरीयातीतोपनिषद

भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
यहां जाएं: भ्रमण, खोज
गणराज्य कला पर्यटन दर्शन इतिहास धर्म साहित्य सम्पादकीय सभी विषय ▼

शुक्ल यजुर्वेद के इस उपनिषद में पितामह ब्रह्मा तथा आदिनारायण के प्रश्नोत्तर हैं। इसमें ब्रह्मा जी नारायण से तुरीयातीत-अवधूत का मार्ग पूछते हैं। आदिनारायण इस मार्ग पर चलने वालों की कठिनाई और अवधूत के आचरण-व्यवहार, चिन्तन-मनन आदि की कार्य-पद्धति बताते हैं, जिस पर चलकर व्यक्ति जीवन का चरम लक्ष्य प्राप्त कर लेता है।

अवधूत मार्ग


संबंधित लेख

श्रुतियाँ



ऊपर जायें

प्रमुख विषय सूची

गणराज्य कला पर्यटन जीवनी खेल दर्शन संस्कृति
इतिहास भाषा साहित्य विज्ञान कोश धर्म भूगोल
सम्पादकीय फ़ेसबुक पर भारतकोश (नई शुरुआत) फ़ेसबुक पर शेयर करें
प्रांगण मुखपृष्ठ सुझाव दें ट्वीट करें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

अं
क्ष त्र ज्ञ श्र अः


Book-icon.png संदर्भ ग्रंथ सूची


निजी टूल
नामस्थान
संस्करण
क्रियाएं
सुस्वागतम्
प्रमुख विषय सूची
सहायता
शुक्ल यजुर्वेदीय उपनिषद
संक्षिप्त सूचियाँ
सहायक उपकरण