त्र्यहस्पृक  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • जब एक अहोरात्र में तीन तिथियाँ स्पर्श को प्राप्त होती हैं तो उसे इस नाम से पुकारा जाता है।[1]
  • यह व्रत काल पवित्र माना जाता है।

 

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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. विष्णुधर्मोत्तरपुरान (1|60|14

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