दुंदुभी (दिति भाई)  

दुंदुभी दिति का भाई था, जिसका वध भगवान शिव के द्वारा किया गया था।

  • नृसिंह रूप धारण करके विष्णु ने दिति के दो पुत्रों को मार डाला था।
  • इसके प्रतिक्रियास्वरूप दिति के भाई दुंदुभी ने ब्राह्मणों का नाश करने का निश्चय किया।
  • वह काशी के निकटवर्ती जंगल में जा बैठा तथा वहाँ आने वाले प्रत्येक ब्राह्मण को खाने लगा।
  • इस भय के कारण ब्राह्मणों ने सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना करनी प्रारम्भ की।
  • ब्राह्मणों की आराधना पर शिव ने दुंदुभी को का वध कर दिया।
  • ब्राह्मणों ने शिव से प्रार्थना की कि वे काशी की रक्षा के निमित्त अपने उसी रूप में निरन्तर वहाँ पर निवास करें।
  • अत: वहाँ 'हर व्याघ्र' नामक लिंग की स्थापना हुई।[1]


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भारतीय मिथक कोश |लेखक: डॉ. उषा पुरी विद्यावाचस्पति |प्रकाशक: नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 136 |

  1. शिवपुराण, पूर्वार्द्ध 5|56-57|-

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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