धर्मप्राप्ति व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • आषाढ़ पूर्णिमा के उपरान्त प्रथम तिथि से आरम्भ होता है।
  • धर्म के रूप में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
  • यह व्रत एक मास तक चलता है।
  • इस व्रत में तीन दिनों तक उपवास किया जाता है।
  • जिनमें पूर्णिमा भी सम्मिलित है।
  • मास के अन्त में स्वर्णदान दिया जाता है।[1]


अन्य संबंधित लिंक

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. विष्णुधर्मोत्तरपुराण (3|209|1-3)।

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=धर्मप्राप्ति_व्रत&oldid=172557" से लिया गया