धाम व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • फाल्गुन की पूर्णिमा पर तीन दिनों के उपवास के उपरान्त कर्ता को एक सुन्दर घर का दान करना होता है।
  • वह सूर्यलोक की प्राप्ति करना चाहता है।[1]
  • यहाँ देवता सूर्य हैं, 'धामन् का अर्थ है 'घर';।[2]


अन्य संबंधित लिंक

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मत्स्य पुराण (101-79); कृत्यकल्पतरु (व्रतखण्ड, 450-451); हेमाद्रि (व्रतखण्ड 2, 322
  2. अग्नि पुराण (1|37|3

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