धूलिवन्दन  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • होलिका दहन के उपरान्त प्रातःकाल उसकी राख को झुककर प्रणाम करना होता है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पुरुषार्थचिन्तामणि (81); स्मृतिकौस्तुभ (418); और देखिए गत अध्याय में होलिका के वर्णन का अन्तिम अंश
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