नागमैत्री पंचमी  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • कटु अर्थात् तीक्ष्ण खट्टे पदार्थों के सेवन का वर्जन होता है।
  • दूध से नाग प्रतिमाओं को स्नान कराना जाता है।
  • इस प्रकार नागों से मित्रता स्थापित होती है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पद्म पुराण (5|26|56-57); कृत्यकल्पतरु (व्रतखण्ड 96); हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 566, भविष्योत्तरपुराण से उद्धरण)।

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