नील ज्येष्ठा  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • श्रावण की अष्टमी जबकि रविवार एवं ज्येष्ठा नक्षत्र हो।
  • इसमें सूर्य देवता की पूजा की जाती है।
  • इसमें सप्ताह का दिन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण बात है, उसके बाद में नक्षत्र का स्थान है।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कालनिर्णय (198, स्कन्द पुराण से उद्धरण)।
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