पवन व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • षष्ठीव्रतों में एक व्रत है।
  • माघ की अष्टमी पर यह व्रत होता है।
  • दिन भर गीला वस्त्र धारण किये रहना चाहिए और गौ दान करना चाहिए।
  • एक कल्प के लिए स्वर्ग लाभ होता है और उसके उपरान्त राजा का पद मिलता है।[1]
  • माघ अति ठण्डा मास है।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यकल्पतरु (व्रत0 450)।
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