पहेली जनवरी 2016  

फ़ेसबुक पर चर्चित पहेलियाँ
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1. प्रसिद्ध निबन्ध 'आम फिर बौरा गए' के लेखक कौन थे?

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
श्यामसुन्दर दास
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
महावीर प्रसाद द्विवेदी
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
'हज़ारी प्रसाद द्विवेदी' हिन्दी के शीर्षस्थ साहित्यकारों में से एक थे। वे उच्चकोटि के निबन्धकार, उपन्यासकार, आलोचक, चिन्तक तथा शोधकर्ता थे। साहित्य के इन सभी क्षेत्रों में हज़ारी प्रसाद द्विवेदी अपनी प्रतिभा और विशिष्ट कर्तव्य के कारण विशेष यश के भागी हुए। उनके निर्बन्ध निबन्ध हिन्दी निबन्ध साहित्य की मूल्यवान उपलब्धि हैं। द्विवेदी जी के व्यक्तित्व में विद्वत्ता और सरसता का, पाण्डित्य और विदग्धता का, गम्भीरता और विनोदमयता का, प्राचीनता और नवीनता का जो अदभुत संयोग मिलता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। अपने निबन्धों में वे बहुत ही सहज ढंग से, अनौपचारिक रूप में, 'नाख़ून क्यों बढ़ते हैं', 'आम फिर बौरा गए', 'अशोक के फूल', 'एक कुत्ता और एक मैना', 'कुटज' आदि की चर्चा करते हैं, जिससे पाठकों का अनुकूल्य प्राप्त करने में उन्हें कोई कठिनाई नहीं होती।

2. किस व्यक्ति ने गाँधी जी के 'नमक सत्याग्रह' की तुलना नेपोलियन की पेरिस यात्रा से की थी?

जवाहरलाल नेहरू
सुभाष चंद्र बोस
भगत सिंह
लाला लाजपत राय
सुभाष चंद्र बोस
'सुभाष चंद्र बोस' के अतिरिक्त भारत के इतिहास में ऐसा कोई व्यक्तित्व नहीं हुआ, जो एक साथ महान् सेनापति, वीर सैनिक, राजनीति का अद्भुत खिलाड़ी और अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पुरुषों, नेताओं के समकक्ष साधिकार बैठकर कूटनीति तथा चर्चा करने वाला रहा हो। भारत की स्वतंत्रता के लिए सुभाष चंद्र बोस ने क़रीब-क़रीब पूरे यूरोप में अलख जगाया। वे प्रकृति से साधु, ईश्वर भक्त तथा तन-मन से देश प्रेमी थे। महात्मा गाँधी के 'नमक सत्याग्रह' को 'नेपोलियन की पेरिस यात्रा' की संज्ञा देने वाले सुभाष चंद्र बोस का एक ऐसा व्यक्तित्व था, जिसका मार्ग कभी भी स्वार्थों ने नहीं रोका, जिसके पाँव लक्ष्य से पीछे नहीं हटे, जिसने जो भी स्वप्न देखे, उन्हें साधा और जिसमें सच्चाई के सामने खड़े होने की अद्भुत क्षमता थी। गाँधी जी और सुभाष चंद्र बोस के विचार भिन्न-भिन्न थे, लेकिन वे अच्छी तरह जानते थे कि गाँधी जी और उनका मक़सद एक ही है, यानी देश की आज़ादी।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-सुभाष चंद्र बोस

3. हिन्दू देवता कृष्ण को 'हेराक्लीज' किस विदेशी यात्री ने कहा?

मैगस्थनीज़
फ़ाह्यान
इत्सिंग
फ़्रेंसिस बर्नियर
मैगस्थनीज़' को अपने समय का एक बेहतरीन विदेशी यात्री और यूनानी भूगोलविद माना जाता था। चंद्रगुप्त मौर्य एवं सेल्युकस के मध्य हुई संधि के अंतर्गत, जहां सेल्यूकस ने अनेक क्षेत्र 'एरिया', 'अराकोसिया', 'जेड्रोशिया', 'पेरापनिसदाई' आदि चन्द्रगुप्त को प्रदान किये, वहीं उसने मैगस्थनीज़ नामक यूनानी राजदूत भी मौर्य दरबार में भेजा। मैगस्थनीज़ के अनुसार मौर्य काल में बहुविवाह प्रथा का प्रचलन था। शिक्षा व्यवस्था ब्राह्मण करते थे। दास प्रथा का प्रचलन नहीं था। मेगस्थनीज़ ने भारतवासियों की धार्मिक भावना पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि- "यहाँ के लोग 'डायोनियस' (शिव) एवं 'हेराक्लीज' (कृष्ण) की उपासना करते थे"। उसने अपनी यात्रा के विवरण में पाटलिपुत्र का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया है।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-मैगस्थनीज़

4. स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में किसे क्रान्तिकारी विचारों के जनक के रूप में जाना जाता है?

बाल गंगाधर तिलक
दादा भाई नौरोजी
बिपिन चन्द्र पाल
करतार सिंह सराभा
बिपिन चन्द्र पाल
'बिपिन चन्द्र पाल' का नाम भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारियों में लिया जाता है। भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में उनका नाम 'क्रान्तिकारी विचारों के जनक' के रूप में आता है, जो अंग्रेज़ों की चूलें हिला देने वाली 'लाल', 'बाल' 'पाल' तिकड़ी का एक हिस्सा थे। 'वंदे मातरम्' पत्रिका के संस्थापक रहे बिपिन चन्द्र पाल एक बड़े समाज सुधारक थे, जिन्होंने परिवार के विरोध के बावज़ूद एक विधवा से विवाह किया था। बाल गंगाधर तिलक की गिरफ़्तारी और 1907 में ब्रितानिया हुकूमत द्वारा चलाए गए दमन के समय पाल इंग्लैंण्ड गए। वह वहाँ क्रान्तिकारी विचारधारा वाले 'इंडिया हाउस' से जुड़ गए थे।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-बिपिन चन्द्र पाल

5. प्रसिद्ध पर्यटन स्थल "सहेलियों की बाड़ी" राजस्थान के किस शहर में स्थित है?

जैसलमेर
बीकानेर
जोधपुर
उदयपुर
सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर
'सहेलियों की बाड़ी' भारत के प्रसिद्ध राज्य राजस्थान के ख़ूबसूरत शहर उदयपुर में स्थित एक शानदार बाग़ है। यह शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। सहेलियों की बाड़ी का निर्माण राणा संग्राम सिंह द्वारा शाही महिलाओं के लिए 18वीं सदी में करवाया गया था। इस उद्यान का मुख्य आकर्षण यहाँ के फ़व्वारे हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इन्हें इंग्लैण्ड से मंगवाया गया था। श्रावण मास की अमावस्या के अवसर पर इस बाड़ी में नगर निवासियों का एक बड़ा मेला भी लगता है।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-सहेलियों की बाड़ी

6. "वैद्यनाथ मिश्र" किस प्रसिद्ध लेखक और कवि का वास्तविक नाम है?

नागार्जुन
रामधारी सिंह 'दिनकर'
हरिवंश राय बच्चन
बालकृष्ण शर्मा नवीन
नागार्जुन
'नागार्जुन' प्रगतिवादी विचारधारा के प्रसिद्ध लेखक और कवि थे। उन्होंने 1945 ई. के आसपास साहित्य सेवा के क्षेत्र में क़दम रखा। 'शून्यवाद' के रूप में नागार्जुन का नाम विशेष उल्लेखनीय है। नागार्जुन का असली नाम 'वैद्यनाथ मिश्र' था। हिन्दी साहित्य में उन्होंने 'नागार्जुन' तथा मैथिली में 'यात्री' उपनाम से रचनाओं का सृजन किया। उनके गीतों में काव्य की पीड़ा जिस लयात्मकता के साथ व्यक्त हुई है, वह अन्यत्र कहीं नहीं दिखाई देती। आपने काव्य के साथ-साथ गद्य में भी लेखनी चलाई। आपके अनेक हिन्दी उपन्यास, एक मैथिली उपन्यास तथा संस्कृत भाषा से हिन्दी में अनूदित ग्रंथ भी प्रकाशित हुए।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-नागार्जुन

8. भारतीय संसद ने किस वर्ष सर्वाधिक अधिनियमों (कुल 117) को पारित किया था?

1971
1984
1976
1987

9. किस भारतीय राज्य में कोई भी जाति अनुसूचित श्रेणी में नहीं है?

नागालैंड
मणिपुर
दादरा एवं नागर हवेली
पांडिचेरी

10. महाभारत के अनुसार पांडु के पुत्र अर्जुन को 'पार्थ' क्यों कहा जाता था?

अर्जुन द्वारा पृथ्वी पर सोने के कारण।
पृथा (कुन्ती) का पुत्र होने के कारण।
पृथ्वी के अनेक राजाओं को जीतने के कारण।
पृथ्वी से स्वर्ग की यात्रा करने के कारण।

12.

"रहिमन जो गति दीप की, कुल कपूत गति सोय।
बारे उजियारै लगै, बढ़ै अंधेरो होय॥"

प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

उपमा
रूपक
यमक
श्लेष

13. 'माघ बिहू' और 'रंगाली बिहू' पर्व किस राज्य में प्रधानता से मनाये जाते हैं?

पश्चिम बंगाल
गुजरात
असम
राजस्थान

14. अमरकंटक में कौन-सी नदी का उद्गम होता है?

गंगा
यमुना
नर्मदा
दामोदर

15. केंद्र में पहली बार किसने अल्पमत की सरकार का गठन किया था?

चरण सिंह (1979)
विश्वनाथ प्रताप सिंह (1989)
चन्द्रशेखर (1990)
पी. वी. नरसिंहराव (1991)

16. भारत का सबसे बड़ा व्यावसायिक बैंक कौन-सा है?

यूनाइटेड कॉमर्शियल बैंक
पंजाब नेशनल बैंक
भारतीय स्टेट बैंक
बैंक ऑफ़ बड़ौदा

18. जैन धर्म में 'पूर्णज्ञान' के लिए क्या शब्द है?

जिन
रत्न
कैवल्य
निर्वाण

दस अक्षौहिणी
ग्यारह अक्षौहिणी
सात अक्षौहिणी
नौ अक्षौहिणी
युधिष्ठिर
'युधिष्ठिर' [[पांडु] के पुत्र और पाँच पांडवों में सबसे बड़े भाई थे। वे महाभारत के नायकों में समुज्ज्वल चरित्र वाले ज्येष्ठ पांडव थे। युधिष्ठिर धर्मराज के अंश पुत्र थे। वे सत्यवादिता एवं धार्मिक आचरण के लिए विख्यात थे। शान्तिपर्व में सम्पूर्ण समाजनीति, राजनीति तथा धर्मनीति युधिष्ठिर और भीष्म के संवाद के रूप में प्रस्तुत की गयी है। युधिष्ठिर भाला चलाने में निपुण थे। उनके पिता ने यक्ष बनकर सरोवर पर उनकी परीक्षा भी ली थी। महाभारत युद्ध में धर्मराज युधिष्ठिर सात अक्षौहिणी सेना के स्वामी होकर कौरवों के साथ युद्ध करने को तैयार हुए थे, जबकि परम क्रोधी दुर्योधन ग्यारह अक्षौहिणी सेना का स्वामी बना था।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-युधिष्ठिर, महाभारत, अक्षौहिणी

20. भारत में 'वृक्षारोपण उत्सव' जिसे ‘वन महोत्सव’ के नाम से जाना जाता है, के जन्मदाता कौन थे?

महात्मा गाँधी
के. एम. मुंशी
विनोबा भावे
जवाहरलाल नेहरू
के. एम. मुंशी
'के. एम. मुंशी' भारत के स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता, क़ानून विशेषज्ञ व गुजराती, अंग्रेज़ी, हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार तथा शिक्षाविद थे। वे मुम्बई के गृहमंत्री और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भी रहे थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद के. एम. मुंशी केंद्रीय मंत्रिमण्डल में उनके स्थान पर कृषि व खाद्य मंत्री बने थे। इसी दौरान उन्होंने पर्यावरण तथा वानिकी के संरक्षण के लिए कई कारगर प्रयास आरम्भ किये। हर वर्ष जुलाई में आयोजित होने वाला 'वन महोत्सव' मुंशी जी के उन्हीं प्रयासों की ही देन है।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-के. एम. मुंशी

21. 'लोनार झील' भारत के किस राज्य में स्थित है?

उड़ीसा
राजस्थान
महाराष्ट्र
उत्तराखण्ड
लोनार झील
'लोनार झील' महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा ज़िले में स्थित एक खारे पानी की झील है। इसका निर्माण एक उल्का पिंड के पृथ्वी से टकराने के कारण हुआ था। महाराष्ट्र के लोनार शहर में यह समुद्र तल से 1,200 मीटर ऊँची सतह पर लगभग 100 मीटर के वृत्त में फैली हुई है। वैसे इस झील का व्यास दस लाख वर्ग मीटर है। झील का मुहाना गोलाई लिए एकदम गहरा है, जो बहाव में 100 मीटर की गहराई तक है। मौसम से प्रभावित 50 मीटर की गहराई गर्द से भरी है। लोनार झील 5 से 8 मीटर तक खारे पानी से भरी हुई है। इस झील का उद्गम संभवतः लावा के ऊबड़-खाबड़ बहने और उसके रुकने से हुआ है। यह भी संभव है कि मृत ज्वालामुखी के गर्त से इस झील की उत्पत्ति हुई है।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-लोनार झील

22. 'बीसीजी' (BCG) का टीका किस रोग के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने के लिए उपयुक्त है?

चेचक
पोलियो
तपेदिक
डेंगू

23. शरन रानी को किस क्षेत्र में ख्याति प्राप्त है?

साहित्य
चित्रकला
संगीत
नृत्य
शरन रानी
'शरन रानी' 'हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत' की विद्वान् और सुप्रसिद्ध सरोद वादक थीं। वे प्रथम महिला थीं, जिन्होंने सरोद जैसे मर्दाना साज को संपूर्ण ऊँचाई प्रदान की। इसी कारण उनके प्रशंसक उन्हें 'सरोद रानी' के नाम से पुकारते थे। शरन रानी का देहांत उनके अस्सीवें जन्मदिन से एक दिन पहले ही हो गया था। शरन रानी 20वीं सदी की 'म्यूजिक लीजेंड' मानी जाती हैं। 'पद्मभूषण' और 'पद्मश्री' से नवाजी जा चुकीं शरन रानी को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत की सांस्कृतिक राजदूत कहकर सम्मानित किया था।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-शरन रानी

24. सन 1920 में ‘अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन’ की स्थापना किसने की थी?

महात्मा हंसराज
एन. एम. जोशी
वी. वी. गिरि
मोहनदास करमचंद गाँधी
महात्मा गाँधी
'महात्मा गाँधी' ने 1918 में गुजरात के अहमदाबाद में मिल मजदूरों की हड़ताल का सफल नेतृत्व किया और 1920 में 'अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन' की स्थापना की। 1920 के पतझड़ तक महात्मा गाँधी राजनीतिक मंच पर छा गए और भारत या शायद किसी भी देश में, किसी राजनीतिज्ञ का इतना प्रभाव कभी भी नहीं रहा, जितना की उनका रहा। उन्होंने 35 वर्ष पुरानी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को भारतीय राष्ट्रवाद के प्रभावशाली राजनीतिक हथियार में बदल दिया। उनका संदेश बहुत सरल था कि "अंग्रेज़ों की बंदूकों ने नहीं, बल्कि भारतवासियों की अपनी कमियों ने भारत को ग़ुलाम बनाया हुआ है।" ब्रिटिश सरकार के साथ उनके अहिंसक असहयोग में न सिर्फ़ वस्तुओं, बल्कि भारत में अंग्रेज़ों द्वारा संचालित या उनकी मदद से चल रहे संस्थानों- जैसे विधायिका, न्यायालय, कार्यालय या स्कूल का बहिष्कार भी शामिल था।ध्यान देंअधिक जानकारी के लिए देखें:-महात्मा गाँधी

25. मुख्य न्यायाधीश की अनुपस्थिति में भारत का राष्ट्रपति किसके समक्ष शपथ लेता है?

उपराष्ट्रपति
महान्यायवादी
लोकसभाध्यक्ष
सर्वोच्च न्यायालय का वरिष्ठ न्यायाधीश

27. हरिद्वार में वैदिक धर्म तथा भारतीयता की शिक्षा देने वाले संस्थान 'गुरुकुल' की स्थापना किसने की थी?

महात्मा गाँधी
मदनमोहन मालवीय
लाला लाजपत राय
स्वामी श्रद्धानंद

29. ‘सम्मुख’ का विलोम शब्द क्या है?

उन्मुख
विमुख
प्रमुख
अधिमुख

आपके कुल अंक है 0 / 0



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टीका-टिप्पणी और संदर्भ

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