बाल व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • बैल, कूष्माण्ड, सोना एवं वस्त्र का दान करना चाहिए।[1]
  • जिसने (पुरुष या स्त्री) पूर्व जीवन में किसी शिशु को मार डाला हो या समर्थ होने पर भी किसी बच्चे को बचा न सका हो और संतान रहित हो गया हो, उसे यह व्रत करना चाहिए।

 



टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पद्म पुराण (3|5|14 एवं 31-32

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