बुद्ध्यवाप्ति  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • यह व्रत चैत्र पूर्णिमा के उपरान्त आरम्भ होती है।
  • यह व्रत एक मास किया जाता है।
  • इस व्रत में नृसिंह की पूजा की जाती हैं,
  • इस व्रत में सरसों से प्रतिदिन होम किया जाता है।
  • त्रिमधुर (तीन मधुर पदार्थ) से ब्रह्म भोज तथा वैशाख पूर्णिमा पर सोने का दान करना चाहिए [1]

 



टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. विष्णुधर्मोत्तरपुराण (3|206|1-5

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