भारतकोश का उन्नत रूपान्तरण (अपग्रेडेशन) चल रहा है। आपको हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।

बृहद आरण्यक

  • इस शुक्लयजुर्वेदीय आरण्यक की विशेष प्रसिद्धि उपनिषद के रूप में है।
  • आत्मतत्त्व की इसमें विशेष विवेचना की गई है।
  • उपनिषदों के प्रकरण में इसकी विशद समीक्षा है।
Seealso.jpg इन्हें भी देखें: बृहदारण्यकोपनिषद


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

संबंधित लेख

श्रुतियाँ


-

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

अं
क्ष त्र ज्ञ श्र अः