भद्रा व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • कार्तिक शुक्ल तृतीया पर यह व्रत किया जाता है।
  • गोमूत्र एवं यावक लेने के उपरान्त नक्त विधि से व्रत किया जाता है।
  • प्रति मास एक वर्ष तक यह व्रत किया जाता है।
  • अन्त में गोदान किया जाता है।
  • ऐसी मान्यता है कि एक कल्प तक गौरी लोक में वास प्राप्त होता है।[1]; [2]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि (व्रत0 1, 483, पद्मपुराण से उद्धरण
  2. काल निर्णिय (330

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