मधु स्रवा  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • श्रावण शुक्ल तृतीया को यह व्रत किया जाता है।[1]; [2]
  • निर्णयसिन्धु, व्रतराज, इन दोनों के मत से यह गुर्जर क्षेत्र में विख्यात है।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. निर्णयसिन्धु (111
  2. व्रतराज (96

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