महाश्वेताप्रिय विधि  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • सूर्य ग्रहण के अवसर पर जब रविवार हो; महाश्वेता (तथा सूर्य की पूजा) करनी चाहिए।
  • नक्त विधि या उपवास करना चाहिए।
  • इस व्रत को करने से परम पद की प्राप्ति होती है। [1]; [2]
  • महाश्वेता नाम मन्त्र का है, यथा– 'ह्रींसः';[3], एवं[4]

 


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यकल्पतरु (व्रत0, 21-23
  2. हेमाद्रि (व्रत0 2, 527-528
  3. कृत्यकल्पतरु (9
  4. हेमाद्रि (व्रत0 2, 521

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=महाश्वेताप्रिय_विधि&oldid=189217" से लिया गया