मातलि  

मातलि का उल्लेख पौराणिक महाकाव्य महाभारत में हुआ है, जिसके अनुसार ये इन्द्र का सारथी था।

  • श्रीराम ने रावण की माया से निर्मित अपने समान रूप धारण करने वाले उन सबको तथा अन्य राक्षसों को भी मार डाला। इसी समय इन्द्र का सारथी मातलि हरे रंग के घोड़ों से जुते हुए सूर्य के समान तेजस्वी रथ के साथ उस रणभूमि में श्री रामचन्द्र जी के समीप आ पहुँचा।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

महाभारत शब्दकोश |लेखक: एस. पी. परमहंस |प्रकाशक: दिल्ली पुस्तक सदन, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 85 |


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=मातलि&oldid=548514" से लिया गया