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लालू प्रसाद यादव

लालू प्रसाद यादव
लालू प्रसाद यादव
पूरा नाम लालू प्रसाद यादव
जन्म 11 जून, 1948
जन्म भूमि फूलवरिया गांव, गोपालगंज ज़िला, बिहार
अभिभावक कुंदन राय
पति/पत्नी राबड़ी देवी
संतान दो पुत्र और सात पुत्री
नागरिकता भारतीय
पार्टी जनता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल
पद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय रेल मंत्री
शिक्षा राजनीति शास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर
विद्यालय पटना विश्वविद्यालय
जेल यात्रा लालू प्रसाद पर चारा घोटाले का आरोप भी है, जो इन पर अपने बिहार के मुख्‍यमंत्री के शासनकाल के दौरान लगा था। इसी सिलसिले में वे कई बार जेल भी जा चुके हैं।
अन्य जानकारी लालू प्रसाद अपने बोलने की शैली के लिए मशहूर हैं। इसी शैली के कारण लालू प्रसाद भारत सहित विश्‍व में भी अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं।
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लालू प्रसाद यादव (अंग्रेज़ी: Lalu Prasad Yadav, जन्म: 11 जून, 1948) भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। लालू प्रसाद यादव भारत के सफल रेलमन्त्रियों में गिने जाते हैं। लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के अारोप में 3 अक्‍टूबर 2013 को रांची स्थित सीबीआई के विशेष अदालत ने 5 साल की सजा और 25 लाख का जुर्माने की सजा सुना दिया। कोर्ट ने लालू प्रसाद को चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ 68 लाख रूपए को गबन करने का आरोप में दोषी पाया था।[1]

जीवन परिचय[सम्पादन]

लालू प्रसाद यादव का जन्‍म 11 जून 1948 को बिहार राज्‍य के गोपालगंज ज़िले के फूलवरिया गांव में यादव परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम कुंदन राय है। इन्‍होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोपालगंज से प्राप्‍त की तथा कॉलेज की पढ़ाई के लिए वे पटना चले आए। पटना के बीएन कॉलेज से इन्‍होंने लॉ में स्‍नातक तथा राजनीति शास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर की पढ़ाई पूरी की। लालू प्रसाद ने कॉलेज से ही अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र नेता के रूप में की। इसी दौरान वे जयप्रकाश नारायण द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का हिस्‍सा बन गए और जयप्रकाश नारायण, राजनारायण, कर्पुरी ठाकुर तथा सतेन्‍द्र नारायण सिन्‍हा जैसे राजनेताओं से मिलकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।

राजनीति में प्रवेश[सम्पादन]

29 वर्ष की आयु में ही लालू प्रसाद यादव जनता पार्टी की ओर से छठी लोकसभा के लिए चुन लिए गए। 1 जून 1973 को इनकी शादी राबड़ी देवी हुई। लालू प्रसाद की कुल 7 बेटियां और 2 बेटे हैं जिनमें से सभी बेटियों की शादी हो चुकी है। लालू प्रसाद 10 मार्च 1990 को पहली बार बिहार प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बने तथा दूसरी बार 1995 में मुख्‍यमंत्री बने। 1997 में लालू प्रसाद जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल पार्टी बनाकर उसके अध्‍यक्ष बने। 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में ये बिहार के छपरा संसदीय सीट से जीतकर केंद्र में यूपीए शासनकाल में रेलमंत्री बने और रेलवे को काफी मुनाफा दिलवाया। 2009 में एक बार फिर वे लोकसभा के लिए चुन लिए गए। लालू प्रसाद पर चारा घोटाले का आरोप भी है, जो इन पर अपने बिहार के मुख्‍यमंत्री के शासनकाल के दौरान लगा था। इसी सिलसिले में वे कई बार जेल भी जा चुके हैं। इससे पहले लालू प्रसाद 8 बार बिहार विधानसभा के सदस्‍य भी रह चुके हैं तथा 2004 में वे पहली बार बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता बने। 2002 में छपरा संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में वे दूसरी बार लोकसभा सदस्‍य बने।[1]

सदस्यता[सम्पादन]

  • बिहार विधान सभा परिषद 1990-1995
  • बिहार विधान सभा 1980-1989 और 1995-1998 (तीन बार)
  • विपक्ष के नेता, बिहार विधान सभा जनवरी- नवम्बर 1989

केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री[सम्पादन]

  • राज्य सभा, 2002
  • मुख्य मंत्री, बिहार 1990-1997
  • केन्द्रीय रेल मंत्री 24 मई 2004 से 22 मई 2009 तक

बोलने की शैली[सम्पादन]

लालू प्रसाद अपने बोलने की शैली के लिए मशहूर हैं। इसी शैली के कारण लालू प्रसाद भारत सहित विश्‍व में भी अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं। अपनी बात कहने का लालू यादव का खास अन्दाज़ है। बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बनाने का वादा हो या रेलवे में कुल्हड़ की शुरुआत, लालू यादव हमेशा ही सुर्खियों में रहे। इन्टरनेट पर लालू यादव के लतीफों का दौर भी खूब चला। इनकी रुचि खेलों तथा सामाजिक कार्यों में भी रही है। 2001 में वे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्‍यक्ष भी रह चुके हैं।




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टीका टिप्पणी और संदर्भ[सम्पादन]

  1. 1.0 1.1 लालू प्रसाद यादव : प्रोफाइल (हिन्दी) वेब दुनिया हिन्दी। अभिगमन तिथि: 3 जून, 2015।

संबंधित लेख[सम्पादन]

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