वर्षकृत्य  

वर्षकृत्य महाकवि विद्यापति द्वारा रचिक एक ग्रंथ हैं।

  • इसमें कवि ने एक सधे हुए धर्मशास्त्री के रुप में अर्थात् वर्षकृत्य में वर्षभर में होने वाले पर्वों तथा शुभ कार्यों का विस्तृत विधान प्रस्तुत किया है।
  • इसके अतिरिक्त इस ग्रन्थ में पूजा, अर्चना, व्रत, दान आदि के नियम भी बतलाए गए हैं।



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