वर व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • इस व्रत में सात दिनों तक उपवास करना चाहिए।
  • इस व्रत में किसी ब्राह्मण को घृतपूर्ण घट देने से ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है।
  • यह सम्बत्सर व्रत है।
  • इसमें ब्रह्मा देवता की पूजा करनी चाहिए।
  • कृत्यकल्पतरु[1], मत्स्य पुराण[2] में इसे घृतव्रत कहा है।[3]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यकल्पतरु (व्रतखण्ड 449
  2. मत्स्य पुराण (101|68
  3. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 2, 886, पद्म पुराण से उद्धरण)।

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