वह्रि व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • यह व्रत चैत्र की अमावास्या पर आरम्भ करना चाहिए।
  • प्रतिवर्ष अमावास्या पर अग्नि की पूजा, एवं तिल से होम करना चाहिए।
  • इसके अन्त में हिरण्य दान करना चाहिए। [1]
  • अग्निपूजा से अग्निष्टोम का फल प्राप्त होता है। [2]


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 2, 255-256); विष्णुधर्मोत्तरपुराण (3|1090|1-3)।
  2. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 791, विष्णुधर्मोत्तरपुराण से उद्धरण);

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