विद्वशालभंजिका  

संस्कृत कवि राजशेखर द्वारा रचित विद्वशालभंजिका चार अंकों का नाटक है, जिसमें 'विद्याधर मल्ल' नामक राजकुमार तथा 'मृगांकावली' एवं 'कुवलयमाला' नामक राजकुमारियों की प्रेमकथा का वर्णन है।



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