विनता  

विनता दक्ष प्रजापति की पुत्री थी, जिनका विवाह कश्यप ऋषि के साथ हुआ था। हिन्दू धर्म ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार विनता पक्षियों की माता कही गई है। कई पौराणिक ग्रंथों आदि में इनका उल्लेख हुआ है।[1]

  • अरुण और गरुड़ इनके दो पराक्रमी पुत्र थे। अरुण को 'अनूरु' नाम से भी जाना जाता है।
  • एक प्रण में हार जाने के कारण विनता को अपनी सौत कद्रू की 50 वर्षों तक दासी बनकर सेवा करनी पड़ी थी।
  • गरुड़ ने अपनी माता विनता को दासता से मुक्त कराया था।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. पौराणिक कोश |लेखक: राणाप्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, आज भवन, संत कबीर मार्ग, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 467 |
  2. भागवतपुराण 6.6.22; 3.19.11; ब्रह्मांडपुराण 3.7.29; 8.11; मत्स्यपुराण 6.34..146; वायुपुराण 49.10; 69.66; विष्णुपुराण 1.21.18

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