वृषभ व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर वृषभव्रत रखा जाता है।
  • श्वेत वस्त्रों से आवृत तथा घंटी आदि आभूषणों से अलंकृत बैल का दान करना चाहिए।
  • वृषभव्रत तिथिव्रत; शिव देवता की पूजा करनी चाहिए।
  • ऐसी मान्यता है कि वृषभव्रत से शिव लोक की प्राप्ति और राजा हो जाता है।[1]
  • ज्येष्ठ अमावास्या पर बैलों की पूजा करनी चाहिए।
  • काठ के बने बैलों को (एक दिन पूर्व ही) घर में स्थापित करना और गंध आदि से पूजा करनी चाहिए।
  • धर्म कहकर उनकी प्रार्थना करनी चाहिए।
  • धर्म को बहुधा वृष कहा गया है।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि व्रत खण्ड 1, 882, भविष्योत्तरपुराण से उद्धरण
  2. मनु 8|16, शान्ति पर्व 90|15

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