षट् तिला द्वादशी  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर यह व्रत किया जाता है।
  • जब श्रवण नक्षत्र हो, तिल से देवों की पूजा की जाती है।
  • तिल का होम किया जाता है।
  • मन्दिरों में तिल का दीपक जलाना, तिल दान, पितरों को तिल युक्त जल से तर्पण देना तथा तिल खाना।
  • विष्णु ने इस तिथि पर उपवास किया था तथा अपने पितरों को तिल एवं पिण्ड दिये थे।[1]

 

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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यरत्नाकर (519)।

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