संवर्त्तक (अग्निदेव)  

Disamb2.jpg संवर्त्तक एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- संवर्त्तक (बहुविकल्पी)

संवर्त्तक का उल्लेख हिन्दू पौराणिक ग्रंथ महाभारत में हुआ है। महाभारत भीष्म पर्व के अनुसार ये माल्यवान पर्वत पर सदा प्रज्वलित रहने वाले अग्निदेव का एक नाम था।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

पौराणिक कोश |लेखक: राणा प्रसाद शर्मा |प्रकाशक: ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 507 |

  1. महाभारत भीष्म पर्व 7.27-28

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=संवर्त्तक_(अग्निदेव)&oldid=551669" से लिया गया