सप्तमीलोक व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • यह व्रत सप्तमी पर करना चाहिए।
  • सात लोकों की पूजा करनी चाहिए।
  • इससे महान् ज्ञान एवं अद्वितीय स्थिति की प्राप्ति होती है।[1]

 

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 792, विष्णुधर्मोत्तरपुराण से एक श्लोक)।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=सप्तमीलोक_व्रत&oldid=604298" से लिया गया