"अंगारपाचित" के अवतरणों में अंतर  

[अनिरीक्षित अवतरण][अनिरीक्षित अवतरण]
(''''अंगारपाचित''' - संज्ञा पुल्लिंग (संस्कृत '''अङ्ग...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)
 
पंक्ति 1: पंक्ति 1:
'''अंगारपाचित''' - [[संज्ञा]] [[पुल्लिंग]] ([[संस्कृत]] '''अङ्गापाचित''')<ref>{{पुस्तक संदर्भ |पुस्तक का नाम=हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक= श्यामसुंदरदास बी. ए.|अनुवादक= |आलोचक= |प्रकाशक=नागरी मुद्रण, वाराणसी |संकलन= |संपादन= |पृष्ठ संख्या=08|url=|ISBN=}}</ref>
+
'''अंगारपाचित''' - [[संज्ञा]] [[पुल्लिंग]] ([[संस्कृत]] '''अङ्गारपाचित''')<ref>{{पुस्तक संदर्भ |पुस्तक का नाम=हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक= श्यामसुंदरदास बी. ए.|अनुवादक= |आलोचक= |प्रकाशक=नागरी मुद्रण, वाराणसी |संकलन= |संपादन= |पृष्ठ संख्या=08|url=|ISBN=}}</ref>
  
 
[[अंगार]] या दहकती हुई [[आग]] पर हो रखकर पकाया हुआ खाना, जैसे- कबाब, नान खताई इत्यादि।
 
[[अंगार]] या दहकती हुई [[आग]] पर हो रखकर पकाया हुआ खाना, जैसे- कबाब, नान खताई इत्यादि।

13:36, 16 जनवरी 2020 का अवतरण

अंगारपाचित - संज्ञा पुल्लिंग (संस्कृत अङ्गारपाचित)[1]

अंगार या दहकती हुई आग पर हो रखकर पकाया हुआ खाना, जैसे- कबाब, नान खताई इत्यादि।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिंदी शब्दसागर, प्रथम भाग |लेखक: श्यामसुंदरदास बी. ए. |प्रकाशक: नागरी मुद्रण, वाराणसी |पृष्ठ संख्या: 08 |

संबंधित लेख

"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=अंगारपाचित&oldid=639333" से लिया गया