गुरुत्व  

व्यवस्थापन (वार्ता | योगदान) द्वारा परिवर्तित 14:05, 15 मार्च 2018 का अवतरण (Text replacement - "आर्यभट्ट" to "आर्यभट")

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)

गुरुत्व (अंग्रेज़ी: Gravity) अर्थात् वह आकर्षण बल, जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केन्द्र की ओर खींचती है। यही कारण है कि मुक्त रूप से ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तुयें पृथ्वी की सतह पर आकर गिरती हैं।

  • उल्लेखनीय है कि किसी वस्तु पर लगने वाला 'गुरुत्वीय बल' ही उसका भार कहलाता है। सर्वप्रथम आर्यभट ने बताया कि पृथ्वी सभी वस्तुओं को अपनी ओर खींचती है।
  • न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के अनुसार दो पिंडों के बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है। यदि इनमें से एक पिंड पृथ्वी हो तो इस आकर्षण बल को 'गुरुत्व' कहते हैं।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=गुरुत्व&oldid=620773" से लिया गया