मानसी काव्य-क्रिया कला  

व्यवस्थापन (वार्ता | योगदान) द्वारा परिवर्तित 15:52, 13 अक्टूबर 2011 का अवतरण (Text replace - "कला" to " कला ")

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)

जयमंगल के मतानुसार चौंसठ कलाओं में से यह एक कला है। किसी श्लोक में छोड़े हुए पद को मन से पूरा करने की कला।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=मानसी_काव्य-क्रिया_कला&oldid=225793" से लिया गया