"शनिवार व्रत" के अवतरणों में अंतर  

[अनिरीक्षित अवतरण][अनिरीक्षित अवतरण]
छो (Text replace - "==सम्बंधित लिंक==" to "==संबंधित लेख==")
छो (Text replace - " {{लेख प्रगति |आधार=आधार1 |प्रारम्भिक= |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}" to "")
पंक्ति 3: पंक्ति 3:
 
*श्रावण के चार शनिवारों के [[नैवेद्य]] हैं–[[चावल]] एवं [[उर्द]] एक साथ पकाया हुआ, [[पायस]], [[अम्बिली]] (चावल के आटे एवं मक्खन वाले [[दूध]] से बनी लप्सी) एवं पूरिका ([[गेहूँ]] की रोटी)।
 
*श्रावण के चार शनिवारों के [[नैवेद्य]] हैं–[[चावल]] एवं [[उर्द]] एक साथ पकाया हुआ, [[पायस]], [[अम्बिली]] (चावल के आटे एवं मक्खन वाले [[दूध]] से बनी लप्सी) एवं पूरिका ([[गेहूँ]] की रोटी)।
 
*स्मृतिकौस्तुभ<ref>स्मृतिकौस्तुभ 555-56</ref> में [[स्कन्द पुराण]] से उद्धृत शनैश्चर का स्तोत्र है।  
 
*स्मृतिकौस्तुभ<ref>स्मृतिकौस्तुभ 555-56</ref> में [[स्कन्द पुराण]] से उद्धृत शनैश्चर का स्तोत्र है।  
{{लेख प्रगति
 
|आधार=आधार1
 
|प्रारम्भिक=
 
|माध्यमिक=
 
|पूर्णता=
 
|शोध=
 
}}
 
 
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==
 
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==
 
<references/>
 
<references/>

12:56, 7 दिसम्बर 2010 का अवतरण

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. स्मृतिकौस्तुभ 555-56

संबंधित लेख

"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=शनिवार_व्रत&oldid=92768" से लिया गया