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सुरजीत सिंह बरनाला

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सुरजीत सिंह बरनाला
सुरजीत सिंह बरनाला
पूरा नाम सुरजीत सिंह बरनाला
जन्म 21 अक्टूबर, 1925
मृत्यु 14 जनवरी, 2017
मृत्यु स्थान चंडीगढ़, पंजाब
पति/पत्नी सुरजीत कौर बरनाला
नागरिकता भारतीय
प्रसिद्धि राजनीतिज्ञ
पार्टी शिरोमणि अकाली दल
पद मुख्यमंत्री, पंजाब
कार्य काल मुख्यमंत्री-29 सितंबर, 1985 से 11 जून, 1987

राज्यपाल, तमिलनाडु-3 नवंबर, 2004 से 31 अगस्त, 2011
राज्यपाल, आंध्र प्रदेश-3 जनवरी, 2003 से 3 नवंबर, 2004
राज्यपाल, उत्तराखंड-9 नवंबर, 2000 से 7 जनवरी, 2003
केंद्रीय मंत्री, रसायन व उर्वरक-1998-1999

अन्य जानकारी सुरजीत सिंह बरनाला ने पंजाब की कमान ऐसे समय में संभाली थी, जब अस्सी के दशक में उग्रवाद पंजाब में चरम पर था।

सुरजीत सिंह बरनाला (अंग्रेज़ी: Surjit Singh Barnala, जन्म- 21 अक्टूबर, 1925; मृत्यु- 14 जनवरी, 2017) पंजाब में सक्रिय राजनीतिक दल शिरोमणि अकाली दल के राजनीतिज्ञ तथा भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे। वह 29 सितंबर, 1985 से 11 जून, 1987 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे।


  • सुरजीत सिंह बरनाला पंजाब के मुख्यमंत्री रहने के अलावा तमिलनाडु, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के राज्यपाल भी रहे।
  • उनकी पत्नी सुरजीत कौर बरनाला ने 2004 में शिरोमणि अकाली दल (लोंगोवल) बनाई थी, जिसका 2007 में फिर से अकाली दल में विलय हो गया था।
  • सुरजीत सिंह 1997 में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी थे। हालांकि वह कृष्णकांत से चुनाव हार गए थे।
  • उन्होंने पंजाब की कमान ऐसे समय में संभाली थी, जब अस्सी के दशक में उग्रवाद पंजाब में चरम पर था।
  • वर्ष 1985 की गर्मियों में संकटग्रस्त पंजाब में शांति बहाल करने के लिए राजीव-लोगोंवाल संधि किए जाने के बाद अकाली दल के उदारवादी नेता सुरजीत सिंह बरनाला मुख्यमंत्री बने।
  • तमिलनाडु का राज्यपाल रहते हुए सुरजीत सिंह बरनाला ने 1991 में द्रमुक सरकार भंग करने की सिफारिश करने से मना कर दिया था। उस समय चन्द्रशेखर प्रधानमंत्री थे। इनकार के बाद जब सुरजीत सिंह बरनाला का बिहार स्थानांतरण किया गया तो उन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफा देना ही उचित समझा।
  • चन्द्रशेखर की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने तब संविधान के अनुच्छेद 356 के 'अन्यथा' प्रावधान का उपयोग कर एम. करुणानिधि की सरकार भंग कर दी थी।
  • सुरजीत सिंह बरनाला उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के उपराज्यपाल भी रहे। वह केंद्र में मोरारजी देसाई की सरकार में कृषि मंत्री थे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रसायन एवं उर्वरक मंत्री थे।[1]
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टीका टिप्पणी और संदर्भ

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