सैला कर्मा नृत्य  

रविन्द्र प्रसाद (वार्ता | योगदान) द्वारा परिवर्तित 19:19, 16 अक्टूबर 2012 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)

सैला कर्मा नृत्य मध्य प्रदेश की गोंड जनजाति का लोकप्रिय पारम्पारिक नृत्य है। यह नृत्य कर्मा राजा एवं रानी को प्रसन्न करने हेतु किया जाता है।

  • नर्तक और नर्तकी को दो भागों में विभक्त होकर एक दूसरे का हाथ पकड़े वृत्ताकार एवं अर्द्ध वृत्ताकार घेरे में इस नृत्य को करते हैं।
  • नृत्य करते समय एक दल गीत गाता है तो दूसरा उसे दोहराता है।
  • मंदर एवं टिमकी सैला कर्मा नृत्य के प्रमुख वाद्य हैं। जैसे ही ये वाद्य बजते हैं, नृत्य की गति बढ़ने लगती है।
  • गोंड़ जनजाति का यह नृत्य सौन्दर्य एवं आकर्षण से युक्त होता है।[1]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश के लोक नृत्य (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 16 अक्टूबर, 2012।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=सैला_कर्मा_नृत्य&oldid=298801" से लिया गया