अगह  

शब्द संदर्भ
हिन्दी जो ग्रहण किये जाने के योग्य न हो, जिसे ग्रहण करना या पकड़ना कठिन हो, जिसे समझना या जिसका वर्णन करना असम्भव या कठिन हो।
-व्याकरण    व्युत्पत्ति सूचक, विशेषण
-उदाहरण   नृपगति अगह, गिरा जाति न गही है[1], जुक्ति जतन करि जोग अगह गहि।[2]
-विशेष   
-विलोम   
-पर्यायवाची   
संस्कृत अग्राह्य।
अन्य ग्रंथ
संबंधित शब्द
संबंधित लेख


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. तुलसीदास गीता., 1/87
  2. सूरसागर (10/3744

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=अगह&oldid=188193" से लिया गया