भूस्खलन  

भूस्खलन एक भूवैज्ञानिक घटना है। धरातली हलचलों जैसे पत्थर खिसकना या गिरना, पथरीली मिट्टी का बहाव, इत्यादि इसके अंतर्गत आते है। भू-स्खलन कई प्रकार के हो सकते हैं और इसमें चट्टान के छोटे-छोटे पत्थरों के गिरने से लेकर बहुत अधिक मात्रा में चट्टान के टुकड़े और मिट्टी का बहाव शामिल हो सकता है तथा इसका विस्तार कई किलोमीटर की दूरी तक हो सकता है। भारी वर्षा तथा बाढ़ या भूकम्प के आने से भू-स्खलन हो सकता है। मानव गतिवधियों, जैसे कि पेड़ों और वनस्पिति के हटाने, सड़क किनारे खड़ी चट्टानों के काटने या पानी के पाइपों में रिसाव से भी भू-स्खलन हो सकता है।

सावधानियाँ एवं उपाय

भू-स्खलन से पहले

भू-स्खलन से पहले की गई तैयारी से आपको अपने घर तथा व्यापार को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी तथा आपकी जीवित बच निकलने में सहायक होगी।

  • अपनी काउंसिल से पता लगाएं कि आपके इलाके में पहले भी कभी भू-स्खलन हुआ है तथा उनके दुबारा कहाँ होने की संभावना है।
  • धरती के हिलने के चिन्हों की जाँच करें। इन चिन्हों में निम्नलिखित शामिल हैं:
    • दरवाज़े तथा खिड़िकयों की चौखटों में अटकन।
    • दरारें जहां चौखटें ठीक से नहीं बैठ रही हों या फिट हो रही हों।
    • डैक तथा बरामदे बाकी के सारे घर से कुछ दूरी पर खिसक या झुक रहे हों।
    • धरती, सड़क या फुटपाथ में नई दरारें या उभार आ गए हों।
    • पेड़ों, रिटेनिंग (प्रतिधारक) दीवारों या फेन्सिस (बाड़ों) में झुकाव आना।
    • ऐसे इलाके जो सामान्य रूप से गीले नहीं होते वहां पानी का अचानक निकलना, रिसाव या रूकाव होना यदि आपको लगता है कि भू-स्खलन होने वाला है आपके लिए यह जानना ज़रूरी है कि ऐसे में आपकी तुरन्त क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए।
    • निष्क्रमण करें (बाहर निकलें) तथा अपने साथ अपनी गेटअवे किट (प्रस्थान के समय साथ ले जाने की पेटी) लेकर जाएं।
    • अपने स्थानीय सिविल डिफेन्स एमरजेंसी मैनेजमैंट आफिस से सम्पर्क करें।
    • उन पड़ोसियों को सूचित करें जिनके इससे प्रभावित होने की संभावना है।
  • जगह छोड़कर निकलें और अपनी गेटअवे किट साथ ले जाएं। अपने पालतू पशुओं को साथ लें और पशुधन को सुरक्षित पशुबाड़ों तक पहुंचा दें यदि आप सुरक्षित रूप से ऐसा कर सकें।
  • पड़ोसियों को सचेत करें जो प्रभावित हो सकते हों और उनकी मदद करें जिनको स्‍थान छोड़कर बच निकलने में सहायता की ज़रूरत हो।
  • आपातकालीन सेवाओं और आपके स्‍थानीय काउंसिल को खतरे की खबर करने के लिए उनसे सम्‍पर्क करें।

भू-स्खलन के बाद

  • यह ध्‍यान में रखें कि अभी और भी भूस्‍खलन हो सकता है। प्रभावित स्‍थलों से तब तक दूर ही बने रहें जब तक‍ कि इसका समुचित निरीक्षण न कर लिया जाए और प्राधिकारी इसे बिल्‍कुल सही न घोषित कर दें।
  • उपयोगी सेवाओं की टूटी लाईनों की जांच करें और उपयुक्‍त प्राधिकारियों को इसकी सूचना दें।
  • यदि आपकी संपत्ति नष्‍ट हो गई हो, तो बीमा उद्देश्‍यों के लिए इसका विवरण लिखें और फोटो खींच लें। यदि आपकी सम्‍पत्ति किराए की है, तो जितनी जल्‍दी संभव हो सके अपने मकान-मालिक तथा अपनी बीमा कंपनी से संपर्क करें।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भूस्‍खलन (हिंदी) get ready get thru। अभिगमन तिथि: 4 जुलाई, 2013।

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