वाक्पतिराज  

वाक्पतिराज कन्नौज के मौखरि वंश के राजा यशोवर्मन के दरबार में उसका राज कवि था। उसे यशोवर्मन द्वारा राजकीय संरक्षण प्राप्त था।

  • संस्कृत के प्रसिद्ध नाट्यकार भवभूति तथा प्राकृत कवि वाक्पतिराज यशोवर्मन के राजदरबार की शोभा थे।
  • यशोधर्मन को हराने के बाद उसके दरबारी कवियों भवभूति तथा वाक्पतिराज को ललितादित्य ने कश्मीर बुलाकर अपने दरबार में रख लिया था।
  • वाक्पतिराज द्वारा प्राकृत भाषा में रचित ग्रंथ 'गौड़वहो' से कन्नौज नरेश यशोवर्मन के विषय में जानकारी मिलती है।


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