<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="hi">
	<id>https://bharatdiscovery.org/w/api.php?action=feedcontributions&amp;feedformat=atom&amp;user=%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A5%8C%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%96%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%A8</id>
	<title>Bharatkosh - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://bharatdiscovery.org/w/api.php?action=feedcontributions&amp;feedformat=atom&amp;user=%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A5%8C%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%96%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%A8"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8/%E0%A4%AB%E0%A4%BC%E0%A5%8C%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE_%E0%A4%96%E0%A4%BC%E0%A4%BE%E0%A4%A8"/>
	<updated>2026-07-02T06:36:29Z</updated>
	<subtitle>सदस्य द्वारा योगदान</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.41.1</generator>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80&amp;diff=302861</id>
		<title>साड़ी</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80&amp;diff=302861"/>
		<updated>2012-11-19T17:44:05Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:Indian-Sari.jpg|thumb|250px|साड़ी में महिलायें]]&lt;br /&gt;
'''साड़ी''' भारतीय उपमहाद्वीप में स्त्रियों का प्रमुख बाह्म पहनावा है। पांच या छह मीटर लंबे कपड़े के टुकड़े के रूप में तैयार साड़ी रेशमी, सूती या कृत्रिम कच्चे माल की बनी होती है, जो छापे, बुने डिज़ाइन वाली साड़ी का एक छोर एक कंधे के उपर से होकर बाई या दाई ओर लटकता छोड़ दिया जाता है अथवा सिर पर ओढ़ा जाता है।&lt;br /&gt;
====इतिहास====&lt;br /&gt;
दूसरी [[शताब्दी]] ई.पू. की [[मूर्तिकला|मूर्तियों]] में पुरुषों और स्त्रियों के शरीर के ऊपरी भाग को अनावृत दर्शाया गया है। ये कमर के गिर्द साड़ी इस प्रकार लपेटे हुए हैं कि पैरों के बीच सामने वाले भाग में चुन्नटें बन जाती हैं। इसमें 12वीं सदी तक कोई ख़ास परिवर्तन नहीं हुआ। [[भारत]] के उत्तरी और मध्य भाग को जीतने के बाद [[मुसलमान|मुसलमानों]] ने ज़ोर दिया कि शरीर को पूरी तरह ढका जाए। [[हिंदू]] महिलाएं साड़ी को एक छोटे अंग वस्त्र (ब्लाउज) तथा लहंगे (पेटीकोट) के साथ पहनती हैं, जिसमें साड़ी को खोंसकर कमर से पैर तक एक लंबा घेरा बना लिया जाता हौ। [[महाराष्ट्र]] में अक्सर नौगज़ी साड़ी लांधदार बांधी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{वेशभूषा}}&lt;br /&gt;
[[Category:वेशभूषा]]&lt;br /&gt;
[[Category:संस्कृति कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:नया पन्ना नवम्बर-2012]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Indian-Sari.jpg&amp;diff=302860</id>
		<title>चित्र:Indian-Sari.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Indian-Sari.jpg&amp;diff=302860"/>
		<updated>2012-11-19T17:43:58Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[साड़ी]] में महिलायें&lt;br /&gt;
|चित्रांकन=[http://www.flickr.com/people/ggraves/ Gary Graves]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत=www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/21887846@N05/2467654129/ Indian Sari]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार=[http://www.flickr.com/photos/ggraves/ gary graves' photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=भारतीय पारंपरिक परिधान साड़ी है। [[भारत]] में साड़िया तरह-तरह से पहनी जाती है।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}}&lt;br /&gt;
|Share Alike=&lt;br /&gt;
|No Derivative Works={{No Derivative Works}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE&amp;diff=302859</id>
		<title>सदस्य वार्ता:गोविन्द राम</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE&amp;diff=302859"/>
		<updated>2012-11-19T17:32:00Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: /* साड़ी */ नया विभाग&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;__TOC__&lt;br /&gt;
== सिल्क रूट ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'सिल्क रूट'  ('रेशम मार्ग') का लेख तैयार करें देखें [[समरकन्द]] [[चित्र:Admin-logo.jpg|प्रशासक|link=User:आदित्य चौधरी]] [[User:आदित्य चौधरी|आदित्य चौधरी &amp;lt;sub style=&amp;quot;color:#8f30f1&amp;quot;&amp;gt;प्रशासक&amp;lt;/sub&amp;gt;]] '''.''' &amp;lt;sub&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:आदित्य चौधरी/2|वार्ता]]&amp;lt;/sub&amp;gt; 17:18, 2 अप्रॅल 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== शाह शुजा ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'शाह शुजा' बहुविकल्पी बनेगा। देखें: [[खजुहा]] , [[शाहशुजा]] [[चित्र:Admin-logo.jpg|प्रशासक|link=User:आदित्य चौधरी]] [[User:आदित्य चौधरी|आदित्य चौधरी &amp;lt;sub style=&amp;quot;color:#8f30f1&amp;quot;&amp;gt;प्रशासक&amp;lt;/sub&amp;gt;]] '''.''' &amp;lt;sub&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:आदित्य चौधरी/2|वार्ता]]&amp;lt;/sub&amp;gt; 20:34, 2 अप्रॅल 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== नया लेख ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शास्त्रीय गायक पं. कुमार गंधर्व का लेख तैयार करें [[चित्र:Admin-logo.jpg|प्रशासक|link=User:आदित्य चौधरी]] [[User:आदित्य चौधरी|आदित्य चौधरी &amp;lt;sub style=&amp;quot;color:#8f30f1&amp;quot;&amp;gt;प्रशासक&amp;lt;/sub&amp;gt;]] '''.''' &amp;lt;sub&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:आदित्य चौधरी/2|वार्ता]]&amp;lt;/sub&amp;gt; 21:57, 2 अप्रॅल 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{toc}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:सदस्य वार्ता]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पेज देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[सदस्य:प्रीति चौधरी/अभ्यास पन्ना2]], [[सदस्य:प्रीति चौधरी/अभ्यास पन्ना3]], [[सदस्य:प्रीति चौधरी/अभ्यास पन्ना5]] पेज देखें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:प्रीति चौधरी]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:प्रीति चौधरी|प्रीति चौधरी]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:प्रीति चौधरी|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  11:09, 27 अप्रॅल 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पेज देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पेज [[नागार्जुन बौद्धाचार्य]], [[निम्बार्काचार्य]], [[वात्स्यायन]], [[अरबिंदो घोष]], [[रघुनाथ शिरोमणि]], [[अभिनवगुप्त]], [[अकलंकदेव]] देखें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:प्रीति चौधरी]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:प्रीति चौधरी|प्रीति चौधरी]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:प्रीति चौधरी|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  11:07, 1 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[इबने अरबी]], [[उदयन दार्शनिक|उदयन]], [[उद्योतकर]], [[सर्वपल्ली राधाकृष्णन का दर्शन]], [[कुमारिल भट्ट]], [[चाणक्य]], [[माणिक्यनन्दि]], [[गंगेशोपाध्याय]], [[कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य]], [[पतंजलि (महाभाष्यकार)]], [[मध्वाचार्य]], [[गौडपाद]], [[चैतन्य महाप्रभु]], [[जैमिनि]], [[रामानुज]] आदि पन्ने देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  17:08, 1 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पेज देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[पतंजलि (योगसूत्रकार)]], [[प्रभाकर मिश्र]], [[पाणिनि]], [[धर्मकीर्ति बौद्धाचार्य]] पेज देखें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:प्रीति चौधरी]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:प्रीति चौधरी|प्रीति चौधरी]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:प्रीति चौधरी|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  11:08, 3 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== Help upload photo ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Hello, I'm new user. How do I upload a photo? Please help. --[[सदस्य:Neonlight|Neonlight]] 09:51, 4 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सूचना बक्सा देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[चाचा नेहरू बाल संग्रहालय तिरुअनंतपुरम]], [[गुड़ियों का संग्रहालय दिल्ली]], [[केलकर संग्रहालय]], [[केंद्रीय संग्रहालय इन्दौर]], [[कालीबंगा संग्रहालय]], [[आनंद भवन]] के पन्नों में सूचना बक्सा देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  18:23, 8 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सूचना बक्सा देखें  ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[हस्त शिल्पकला संग्रहालय दिल्ली]], [[राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली]], [[राष्ट्रीय रेल संग्रहालय दिल्ली]], [[राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय]], [[रणजीत सिंह संग्रहालय]], [[द प्रिंस ऑफ़ वेल्स संग्रहालय, [[सारनाथ संग्रहालय]], [[राजकीय संग्रहालय त्रिपुरा]], [[पटना संग्रहालय]] के पन्नों में सूचना बक्सा देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  18:31, 9 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सामान्य ज्ञान ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[सदस्य:प्रीति चौधरी/अभ्यास पन्ना]] और [[सदस्य:रविन्द्र प्रसाद/अभ्यास]] की जाँच कर लें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:रविन्द्र प्रसाद]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:रविन्द्र प्रसाद|रविन्द्र   प्रसाद]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:रविन्द्र प्रसाद|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt; 17:09, 20 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सूचना बक्सा देखें   ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[क़ुर्रतुलऐन हैदर]], [[नागार्जुन]], [[यू. आर. अनंतमूर्ति]] सूचना बक्सा देखें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:प्रीति चौधरी]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:प्रीति चौधरी|प्रीति चौधरी]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:प्रीति चौधरी|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  18:11, 29 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पेज देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[घाट]], [[तेलुगु साहित्य]], [[केकड़ा]] पेज देखें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:प्रीति चौधरी]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:प्रीति चौधरी|प्रीति चौधरी]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:प्रीति चौधरी|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  18:14, 29 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ना देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[गंगाबल झील]] का पन्ना देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  17:29, 30 मई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[दमदम]], [[देवदार]], [[शेषनाग झील]], [[सिडनी]] इन पन्नों को देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  16:57, 5 जून 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== नाम देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[प्रयोग:फ़ौज़िया4]] पन्ने में चित्रों के नाम देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  17:55, 7 जून 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सामान्य ज्ञान ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया सामान्य ज्ञान [[सदस्य:रविन्द्र प्रसाद/1]], [[सदस्य:रविन्द्र प्रसाद/2]] और [[सदस्य:रविन्द्र प्रसाद/4]] की जाँच कर लें।[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:रविन्द्र प्रसाद]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:रविन्द्र प्रसाद|रविन्द्र   प्रसाद]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:रविन्द्र प्रसाद|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt; 13:37, 21 जून 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें  ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[अजैविक संघटक]], [[जैविक संघटक]], [[ऊर्जा संघटक]], [[शांति स्तूप]], [[सुरु घाटी]], [[‎थिक्सी गोम्पा]], [[‎अलची गोम्पा]], [[शंकर गोम्पा]], [[मानसबल झील]], [[नागिन झील]], [[डक्सुम]], [[वेरीनाग]], [[कुकरनाग]], [[अचबल]], [[मार्तण्ड सूर्य मंदिर]], [[‎गोल गुम्बद]], [[लेह महल]], [[अजैविक कारक]], [[‎पारिस्थितिक कारक]], [[स्थलमण्डल]] इन पन्नों को देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  18:21, 18 जुलाई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें  ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[पारिस्थितिक तंत्र]], [[प्रदूषण]], [[पर्यावरन अवनयन]], [[जल प्रदूषण]], [[वायु प्रदूषण]], [[भूमि प्रदूषण]], [[ध्वनि प्रदूषण]], [[यूरो मानक]] इन पन्नों को देखें। --[[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  16:30, 23 जुलाई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें  ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[लोधी क़िला]], [[लेपाक्षी मंदिर]], [[रुद्रप्रयाग]], [[‎बेलम गुफ़ाएँ]], [[गोस्थानी नदी]], [[बोर्रा गुफ़ाएँ]], [[‎ग्रीन हाउस प्रभाव]] इन पन्नों को देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  16:41, 26 जुलाई 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[कुन्नूर]], [[चतुर्दश देवता मंदिर]] इन पन्नों को देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  17:00, 1 अगस्त 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== पन्ने देखें  ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[अंतरंजी खेड़ा]] और [[अतरंजीखेड़ा]] के पन्नों को देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  16:23, 6 अगस्त 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== Smettems ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
मुझे लगा की [[शार्क]] एक प्रचलित नाम नहीं था और इसी ही लिए मैंने अनुप्रेषित किया। &lt;br /&gt;
मैं समझ गया और फिर ऐसे कुछ नहीं करूंगा। &lt;br /&gt;
मेरा कुछ ख़राब इरादों नहीं था। [[सदस्य:Smettems|Smettems]] 19:47, 19 अक्टूबर 2012 (IST)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== साड़ी ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कृपया [[साड़ी]] का पन्ना देखें। [[चित्र:nib4.png|35px|top|link=User:फ़ौज़िया ख़ान]]&amp;lt;span class=&amp;quot;sign&amp;quot;&amp;gt;[[User:फ़ौज़िया ख़ान|फ़ौज़िया ख़ान]] . &amp;lt;small&amp;gt;[[सदस्य वार्ता:फ़ौज़िया ख़ान|वार्ता]]&amp;lt;/small&amp;gt;&amp;lt;/span&amp;gt;  23:02, 19 नवम्बर 2012 (IST)&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%BE&amp;diff=302858</id>
		<title>साँचा:वेशभूषा</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B7%E0%A4%BE&amp;diff=302858"/>
		<updated>2012-11-19T17:16:43Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Navbox&lt;br /&gt;
|name=वेशभूषा &lt;br /&gt;
|title =[[:श्रेणी:वेशभूषा|वेशभूषा]]&lt;br /&gt;
|titlestyle =background:#9debff;&lt;br /&gt;
|groupstyle =background:#9debff;&lt;br /&gt;
|liststyle =padding-left:5px; padding-right:5px; background:#d7f6fe;&lt;br /&gt;
|listpadding=0.5em 0em;&lt;br /&gt;
|image=&lt;br /&gt;
|imagestyle=background:#ffecec;&lt;br /&gt;
|imageleft =&lt;br /&gt;
|imageleftstyle=&lt;br /&gt;
|style =&lt;br /&gt;
|basestyle= &lt;br /&gt;
|navbar=&lt;br /&gt;
|above=&lt;br /&gt;
|abovestyle=&lt;br /&gt;
|state=&amp;lt;includeonly&amp;gt;uncollapsed&amp;lt;/includeonly&amp;gt;&lt;br /&gt;
|oddstyle=&lt;br /&gt;
|evenstyle=&lt;br /&gt;
|group1 = &lt;br /&gt;
|group1style=&lt;br /&gt;
|list1 =[[ओढ़नी]] '''·''' [[घाघरा]] '''·''' [[धोती]] '''·''' [[शेरवानी]] '''·''' [[पटोला]] '''·''' [[ख़ाकी]] '''·''' [[साड़ी]]&lt;br /&gt;
|list1style=&lt;br /&gt;
|group2 = &lt;br /&gt;
|group2style=&lt;br /&gt;
|list2 = &lt;br /&gt;
|group3= &lt;br /&gt;
|group3style=&lt;br /&gt;
|list3= &lt;br /&gt;
|list3style=&lt;br /&gt;
|group4= &lt;br /&gt;
|group4style=&lt;br /&gt;
|list4= &lt;br /&gt;
|list4style=&lt;br /&gt;
|group5= &lt;br /&gt;
|group5style=&lt;br /&gt;
|list5 = &lt;br /&gt;
|list5style=&lt;br /&gt;
|group6=&lt;br /&gt;
|group6style=&lt;br /&gt;
|list6=&lt;br /&gt;
|list6style=&lt;br /&gt;
|group7=&lt;br /&gt;
|group7style=&lt;br /&gt;
|list7=&lt;br /&gt;
|list7style=&lt;br /&gt;
|group8=&lt;br /&gt;
|group8style=&lt;br /&gt;
|list8=&lt;br /&gt;
|list8style=&lt;br /&gt;
|group9=&lt;br /&gt;
|group9style=&lt;br /&gt;
|list9=&lt;br /&gt;
|list9style=&lt;br /&gt;
|group10=&lt;br /&gt;
|group10style=&lt;br /&gt;
|list10 =&lt;br /&gt;
|list10style=&lt;br /&gt;
|group11=&lt;br /&gt;
|group11style=&lt;br /&gt;
|list11=&lt;br /&gt;
|list11style=&lt;br /&gt;
|group12=&lt;br /&gt;
|group12style=&lt;br /&gt;
|list12=&lt;br /&gt;
|list12style=&lt;br /&gt;
|group13=&lt;br /&gt;
|group13style=&lt;br /&gt;
|list13=&lt;br /&gt;
|list13style=&lt;br /&gt;
|group14=&lt;br /&gt;
|group14style=&lt;br /&gt;
|list14=&lt;br /&gt;
|list14style=&lt;br /&gt;
|group15=&lt;br /&gt;
|group15style=&lt;br /&gt;
|list15 =&lt;br /&gt;
|list15style=&lt;br /&gt;
|group16=&lt;br /&gt;
|group16style=&lt;br /&gt;
|list16=&lt;br /&gt;
|list16style=&lt;br /&gt;
|group17=&lt;br /&gt;
|group17style=&lt;br /&gt;
|list17=&lt;br /&gt;
|list17style=&lt;br /&gt;
|group18=&lt;br /&gt;
|group18style=&lt;br /&gt;
|list18=&lt;br /&gt;
|list18style=&lt;br /&gt;
|group19=&lt;br /&gt;
|list19=&lt;br /&gt;
|group20=&lt;br /&gt;
|list20=&lt;br /&gt;
|below=&lt;br /&gt;
|belowstyle=&lt;br /&gt;
}}&amp;lt;noinclude&amp;gt;[[Category:संस्कृति संबंधित साँचे]]&amp;lt;/noinclude&amp;gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80&amp;diff=302857</id>
		<title>वार्ता:साड़ी</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80&amp;diff=302857"/>
		<updated>2012-11-19T17:15:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{वार्ता}}' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{वार्ता}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80&amp;diff=302856</id>
		<title>साड़ी</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80&amp;diff=302856"/>
		<updated>2012-11-19T17:12:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{पुनरीक्षण}} '''साड़ी''' भारतीय उपमहाद्वीप में स्त्रिय...' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
'''साड़ी''' भारतीय उपमहाद्वीप में स्त्रियों का प्रमुख बाह्म पहनावा है। पांच या छह मीटर लंबे कपड़े के टुकड़े के रूप में तैयार साड़ी रेशमी, सूती या कृत्रिम कच्चे माल की बनी होती है, जो छापे, बुने डिज़ाइन वाली साड़ी का एक छोर एक कंधे के उपर से होकर बाई या दाई ओर लटकता छोड़ दिया जाता है अथवा सिर पर ओढ़ा जाता है।&lt;br /&gt;
====इतिहास====&lt;br /&gt;
दूसरी [[शताब्दी]] ई.पू. की [[मूर्तिकला|मूर्तियों]] में पुरुषों और स्त्रियों के शरीर के ऊपरी भाग को अनावृत दर्शाया गया है। ये कमर के गिर्द साड़ी इस प्रकार लपेटे हुए हैं कि पैरों के बीच सामने वाले भाग में चुन्नटें बन जाती हैं। इसमें 12वीं सदी तक कोई ख़ास परिवर्तन नहीं हुआ। [[भारत]] के उत्तरी और मध्य भाग को जीतने के बाद [[मुसलमान|मुसलमानों]] ने ज़ोर दिया कि शरीर को पूरी तरह ढका जाए। [[हिंदू]] महिलाएं साड़ी को एक छोटे अंग वस्त्र (ब्लाउज) तथा लहंगे (पेटीकोट) के साथ पहनती हैं, जिसमें साड़ी को खोंसकर कमर से पैर तक एक लंबा घेरा बना लिया जाता हौ। [[महाराष्ट्र]] में अक्सर नौगज़ी साड़ी लांधदार बांधी जाती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{वेशभूषा}}&lt;br /&gt;
[[Category:वेशभूषा]]&lt;br /&gt;
[[Category:संस्कृति कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:नया पन्ना नवम्बर-2012]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Nagercoil.jpg&amp;diff=295154</id>
		<title>चित्र:Nagercoil.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Nagercoil.jpg&amp;diff=295154"/>
		<updated>2012-09-29T09:21:58Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[नागरकोइल]] का एक दृश्य, [[तमिलनाडु]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/mugunthkumar/ Mugunth Kumar]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/mugunthkumar/4353228422/ Nagercoil]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/mugunthkumar/ Mugunth Kumar's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=नागरकोइल सुदूर दक्षिण [[तमिलनाडु]] राज्य, [[दक्षिण भारत]] में स्थित शहर है। यह पश्चिमी घाट के अरामबोली क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। [[चेन्नई]] (भूतपूर्व मद्रास) और [[तिरुवनंतपुरम]] (भूतपूर्व त्रिवेंद्रम) को जोड़ने वाला मार्ग यहाँ से होकर गुजरता है। यह एक समृद्ध कृषि क्षेत्र का वाणिज्यिक केंद्र है।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike={{Share Alike}} &lt;br /&gt;
|No Derivative Works=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%87%E0%A4%B2&amp;diff=295153</id>
		<title>नागरकोइल</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%87%E0%A4%B2&amp;diff=295153"/>
		<updated>2012-09-29T09:21:34Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Nagercoil.jpg|thumb|250px|नागरकोइल का एक दृश्य, [[तमिलनाडु]]]]&lt;br /&gt;
'''नागरकोइल''' सुदूर दक्षिण [[तमिलनाडु]] राज्य, [[दक्षिण भारत]] में स्थित शहर है। यह पश्चिमी घाट के अरामबोली क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। [[चेन्नई]] (भूतपूर्व मद्रास) और [[तिरुवनंतपुरम]] (भूतपूर्व त्रिवेंद्रम) को जोड़ने वाला मार्ग यहाँ से होकर गुजरता है। यह एक समृद्ध कृषि क्षेत्र का वाणिज्यिक केंद्र है।&lt;br /&gt;
*नागरकोइल नाम का अर्थ है- &amp;quot;सर्प मंदिर&amp;quot;। यह इस शहर के प्राचीन [[शिव]] मंदिर के महत्त्व को दर्शाता है।&lt;br /&gt;
*ऐतिहासिक रूप से नागरकोइल त्रावणकोर के [[हिन्दू]] राज्य का हिस्सा था, लेकिन अब नागरकोइल एक महत्वपूर्ण [[ईसाई]] केंद्र के रूप मे विकासित हो चुका है।&lt;br /&gt;
*नगर के विस्तारशील उद्योगों में [[कपास]] व [[चावल]] की मिलें, मोटर मरम्मत और [[रबड़]] के समान का निर्माण शामिल है।&lt;br /&gt;
*इस नगर में कई महाविधालय हैं, जो [[तिरुनेल्वेली]] में स्थित (मनोनमणियम सुंदरानर) विश्वविधालय से संबद्ध है।&lt;br /&gt;
*नागरकोइल के लगभग 14 कि.मी. पश्चिम में पर्यटन स्थल 'पद्मनाभपुरम महल' है, जो पहले त्रावणकोर के राजा का निवास स्थान था।&lt;br /&gt;
*यहाँ की जनसंख्या सन [[2001]] के अनुसार 2,08,149 है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{तमिलनाडु के नगर}}{{तमिलनाडु के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:तमिलनाडु]][[Category:तमिलनाडु के नगर]][[Category:भारत के नगर]][[Category:तमिलनाडु के पर्यटन स्थल]][[Category:पर्यटन कोश]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Nagercoil.jpg&amp;diff=295150</id>
		<title>चित्र:Nagercoil.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Nagercoil.jpg&amp;diff=295150"/>
		<updated>2012-09-29T09:15:55Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE_%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97&amp;diff=295148</id>
		<title>कोलाबा दुर्ग</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%BE_%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97&amp;diff=295148"/>
		<updated>2012-09-29T09:01:33Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Kolaba-Fort-Alibag.jpg|thumb|250px|कोलाबा दुर्ग, [[मुंबई]]]]&lt;br /&gt;
'''कोलाबा दुर्ग''' [[मुंबई]] के दक्षिण में केवल 40 किमी की दूरी पर अलीबाग़ समुद्र तट के बहुत नजदीक स्थित है। यह एक द्वीपीय दुर्ग है, जहाँ जाने के लिए नाव का प्रयोग किया जाता है। किंतु भाटे के समय इसके मुख्य द्धार तक पैदल भी पहुँचा जा सकता है। एक समय कोलाबा दुर्ग एक छोटी सैनिक चौकी हुआ करता था, किंतु [[छत्रपति शिवाजी]] के समय इसका व्यापक रूपांतरण, नवीनीकरण व सुदृढ़ीकरण किया गया।&lt;br /&gt;
{{tocright}}&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
इस दुर्ग का [[इतिहास]] [[मराठा]] नौसेना से जुड़ा हुआ है। मराठों के महान 'सरखेल' या 'एडमिरल' कान्होजी आंग्रे के प्रयासों से मराठा नौसेना शक्ति अपने शौर्य के शिखर पर पहुँच गई थी। कोलाबा दुर्ग पर अधिकार जमाने के उदेश्य से [[जंजीरा क़िला|जंजीरा]] के सिद्धियों और [[पुर्तग़ाल]] के सैन्य बल ने भी अभियान चलाया, परन्तु हर बार उन्हें असफलता ही हाथ लगी। कान्होजी आंग्रे और उनके उत्तराधिकारी सर्फोजी के बाद दो आंग्रे बंधुओं मानाजी और संभाजी की आपसी कलह में [[पेशवा]] को हस्तक्षेप करना पड़ा। दो भाइयों में&amp;lt;ref&amp;gt;दो भागों में विभाजित आंग्रे वर्चस्व में&amp;lt;/ref&amp;gt; मानाजी को कोलाबा और उत्तरी क्षेत्र मिला। [[चित्र:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg|thumb|250px|left|कोलाबा दुर्ग, [[मुंबई]]]] पेशवा ने सदैव ही मानाजी का पक्ष लिया और इसके परिणामस्वरूप विजयदुर्ग में संभाजी के उत्तराधिकारी तुलाजी के नौसैनिक बेड़े के पतन के उपरांत ही कोलाबा दुर्ग का महत्व भी तेजी से गिर गया।&lt;br /&gt;
====दुर्ग संरचना====&lt;br /&gt;
कोलाबा काफ़ी बडा दुर्ग था, जिसके जलाशय तथा देवालय अब भी मौजूद हैं, किंतु इसका प्राचीन भवन एक अर्सा पहले नष्ट हो गया। इसके ऊँचे परकोटे और 17 बुर्ज अभी भी बने हुए हैं। दुर्ग के मुख्य द्धार पूर्व की ओर हैं तथा इस पर खुदी पशु-पक्षियों की आकृतियाँ स्पष्ट दिखाई देती हैं। [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] के [[अंग्रेज़]] फ़ोर्व्स ने उन भवनों का वर्णन किया है, जिन्हें उन्होंने अपनी 1759 की यात्रा के दौरान देखा था। जिसमें एक महल, कोषालय, उद्यान और [[अफ़ग़ानिस्तान]] के अफ़ग़ानी घोडों के अस्तबल भी थे, जो 1753, 1756, 1757 और 1771 में हुए अग्निकांडों में नष्ट हो गए। 1771 की [[आग]] सर्वाधिक प्रंचड थी और उसमें अंधिकांश भवन जलकर राख हो गए थे। जो कुछ शेष बचा था, उसे बाद में अंग्रेज़ों ने नष्ट कर दिया। एक छोटा गढ़, जो मुख्य द्धार से अधिक दूर नही है, कोलाबा का 18वाँ बुर्ज कहलाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1|माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध=}}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल}}{{भारत के दुर्ग}}&lt;br /&gt;
[[Category:महाराष्ट्र]][[Category:महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]][[Category:स्थापत्य कला]][[Category:कला कोश]][[Category:पर्यटन_कोश]][[Category:भारत_के_दुर्ग]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg&amp;diff=295147</id>
		<title>चित्र:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg&amp;diff=295147"/>
		<updated>2012-09-29T09:01:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[कोलाबा दुर्ग]], [[मुंबई]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/khalilsawant/ खलील सावंत]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/khalilsawant/4406860050 The back gate of Kolaba Fort]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/khalilsawant/ Khalil Sawant's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=कोलाबा दुर्ग [[मुंबई]] के दक्षिण में केवल 40 किमी की दूरी पर अलीबाग़ समुद्र तट के बहुत नजदीक स्थित है। यह एक द्वीपीय दुर्ग है, जहाँ जाने के लिए नाव का प्रयोग किया जाता है। किंतु भाटे के समय इसके मुख्य द्धार तक पैदल भी पहुँचा जा सकता है। एक समय कोलाबा दुर्ग एक छोटी सैनिक चौकी हुआ करता था, किंतु [[छत्रपति शिवाजी]] के समय इसका व्यापक रूपांतरण, नवीनीकरण व सुदृढ़ीकरण किया गया।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike=&lt;br /&gt;
|No Derivative Works={{No Derivative Works}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag.jpg&amp;diff=295146</id>
		<title>चित्र:Kolaba-Fort-Alibag.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag.jpg&amp;diff=295146"/>
		<updated>2012-09-29T08:59:23Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[कोलाबा दुर्ग]], [[मुंबई]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/ranavikas/ विकास राणा]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/ranavikas/4662597182/ Kolaba Fort, Alibag]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/ranavikas/ ranavikas' photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=कोलाबा दुर्ग [[मुंबई]] के दक्षिण में केवल 40 किमी की दूरी पर अलीबाग़ समुद्र तट के बहुत नजदीक स्थित है। यह एक द्वीपीय दुर्ग है, जहाँ जाने के लिए नाव का प्रयोग किया जाता है। किंतु भाटे के समय इसके मुख्य द्धार तक पैदल भी पहुँचा जा सकता है। एक समय कोलाबा दुर्ग एक छोटी सैनिक चौकी हुआ करता था, किंतु [[छत्रपति शिवाजी]] के समय इसका व्यापक रूपांतरण, नवीनीकरण व सुदृढ़ीकरण किया गया।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial= &lt;br /&gt;
|Share Alike= &lt;br /&gt;
|No Derivative Works=&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg&amp;diff=295145</id>
		<title>चित्र:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag-1.jpg&amp;diff=295145"/>
		<updated>2012-09-29T08:55:23Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag.jpg&amp;diff=295144</id>
		<title>चित्र:Kolaba-Fort-Alibag.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Kolaba-Fort-Alibag.jpg&amp;diff=295144"/>
		<updated>2012-09-29T08:51:21Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B8&amp;diff=294745</id>
		<title>सारस</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B8&amp;diff=294745"/>
		<updated>2012-09-26T18:43:40Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Crane-Bird.jpg|thumb|सारस]]&lt;br /&gt;
'''सारस''' ([[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]]: ''Crane'') विश्व में सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी, दक्षिण एशिया का निवासी है। सारस का जंतु वैज्ञानिका नाम 'ग्रस एंटिगोन एंटिगोन' (Grus antigone antigone) है जो अब [[भारत]] में ही सीमित है, जबकि अन्य प्रजाति ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ भारत में [[असम]] से वियतनाम और यहाँ तक कि [[ऑस्ट्रेलिया]] में भी पाई जाती है, जहाँ ये [[1960]] के दशक के दौरान प्रवास कर गई थी। दूसरी प्रजाति का [[रंग]] इस्पाती-स्लेटी होता है, जबकि पहली प्रजाति की गर्दन पर [[सफ़ेद रंग|सफ़ेद]] पंख होते हैं।&lt;br /&gt;
==भारत में सारस==&lt;br /&gt;
भारतीय उपमहाद्वीप में नामित सारस प्रजाति पश्चिम में [[सिंध]] से पूर्व में असम तक उत्तर में [[कश्मीर]] से दक्षिण में [[गोदावरी नदी|गोदावरी]] की द्रोणी तक पाई जाती थी। वर्तमान में यह [[उत्तर प्रदेश]], [[गुजरात]], [[राजस्थान]], [[मध्य प्रदेश]], [[बिहार]] और उत्तरी [[महाराष्ट्र]] राज्यों में बहुतायत में पाई जाती है। किछ जोड़े [[हरियाणा]] और [[जम्मू-कश्मीर]] में भी देखे जा सकते हैं। भारत में ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ असम और [[मेघालय]] तक ही सीमित है।&lt;br /&gt;
====निवास स्थान====&lt;br /&gt;
सारस जलासिक्त क्षेत्र, दलदल, नदी थाले, तालाब, जलाशय, नहर रिसाव क्षेत्र और द्रोणियों में पाया जाने वाला पक्षी है। यह कृषि योग्य भूमि, बंजर खेत, ख़राब होती ज़मीन (खारी और जलक्रांत) तथा परती भूमि में भी निवास करता है। बच्चों की ज़िम्मेदारी से मुक्त जोड़ों को स्वयं को पानी वाले इलाकों तह सीमित नहीं रखना पड़ता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
विशेषकर बंजर और ऊसर भूमि जैसी खुली जगहें अल्पवयस्क सारसों का मिलन स्थल होती हैं। वे दोपाहर बाद और शाम को इन स्थानों पर जमा होते हैं और उस समय उनकी नाचने, गोल-गोल घूमने, पंख फैलाकर दौड़ने, चुनौती देने, झगड़ने, झुकने और पंजे के बल कूदने जैसी गतिविधियाँ देखी जा सकती हैं। ऐसी खुली जगहों में ही सारस की विख्यात जोड़ी बनती है।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Crane-Bird-1.jpg|thumb|300px|left|सारस]]&lt;br /&gt;
नर और मादा किसी एक के मरने तक एक-दूसरे के प्रति वफ़ादार रहते हैं। वे हमेशा एक-दूसरे के साथ-साथ पाए जाते हैं और उनका बंधन उनकी पीढ़ी को एक साथ फैलाता है, अपनी चोंच को आसमान की तरफ़ उठाता है और एक लंबी, गूंजती आवाज़ निकालता है। जवाब में मादा आसमान की तरफ़ चोंच करके नर की लंबी पुकार का दो बार छोटे स्वर में जवाब देती है। बिगुल जैसी यह पुकार सभी सारसों की विशेषता है और इसे काफ़ी दूर तक सुना जा सकता है।&lt;br /&gt;
=====घोंसला=====&lt;br /&gt;
सारस अपना घोंसला घनी [[वनस्पति|वनस्पतियों]] से भरे उथले तालाबों के पास बनाते हैं, इनका घोंसला आसपास के दलदल से लाए जलीय पौधों का ढेर होता है। घोंसला बनाने में मादा अहम भूमिका निभाती है। घोंसला टाइफ़ा अंगूस्टेटा की घनी पैदावार या दलदल के उभरे टीले या जलकुंभी से भरे तालाब में भी हो सकता है। पानी भरे [[धान]] के खेत घोंसले बनाने की एक अन्य जगह है, हालांकि किसान ऐसे घोंसलों को सहन नहीं करते हैं। घोंसले बनाने की समयावधि जलक्षेत्र में पानी के अनुसार [[जुलाई]] से [[अगस्त]] और [[दिसंबर]] से [[जनवरी]] तक होती है। [[अप्रैल]] में भी सारसों को घोंसले बनाते देखा गया है। जिस इलाक़े में घोंसले बनाए जाते हैं, उसका क्षेत्रफल 0.07 से 1 वर्ग किमी होता है। &lt;br /&gt;
====सारस के चूज़े====&lt;br /&gt;
सामान्यतः मादा सारस एक बार में दो अंडे देती है, जिन्हें मादा और नर बारी-बारी से सेते हैं। अंडे से चूज़े 28 से 31 दिन में निकलते है। सारस के चूज़े बहुत तेज़ी से बड़े होते हैं। अंड़े से बाहर आने के कुछ ही घंटों में घोंसले में और आसपास गतिविधि प्रारंभ कर देते हैं। जब भी उनके माता-पिता उन्हें सचेत करते हैं। वे दलदल में छिप जाते हैं। वे सात से नौ महीने बाद अपने माता-पिता पर निर्भर नहीं रहते। उनका पालन-पोषण दलदल में उपलब्ध प्रोटीनयुक्त आहार (कीड़े, मोलस्क, कभी-कभी [[मछली]]) से किया जाता है। वतस्त सारस का भोजन जलासिक्त क्षेत्रों के पौधों के प्रकंद, घास एवं प्रतृण के बीज, कीड़े, मोलस्क और [[सांप]] होते हैं। रात को उनका परिवार दलदल के टीले पर या पेड़ के नीचे रहता हैं।&lt;br /&gt;
==आवास को ख़तरा==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Crane-Bird-2.jpg|thumb|250px|सारस]]&lt;br /&gt;
[[1988]]-[[1989]] में दक्षिण एशिया में सारस की कुल संख्या 12 हज़ार आकी गई थी। आशंका है कि यह संख्या घट रही है। इनकी जन्मदर केवल 13 प्रतिशत है, जबकि यूरेशियाई (ग्रस ग्रस) और सैंडहिल (ग्रस केनेडेंसिस) सारस की जन्मदर 20 से 60 प्रतिशत है। सारस के चूज़े लबी घास से गुज़रते वक़्त वन एवं यूरेशियाई बिल्ली, नेवले और सियार का शिकार बन जाते हैं। जलासिक्त क्षेत्रों में भूमि के उपयोग के तरीक़े में परिवर्तन से प्रजनन और भरण-पोषण के लिए आवास की उपलब्धता में कमी आई है। फसल उत्पादन के तरीक़े में हुए बदलाव, यानी परंपरागत अनाज के बदले नकदी फसल उगाने के कारण सारस के भरण-पोषण पर भी असर पड़ा है। सारसों की मृत्यु के अन्य कारण विषैले कीटनाशक, गैर क़ानूनी शिकार तथा ऊपर लगे तारों से टकराना भी है। किसान भी अपने खेतों में घोंसलों को नष्ट कर देते हैं और यहां तक कि इस पक्षी को विष भी दे देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हाल के अध्ययनों से सारस की संख्या आमतौर पर [[राजस्थान]] में स्थिर लगती है और यह [[उत्तर प्रदेश]] और [[गुजरात]] में घट रही है। हाल ही में जून में पूरे भारत में की गई सारस की गणना के अनुसार, एक दिन में क़रीब 2,000 सारस गिने गए। सारस की संख्या भारत के कथित पिछड़े इलाक़ों में स्थिर रही है, जहां भूमि के उपयोग का परंपरागत तरीक़ा बरक़रार हों, वहां अकार्बनिक खाद और कीटनाशकों पर ज़ोर दिया जाता है। औद्योगिकीकरण और आधुनिक कृषि से सारस के आवास को ख़तरा है। सारसों के जोड़े इधर-उधर बिखरकर प्रजनन करते हैं और जलासिक्त भूमि की अवस्था व भोजन की उपलब्धता के अनुसार के क्षेत्र में चले जाते हैं, इसलिए अभयारण्य बनाकर इनकी रक्षा करना कठिन है। सारस की सुरक्षा का सर्वोत्तम तरीक़ा स्थानीय लोगों को संरक्षण पहल में शामिल करना और उन्हें पक्षी के आवास को साफ़-सुथरा रखने तथा अतिक्रमण और अत्यधिक दोहन से बचाने के लिए प्रेरित करना है।&lt;br /&gt;
==दांपत्य प्रेम का प्रतीक==&lt;br /&gt;
सारस के जोड़े को दांपत्य प्रेम का प्रतीक माना जाता है और [[महाकाव्य]] [[रामायण]] से इसका संबंध होने के कारण भारत में आमतौर पर इसका शिकार या उत्पीड़न नहीं किया जाता। इसलिए यह गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फल-फूल रहा है, लेकिन [[बिहार]] और पूर्वी इलाकों में यह लुप्त होने के स्थिति में आ गया है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{जीव जन्तु}}&lt;br /&gt;
[[Category:पक्षी]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्राणि विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्राणि विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-2.jpg&amp;diff=294744</id>
		<title>चित्र:Crane-Bird-2.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-2.jpg&amp;diff=294744"/>
		<updated>2012-09-26T18:40:48Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[सारस]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/magnificentfrigatebird/ Amy Evenstad]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/magnificentfrigatebird/7039424619 Whooping Crane]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/magnificentfrigatebird/ Powered By Birds' photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=सारस  ([[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]]: ''Crane'') विश्व में सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी, दक्षिण एशिया का निवासी है। सारस का जंतु वैज्ञानिका नाम 'ग्रस एंटिगोन एंटिगोन' (Grus antigone antigone) है जो अब [[भारत]] में ही सीमित है, जबकि अन्य प्रजाति ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ भारत में [[असम]] से वियतनाम और यहाँ तक कि [[ऑस्ट्रेलिया]] में भी पाई जाती है, जहाँ ये [[1960]] के दशक के दौरान प्रवास कर गई थी। दूसरी प्रजाति का [[रंग]] इस्पाती-स्लेटी होता है, जबकि पहली प्रजाति की गर्दन पर [[सफ़ेद रंग|सफ़ेद]] पंख होते हैं।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike={{Share Alike}} &lt;br /&gt;
|No Derivative Works= &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-1.jpg&amp;diff=294743</id>
		<title>चित्र:Crane-Bird-1.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-1.jpg&amp;diff=294743"/>
		<updated>2012-09-26T18:34:27Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[सारस]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/29985142@N02/ lyd anynom]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/29985142@N02/3489465967 whooping_cranes]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/29985142@N02/ lydanynom's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=सारस  ([[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]]: ''Crane'') विश्व में सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी, दक्षिण एशिया का निवासी है। सारस का जंतु वैज्ञानिका नाम 'ग्रस एंटिगोन एंटिगोन' (Grus antigone antigone) है जो अब [[भारत]] में ही सीमित है, जबकि अन्य प्रजाति ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ भारत में [[असम]] से वियतनाम और यहाँ तक कि [[ऑस्ट्रेलिया]] में भी पाई जाती है, जहाँ ये [[1960]] के दशक के दौरान प्रवास कर गई थी। दूसरी प्रजाति का [[रंग]] इस्पाती-स्लेटी होता है, जबकि पहली प्रजाति की गर्दन पर [[सफ़ेद रंग|सफ़ेद]] पंख होते हैं।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike={{Share Alike}} &lt;br /&gt;
|No Derivative Works= &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-2.jpg&amp;diff=294742</id>
		<title>चित्र:Crane-Bird-2.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-2.jpg&amp;diff=294742"/>
		<updated>2012-09-26T18:33:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird.jpg&amp;diff=294741</id>
		<title>चित्र:Crane-Bird.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird.jpg&amp;diff=294741"/>
		<updated>2012-09-26T18:29:21Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[सारस]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/matana/ Matana_and_Jes]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/matana/15723883/ Crane]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/matana/ Yai&amp;amp;JR's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=सारस  ([[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]]: ''Crane'') विश्व में सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी, दक्षिण एशिया का निवासी है। सारस का जंतु वैज्ञानिका नाम 'ग्रस एंटिगोन एंटिगोन' (Grus antigone antigone) है जो अब [[भारत]] में ही सीमित है, जबकि अन्य प्रजाति ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ भारत में [[असम]] से वियतनाम और यहाँ तक कि [[ऑस्ट्रेलिया]] में भी पाई जाती है, जहाँ ये [[1960]] के दशक के दौरान प्रवास कर गई थी। दूसरी प्रजाति का [[रंग]] इस्पाती-स्लेटी होता है, जबकि पहली प्रजाति की गर्दन पर [[सफ़ेद रंग|सफ़ेद]] पंख होते हैं।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike=&lt;br /&gt;
|No Derivative Works={{No Derivative Works}} &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-1.jpg&amp;diff=294740</id>
		<title>चित्र:Crane-Bird-1.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird-1.jpg&amp;diff=294740"/>
		<updated>2012-09-26T18:24:57Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird.jpg&amp;diff=294739</id>
		<title>चित्र:Crane-Bird.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Crane-Bird.jpg&amp;diff=294739"/>
		<updated>2012-09-26T18:16:02Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg&amp;diff=294738</id>
		<title>चित्र:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg&amp;diff=294738"/>
		<updated>2012-09-26T18:01:39Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=रामालिंगा विलासम महल, [[रामनाथपुरम]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/skip/ Skip The Budgie]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/skip/302764350/ palace]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/skip/ Skip The Budgie's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=रामनाथपुरम [[तमिलनाडु]] राज्य, [[दक्षिण भारत]] में स्थित एक नगर और ज़िला है। कभी मारवन राजाओं की राजधानी रहे इस नगर में वस्त्रों और [[आभूषण|आभूषणों]] का उत्पादन होता है।&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike={{Share Alike}} &lt;br /&gt;
|No Derivative Works= &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%AE&amp;diff=294737</id>
		<title>रामनाथपुरम</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%AE&amp;diff=294737"/>
		<updated>2012-09-26T17:57:47Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg|thumb|250px|रामालिंगा विलासम महल, रामनाथपुरम]]&lt;br /&gt;
'''रामनाथपुरम''' [[तमिलनाडु]] राज्य, [[दक्षिण भारत]] में स्थित एक नगर और ज़िला है। कभी मारवन राजाओं की राजधानी रहे इस नगर में वस्त्रों और [[आभूषण|आभूषणों]] का उत्पादन होता है। यहाँ के काँलेज मदुरै-कामराज विश्वविधालय से समद्ध हैं, जिनमें 'सैयद अम्माल इंजीनियरिंग कॉलेज', 'एम. साथक इंजीनियरिंग कॉलेज', 'सेतुपति गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज' और 'ईदय्यम विमंस कॉलेज' शामिल हैं। इसका नाम [[हिन्दू]] [[देवता]] [[श्रीराम]] की ओर इंगित करता है।&lt;br /&gt;
==भौगोलिक तथ्य==&lt;br /&gt;
रामनाथपुरम ज़िले का क्षेत्रफल 12,578 वर्ग कि.मी. है और इसमें 'रामेश्ववरम द्धीप' समेत दक्षिणी समुद्र तटीय मैदान का एक समतल भू-भाग शामिल है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून को पश्चिम की ओर पश्चिमी घाट और दक्षिण-पूर्व की ओर [[श्रीलंका]] के पहाड़ पूर्वोत्तर और दक्षिम-पश्चिमी मॉनसून को रोकते हैं, जिससे असामान्य तौर पर यहाँ की जलवायु शुष्क रहती है। लेकिन सिंचाई जलाशय ([[मिट्टी]] के पुश्तों या किनारों वाले तालाब में जमा पानी) इस ज़िले को [[मिर्च]] और [[कपास]] का निर्यात करने में समर्थ बनाते हैं। सूती वस्त्र और सीमेंट की मिल, जैसे बड़े पैमाने के उद्योगों का प्रवेश इसके नगरों में हुआ है। जिसमें सबसे बड़ी मिलें राजपालैयम, विरुदुनगर और कल्लिकुडी में हैं। [[भारत]] में बनने वाले 90 प्रतिशत पटाखे शिवकाशी में बनते हैं।&lt;br /&gt;
====परिवहन====&lt;br /&gt;
अपने समूचे [[इतिहास]] के दौरान रामनाथपुरम ज़िला स्वतंत्र बना रहा और 17वीं तथा 18वीं शताब्दियों में मारवन राजाओं ने अक्सर [[तंजावुर]] (भतपूर्व तंजौर) पर आक्रमण किए। ब्रिटिश सरकार ने [[रामेश्वरम]] से होकर 'सीलोन' (वर्तमान [[श्रीलंका]]) के लिए एक रेल और नौ-परिवहन प्रणाली स्थापित की थी। मदुरै ज़िले में [[मदुरै]] से सड़कें उत्तर की ओर फैली हुई हैं।&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
इस नगर की जनसंख्या सन 2001 के अनुसार, नगर में 61,976 और ज़िले में कुल 11,83,321 है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{तमिलनाडु के नगर}}{{तमिलनाडु के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:तमिलनाडु]][[Category:तमिलनाडु के नगर]][[Category:भारत के नगर]][[Category:तमिलनाडु के पर्यटन स्थल]][[Category:पर्यटन कोश]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg&amp;diff=294736</id>
		<title>चित्र:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Ramalinga-Vilasam-Palace-Ramanathapuram.jpg&amp;diff=294736"/>
		<updated>2012-09-26T17:50:42Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Salem-Tamil-Nadu.jpg&amp;diff=294735</id>
		<title>चित्र:Salem-Tamil-Nadu.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Salem-Tamil-Nadu.jpg&amp;diff=294735"/>
		<updated>2012-09-26T17:19:55Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[सेलम]] का एक दृश्य, [[तमिलनाडु]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/mohankumarmp/ mohankumarmp]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/mohankumarmp/3154176164 Salem India]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/mohankumarmp/ mohankumarmp's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=सेलम उत्तर-मध्य [[तमिलनाडु]] राज्य, दक्षिण-पूर्व [[भारत]] का एक शहर है। यह तिरुमनीमुत्तर नदी के निकट, कालरायन व [[पचाईमलाई पहाड़ियाँ|पचाईमलाई पहाड़ियों]] के मध्य अट्टूर दर्रे के समीप स्थित है। यह [[बंगलोर]], [[त्रिचनापल्ली]] और कड्डालोर को जाने वाली सड़कों के जंक्शन पर स्थित है, जो [[चेन्नई]] (भूतपूर्व मद्रास) से 332 कि.मी. दक्षिण-पश्चिम में है। &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike= &lt;br /&gt;
|No Derivative Works= {{No Derivative Works}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%AE&amp;diff=294734</id>
		<title>सेलम</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%AE&amp;diff=294734"/>
		<updated>2012-09-26T17:18:14Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Salem-Tamil-Nadu.jpg|thumb|250px|सेलम का एक दृश्य, [[तमिलनाडु]]]]&lt;br /&gt;
'''सेलम''' उत्तर-मध्य [[तमिलनाडु]] राज्य, दक्षिण-पूर्व [[भारत]] का एक शहर है। यह तिरुमनीमुत्तर नदी के निकट, कालरायन व [[पचाईमलाई पहाड़ियाँ|पचाईमलाई पहाड़ियों]] के मध्य अट्टूर दर्रे के समीप स्थित है। यह [[बंगलोर]], [[त्रिचनापल्ली]] और कड्डालोर को जाने वाली सड़कों के जंक्शन पर स्थित है, जो [[चेन्नई]] (भूतपूर्व मद्रास) से 332 कि.मी. दक्षिण-पश्चिम में है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
पुरातात्त्विक प्रमाणों से यह पता चलता है कि यह क्षेत्र नवपाषाण काल में बसा हुआ था। ऐतिहासिक काल में यह भूमि स्वंतत्र कांगूनाड का हिस्सा थी, लेकिन बाद में यह [[चोल साम्राज्य|चोल]], [[विजयनगर साम्राज्य|विजयनगर]] व [[मुस्लिम]] शासकों के कब्जे में रही। 1797 में यह [[अंग्रेज़]] ब्रिटिश अधिकार में चला गया।&lt;br /&gt;
====औद्योगिक इकाइयाँ====&lt;br /&gt;
इस शहर का नाम 'सेल नाड'&amp;lt;ref&amp;gt;'चेर नाड' का बिगड़ा रुप&amp;lt;/ref&amp;gt; से लिया गया है। यह शब्द एक प्रारंभिक [[चेर वंश]] के राजा के आगमन को सूचित करता है। सूती व रेशम हथकरघा बुनाई के लिए प्रसिद्ध सेलम का विकास एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में हुआ है, जिसके अंतर्गत [[विद्युत]] व रसायन फैक्ट्रियाँ, उपकरण, कार्यशालाएँ, पीतल की रोलिंग मिलें व स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का निर्माण शामिल है। यहाँ [[मद्रास विश्वविद्यालय]] से संबद्ध अनेक महाविद्यालय हैं।&lt;br /&gt;
==कृषि व खनिज==&lt;br /&gt;
सेलम के आस-पास के क्षेत्र में पूर्व में पहाड़ियों (शेवरॉय, कालरायन, कोल्लाईमलाई व पचाईमलाई) की श्रृंखला और पश्चिम में [[कावेरी नदी]] की घाटी के क्षेत्र आते हैं। यह मूल रूप से [[कृषि]] प्रधान क्षेत्र है, जिसे [[फल]], [[कॉफ़ी]], [[कपास]] व [[मूंगफली]] उगाने में विशेषज्ञता प्राप्त है। खनिजों में [[लौह अयस्क]], [[बॉक्साइट]] व [[मैंगनीज]] के भंड़ार शामिल हैं। [[1937]] में मेत्तूर बांध बनने के बाद विशेषकर सेलम में बड़े पैमाने के उद्योग विकसित हुए हैं।&lt;br /&gt;
====जनसंख्या====&lt;br /&gt;
यहाँ की जनसंख्या सन [[2001]] के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 6,93,236 और ज़िले में कुल 29,92,754 है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{तमिलनाडु के नगर}}{{तमिलनाडु के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:तमिलनाडु]][[Category:तमिलनाडु के नगर]][[Category:भारत के नगर]][[Category:तमिलनाडु के पर्यटन स्थल]][[Category:पर्यटन कोश]][[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Salem-Tamil-Nadu.jpg&amp;diff=294733</id>
		<title>चित्र:Salem-Tamil-Nadu.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Salem-Tamil-Nadu.jpg&amp;diff=294733"/>
		<updated>2012-09-26T16:53:09Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8&amp;diff=293368</id>
		<title>भारत में वन्य जीवन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8&amp;diff=293368"/>
		<updated>2012-09-18T19:16:23Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{भारत विषय सूची}}&lt;br /&gt;
{{पशु पक्षी सूची1}}&lt;br /&gt;
[[भारत]] कई प्रकार के जंगलों जीवों का, अनेक पेड़ पौधों और पशु-पक्षियों का घर है। शानदार [[हाथी]], [[मोर]] का नाच, ऊँट की [[सैर]], शेरों की दहाड़ सभी एक अनोखे अनुभव है। यहाँ के पशु पक्षियों को अपने प्राकृतिक निवासस्थान में देखना आनन्दायक है। भारत में जंगली जीवों को देखने पर्यटक आते हैं। यहाँ जंगली जीवों की बहुत बड़ी संख्या है। भारत में 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 400 जंगली जीवों के अभयारण्य है इसके अतिरिक्त पक्षी अभयारण्य भी हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Tiger2.jpg|thumb|100px|left|राष्ट्रीय पशु बाघ]]&lt;br /&gt;
==प्रकृति की अमूल्य देन==&lt;br /&gt;
वन्य जीवन प्रकृति की अमूल्य देन है। भविष्य में वन्य प्राणियों की समाप्ति की आशंका के कारण भारत में सर्वप्रथम 7 जुलाई, 1955 को वन्य प्राणी दिवस मनाया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष दो अक्तूबर से पूरे सप्ताह तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जाएगा। वर्ष 1956 से वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। भारत के संरक्षण कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक मज़बूत संस्थागत ढांचे की रचना की गयी है। जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, बोटेनिकल सर्वे आफ इण्डिया जैसी प्रमुख संस्थाओं तथा भारतीय वन्य जीवन संस्थान, भारतीय वन्य अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी तथा सलीम अली स्कूल ऑफ आरिन्थोलॉजी जैसे संस्थान वन्य जीवन संबंधी शिक्षा और अनुसंधान कार्य में लगे हैं। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Sparrow-1.jpg|thumb|100px|left|गौरेया]]&lt;br /&gt;
प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जंगल स्वर्ग है परन्तु अब यहाँ के कुछ जीव जैसे चीते, शेर, हाथी, बंगाल के शेर और साइबेरियन सारस अब ख़तरे में है। भारत की लम्बाई और चौडाई में फैला यह जंगल क्षेत्र, [[रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान]], [[राजस्थान]] से हज़ारी बाघ जंगली जीव अभयारण्य, [[बिहार]] से, [[हिमालय]] के [[जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान]], अन्डमान के छह राष्ट्रीय उद्यानों तक एक शानदार जंगल की सैर कर सकते हैं। [[हाथी]], चीते, जंगली भैंसा, याक, हिरन, जंगली गधे एक सींग वाला गेंड़ा, साही, हिम चीते आदि जन्तु हिमालय में दिखने को मिलते हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Asian-Elephant.jpg|thumb|100px|left|हाथी]]&lt;br /&gt;
भारत में, विश्व के अस्सी, प्रतिशत एक सींग वाले गेंड़ों का निवास है। काज़ीरंगा खेल अभयारण्य गेंड़ों के लिए उपयुक्त निवास है और प्राकृतिक संस्थाओं के लिए और जंगली सैर करने वाले के लिए भी अच्छी जगह है। भारत के सोन चिड़िया और ब्लैक बक, करेश अभयारण्य में होते हैं। माधव राष्ट्रीय उद्यान में, जो शिवपुरी राष्ट्रीय उद्यान कहलाता था, जीवों का एक निवास है। कोर्बोट राष्ट्रीय उद्यान सबसे प्रसिद्ध है्। उत्तर भारत में जंगली जानवरों के पर्यटकों  के लिए अच्छी जगह है। ऐसे अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान, भारत में काफ़ी संख्या में हैं। भारत में शेरों (बाघ) की संख्या बहुत थी। भारत का राष्ट्रीय पशु, शेर, तेजी और ताक़त का चिह्न है। भारत में बारह बाघ निवास है। शाही बंगाल के बाघ, सबसे शानदार जाति के पशुओं में से है। विश्व के साठ प्रतिशत शेरों की संख्या भारत में रही है।  मध्य प्रदेश, शेरों के निवास  की सबसे प्रसिद्ध जगह है। यहाँ बंगाल के शेर, चीतल, चीते, गौर, साम्भर और कई जीव देखने को मिलते हैं।&lt;br /&gt;
भारत में जंगली जीवों के साथ-साथ, पक्षियों की भी संख्या अच्छी है। कई सौ जातियों के पक्षी भारत में मिलते हैं। घना राष्ट्रीय उद्यान या भरतपुर पक्षी अभयारण्य (राजस्थान) में घरेलू पक्षी और ज़मीन पर जीने वाले पक्षी भी हैं। दुधवा जंगली जीव अभ्यारण में  बंदर, गिद्ध और चील पक्षी भी है। अंडमान के निकोबर में भी कबूतर पाये जाते हैं।&lt;br /&gt;
====भारत का वन्य जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Peacock-02.jpg|thumb|100px|left|मोर]]&lt;br /&gt;
*संसार में पौधों की 2,50,000 ज्ञात प्रजातियों में से 15,000 प्रजातियां भारत में मिलती हैं। &lt;br /&gt;
*इस प्रकार संसार में जीव-जन्तुओं की कुल 15 लाख प्रजातियों में से 75,000 प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। &lt;br /&gt;
*भारत में पक्षियों की 1,200 प्रजातियां और 900 उप-प्रजातियां पाई जाती हैं। &lt;br /&gt;
*भारत के सुविख्यात पक्षियों में बहुरंगी राष्ट्रीय पक्षी [[मोर]] उल्लेखनीय है। &lt;br /&gt;
*पांच फुट की ऊंचाई वाला भव्य [[सारस]] तथा संसार का दूसरा सबसे भारी पक्षी हुकना (सोहनचिड़िया) महत्त्वपूर्ण पक्षी हैं। &lt;br /&gt;
*संसार में प्रसिद्ध [[केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान|केवलादेव]] ([[भरतपुर]]) के राष्ट्रीय उद्यान में ढाई लाख पक्षियों का घर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य}}&lt;br /&gt;
[[Category:प्राणि विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Brahma-Astride-A-Crane.jpg&amp;diff=293367</id>
		<title>चित्र:Brahma-Astride-A-Crane.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Brahma-Astride-A-Crane.jpg&amp;diff=293367"/>
		<updated>2012-09-18T19:15:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[सारस]] पर बैठे [[ब्रह्मा]] &lt;br /&gt;
|चित्रांकन=[http://www.flickr.com/people/asianartsandiego/ Asian Curator at The San Diego Museum of Art]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत=www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/asianartsandiego/4838481984/ Brahma astride a crane]  	&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या= &lt;br /&gt;
|आभार=[http://www.flickr.com/photos/asianartsandiego/ Asian Curator at The San Diego Museum of Art's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=र्वश्रेष्ठ पौराणिक त्रिदेवों में ब्रह्मा, [[विष्णु]] एवं [[शिव]] की गणना होती है। इनमें ब्रह्मा का नाम पहले आता है, क्योंकि वे विश्व के आद्य सृष्टा, प्रजापति, पितामह तथा हिरण्यगर्भ हैं। [[पुराण|पुराणों]] में जो ब्रह्मा का रूप वर्णित मिलता है वह वैदिक प्रजापति के रूप का विकास है। प्रजापति की समस्त वैदिक गाथाएँ ब्रह्मा पर आरोपित कर ली गयी हैं। प्रजापति और उनकी दुहिता की कथा पुराणों में ब्रह्मा और [[सरस्वती देवी|सरस्वती]] के रूप में वर्णित हुई है। &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}}&lt;br /&gt;
|Share Alike=&lt;br /&gt;
|No Derivative Works={{No Derivative Works}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8&amp;diff=293366</id>
		<title>भारत में वन्य जीवन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82_%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8&amp;diff=293366"/>
		<updated>2012-09-18T19:14:54Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{भारत विषय सूची}}&lt;br /&gt;
{{पशु पक्षी सूची1}}&lt;br /&gt;
[[भारत]] कई प्रकार के जंगलों जीवों का, अनेक पेड़ पौधों और पशु-पक्षियों का घर है। शानदार [[हाथी]], [[मोर]] का नाच, ऊँट की [[सैर]], शेरों की दहाड़ सभी एक अनोखे अनुभव है। यहाँ के पशु पक्षियों को अपने प्राकृतिक निवासस्थान में देखना आनन्दायक है। भारत में जंगली जीवों को देखने पर्यटक आते हैं। यहाँ जंगली जीवों की बहुत बड़ी संख्या है। भारत में 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 400 जंगली जीवों के अभयारण्य है इसके अतिरिक्त पक्षी अभयारण्य भी हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Tiger2.jpg|thumb|100px|left|राष्ट्रीय पशु बाघ]]&lt;br /&gt;
==प्रकृति की अमूल्य देन==&lt;br /&gt;
वन्य जीवन प्रकृति की अमूल्य देन है। भविष्य में वन्य प्राणियों की समाप्ति की आशंका के कारण भारत में सर्वप्रथम 7 जुलाई, 1955 को वन्य प्राणी दिवस मनाया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष दो अक्तूबर से पूरे सप्ताह तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जाएगा। वर्ष 1956 से वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। भारत के संरक्षण कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक मज़बूत संस्थागत ढांचे की रचना की गयी है। जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, बोटेनिकल सर्वे आफ इण्डिया जैसी प्रमुख संस्थाओं तथा भारतीय वन्य जीवन संस्थान, भारतीय वन्य अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी तथा सलीम अली स्कूल ऑफ आरिन्थोलॉजी जैसे संस्थान वन्य जीवन संबंधी शिक्षा और अनुसंधान कार्य में लगे हैं। &lt;br /&gt;
[[चित्र:Sparrow-1.jpg|thumb|100px|left|गौरेया]]&lt;br /&gt;
प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जंगल स्वर्ग है परन्तु अब यहाँ के कुछ जीव जैसे चीते, शेर, हाथी, बंगाल के शेर और साइबेरियन सारस अब ख़तरे में है। भारत की लम्बाई और चौडाई में फैला यह जंगल क्षेत्र, [[रणथम्भोर राष्ट्रीय उद्यान]], [[राजस्थान]] से हज़ारी बाघ जंगली जीव अभयारण्य, [[बिहार]] से, [[हिमालय]] के [[जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान]], अन्डमान के छह राष्ट्रीय उद्यानों तक एक शानदार जंगल की सैर कर सकते हैं। [[हाथी]], चीते, जंगली भैंसा, याक, हिरन, जंगली गधे एक सींग वाला गेंड़ा, साही, हिम चीते आदि जन्तु हिमालय में दिखने को मिलते हैं।&lt;br /&gt;
[[चित्र:Asian-Elephant.jpg|thumb|100px|left|हाथी]]&lt;br /&gt;
भारत में, विश्व के अस्सी, प्रतिशत एक सींग वाले गेंड़ों का निवास है। काज़ीरंगा खेल अभयारण्य गेंड़ों के लिए उपयुक्त निवास है और प्राकृतिक संस्थाओं के लिए और जंगली सैर करने वाले के लिए भी अच्छी जगह है। भारत के सोन चिड़िया और ब्लैक बक, करेश अभयारण्य में होते हैं। माधव राष्ट्रीय उद्यान में, जो शिवपुरी राष्ट्रीय उद्यान कहलाता था, जीवों का एक निवास है। कोर्बोट राष्ट्रीय उद्यान सबसे प्रसिद्ध है्। उत्तर भारत में जंगली जानवरों के पर्यटकों  के लिए अच्छी जगह है। ऐसे अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान, भारत में काफ़ी संख्या में हैं। भारत में शेरों (बाघ) की संख्या बहुत थी। भारत का राष्ट्रीय पशु, शेर, तेजी और ताक़त का चिह्न है। भारत में बारह बाघ निवास है। शाही बंगाल के बाघ, सबसे शानदार जाति के पशुओं में से है। विश्व के साठ प्रतिशत शेरों की संख्या भारत में रही है।  मध्य प्रदेश, शेरों के निवास  की सबसे प्रसिद्ध जगह है। यहाँ बंगाल के शेर, चीतल, चीते, गौर, साम्भर और कई जीव देखने को मिलते हैं।&lt;br /&gt;
भारत में जंगली जीवों के साथ-साथ, पक्षियों की भी संख्या अच्छी है। कई सौ जातियों के पक्षी भारत में मिलते हैं। घना राष्ट्रीय उद्यान या भरतपुर पक्षी अभयारण्य (राजस्थान) में घरेलू पक्षी और ज़मीन पर जीने वाले पक्षी भी हैं। दुधवा जंगली जीव अभ्यारण में  बंदर, गिद्ध और चील पक्षी भी है। अंडमान के निकोबर में भी कबूतर पाये जाते हैं।&lt;br /&gt;
====भारत का वन्य जीवन====&lt;br /&gt;
[[चित्र:Peacock-02.jpg|thumb|100px|left|मोर]]&lt;br /&gt;
*संसार में पौधों की 2,50,000 ज्ञात प्रजातियों में से 15,000 प्रजातियां भारत में मिलती हैं। &lt;br /&gt;
*इस प्रकार संसार में जीव-जन्तुओं की कुल 15 लाख प्रजातियों में से 75,000 प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। &lt;br /&gt;
*भारत में पक्षियों की 1,200 प्रजातियां और 900 उप-प्रजातियां पाई जाती हैं। &lt;br /&gt;
*भारत के सुविख्यात पक्षियों में बहुरंगी राष्ट्रीय पक्षी [[मोर]] उल्लेखनीय है। &lt;br /&gt;
*पांच फुट की ऊंचाई वाला भव्य [[सारस]] तथा संसार का दूसरा सबसे भारी पक्षी हुकना (सोहनचिड़िया) महत्त्वपूर्ण पक्षी हैं। &lt;br /&gt;
*संसार में प्रसिद्ध [[केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान|केवलादेव]] ([[भरतपुर]]) के राष्ट्रीय उद्यान में ढाई लाख पक्षियों का घर है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य}}&lt;br /&gt;
[[Category:प्राणि विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80_%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF&amp;diff=293365</id>
		<title>बखिरा पक्षी अभयारण्य</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE_%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80_%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF&amp;diff=293365"/>
		<updated>2012-09-18T19:13:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:Sarus-Crane-Bakhira-Bird-Sanctuary.jpg|thumb|300px|सारस क्रेन, बखिरा पक्षी अभयारण्य]]&lt;br /&gt;
'''बखिरा पक्षी अभयारण्य''', संतकबीर नगर जनपद के मुख्यालय खलीलाबाद से लगभग बीस किमी की दूरी पर स्थित 28.94 किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इतिहास के पन्नों में मोतीझील के नाम से अंकित बखिरा झील को [[14 मई]] [[1990]] को उप्र सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए बखिरा पक्षी विहार का दर्जा प्रदान किया था। तभी से झील में पक्षियों का शिकार प्रतिबंधित कर दिया गया है। शासन की मंशा थी दूर देश से आए सैलानियों के प्राणों की रक्षा व पर्यटकीय दृष्टि से इस स्थान को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करवाना। इस झील को महाराजगंज के साहगी बरवां क्षेत्र से जोड़ते हुए वर्ष [[1997]] मे यहां रेंज कार्यालय की स्थापना की गई। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जानकारों का कहना है कि 2894.24 हेक्टेयर क्षेत्रफल (परिधि) में फैले बखिरा झील में 1819.91 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की, 1059.14 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि किसानों की (1024 एकड़ भूमि स्थानीय कास्तकारों) तथा 15.16 हेक्टेयर भूमि वन विभाग यानि आरक्षति भूमि शामिल है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
संतकबीर नगर जनपद मुख्यालय खलीलाबाद से 16-20 किमी दूर उत्तरी हिस्से में स्थित, मेहदावल मार्ग पर बसे बखिरा कसबे के पूर्वी भाग में स्थित इस पक्षी बिहार के विस्तृत भूभाग में विचरते पक्षियों को देखने के लिए सैलानी यहां आ सकें, इसके लिए पर बखिरा से 3 किमी दूर बखिरा सहजनवां मार्ग पर जसवल के पास उत्तर की ओर 1/2 किमी सड़क बनी है। जहां वाच टावर के अलवा वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों के लिए आवास बने हुए हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;बखिरा झील से जुड़ी कहानी&lt;br /&gt;
ऐतिहासिक बखिरा झील गर्मी की छुट्टी में सैलानियो के लिये आकर्षण का केन्द्र बना रहता है। यहां आने वाले बच्चों में विशेषकर झील की उत्पत्ति को लेकर अच्छी-ख़ासी जिज्ञासा बनी रहती है। किवदंती के अनुसार किसी वक्त बखिरा झील एक ख़ूबसूरत नगर हुआ करता था, लेकिन प्राकृतिक व भौगोलिक कारणों से झील में परिवर्तित हो गया। बखिरा झील की ऐतिहासिक महत्ता इन दिनों मासूमों के लिए पिकनिक स्पाट बनी हुई है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;पक्षियों की सुरक्षा के प्रयास&lt;br /&gt;
बखिरा पक्षी बिहार की देख रेख कर रहे रजर आर एन चौधरी ने बताया कि पक्षियों के सुरक्षा के लिए निगरानी के लिए वाचटावर, कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन, हाल एवं गेट बना है। सीमित संसाधनों और सीमित स्टाफ के सहारे सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। अवैध रूप से पक्षियों का शिकार करने वाले 11 लोगों को पकड़कर उनसे बीस हज़ार रुपया जुर्माना वसूला गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;बखिरा पक्षी विहार के पक्षी&lt;br /&gt;
[[चित्र:bakheera bird sanctuary.jpg|thumb|250px|बखिरा पक्षी विहार]] &lt;br /&gt;
यहां पर पूरे वर्ष पानी भरा रहता है जिसके चलते जलीय वनस्पतियां, छोटे-छोटे कीड़े, घोंघे व सीप आदि के चलते यूरोप, साइबेरिया, तिब्बत, चीन देशों से पक्षियां आती हैं। बखिरा पक्षी विहार में दीवाली से होली तक प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की किलकारियां पर्यटकों को खूब लुभाती हैं। सर्दी का मौसम बिताने के बाद प्रवासी पक्षी अपने वतन को लौट जाते हैं। वन विभाग की मानें तो यहां 113 प्रजाति के पक्षी आते रहे हैं। ख़ास बात यह है कि इन प्रवासी पक्षियों में अधिकांश शाकाहारी हैं। ये पक्षी रोज भोर से स्वतंत्र विचरण करते हुए जल के किनारे उगे झाड़-झुरमुटों से अपना भोजन तलाशते हैं। इनके साथ ही वर्ष भर इस झील में विहार करने वाले स्थानीय पक्षी भी हैं, जो इनके साथ मिलकर समाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;देशी-विदेशी पक्षी &lt;br /&gt;
* विदेशी पक्षियां : लालसर, हिवीसिल, कोचार्ड, सूरखाल, गोजू, सवल, पिण्टेल आदि।’ &lt;br /&gt;
* स्थायी प्रवासी पक्षियां: कैमा, वाटरहेन, राईटर, कारमोरेन्ट, विभिन्न प्रजाति के बगूले, [[सारस]], आदि। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;पर्यावरण की राय &lt;br /&gt;
स्थानीय लोगों मे रिटायर्ड भूगोल प्रवक्ता जसवल के निवासी रामशंकर त्रिपाठी ने बताया कि बाटनिकल दृष्टि से भी अतिमहत्त्वपूर्ण यह झील जलीय बनस्पतियों मे भी काफ़ी समृद्ध है। गोन, पटेरा, पोंटे, मोगटान, जेनीचेला, कटिया, लियोफाइटान, काईशैवाल, फीताधारी, कुमुदनी, कमलिनी, सफेद कमल आदि तथा जलचरों मे विभिन्न प्रकार की मछलियां, कछुए, केकड़े, भांकुर, पतासी, टेंगन, सर्प आदि की विविध प्रजातियां यहां पाई जाती हैं। झील का पानी जमीन की आर्द्रता बनाए रखने में फायदे मंद है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य}}&lt;br /&gt;
[[Category:राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य]]&lt;br /&gt;
[[Category:उत्तर प्रदेश]]&lt;br /&gt;
[[Category:उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&amp;diff=293364</id>
		<title>भरतपुर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&amp;diff=293364"/>
		<updated>2012-09-18T19:12:57Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: /* पर्यटन */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[चित्र:Starling.jpg|thumb|250px|[[मैना]], केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, भरतपुर&amp;lt;br /&amp;gt;Starling, Keoladeo National Park, Bharatpur]]&lt;br /&gt;
'''भरतपुर''' पूर्वी [[राजस्थान]] राज्य, पश्चिमोत्तर [[भारत]] का एक महत्त्वपूर्ण ज़िला है। यह [[आगरा]] से 55 किमी. पश्चिम में स्थित है। लगभग 1733 ई. में स्थापित यह शहर कभी भूतपूर्व भरतपुर रियासत की राजधानी था। भरतपुर शहर की बात की जाए, तो इसकी स्थापना '[[ठाकुर चूड़ामन सिंह]]' (चूणामणि) [[जाट]] ने की थी, लेकिन बाद में शासक राजा [[सूरजमल]] ने इसे सजाया और सँवारा। यह अपने समय में जाटों का गढ़ हुआ करता था। यहाँ के मंदिर, महल व क़िले जाटों के कला कौशल की गवाही देते हैं। राष्ट्रीय उद्यान के अलावा भी देखने के लिए यहाँ अनेक जगह हैं । इसका नामकरण [[राम]] के भाई [[भरत]] के नाम पर किया गया है । [[लक्ष्मण]] इस राजपरिवार के कुलदेव माने गये हैं। इसके पूर्व यह जगह सोगरिया जाट सरदार रुस्तम के अधिकार में थी, जिसको महाराजा सूरजमल ने जीता और 1733 ई. में भरतपुर नगर की नींव डाली।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
भरतपुर भूतपूर्व जाट-रियासत का मुख्य नगर है, जिसकी स्थापना चूणामणि जाट ने 1700 ई. के लगभग की थी। इमादउस-सयादत के लेखक के अनुसार चूरामन (चूणामणि) ने जो अपने प्रारम्भिक जीवन में लूटमार किया करता था, भरतपुर की नींव एक सुदृढ़ गढ़ी के रूप में डाली थी। यह स्थान आगरा से मात्र 48 कोस पर स्थित था। गढ़ी के चारों ओर एक गहरी परिखा थी। धीरे-धीरे चूरामन ने इसको एक मोटी व मज़बूत मिट्टी की दीवार से घेर लिया। गढ़ी के अन्दर ही वह अपना लूट का माल लाकर जमा कर देता था। आसपास के कुछ गाँवों में उसने कुछ चर्मकारों को यहाँ लाकर बसाया और गढ़ी की रक्षा का भार उन्हें सौंप दिया। जब उसके सैनिकों की संख्या लगभग चौदह हज़ार हो गई तो चूरामन एक विश्वस्त सरदार को गढ़ी का अधिकार देकर लूटमार करने के लिए [[कोटा]]-[[बूँदी राजस्थान|बूँदि]] की ओर चला गया।&lt;br /&gt;
==जाट-रियासत==&lt;br /&gt;
भरतपुर की शोभा बढ़ाने तथा राजधानी को सुंदर तथा शानदार महलों से अलंकृत करने का कार्य राजा [[सूरजमल]] जाट ने किया, जो भरतपुर का सर्वश्रेष्ठ शासक था। 1803 ई. में लॉर्ड लेक ने भरतपुर के क़िले का घेरा डाला।  इस समय भरतपुर तथा परिवर्ती प्रदेश में आगरे तक राजा [[जवाहर सिंह]] का राज्य था।  क़िले की स्थूल मिट्टी की दीवारों को तोप के गोलों से टूटता न देखकर लेक ने इसकी नींव में बारूद भरकर इन्हें उड़ा दिया। इस युद्ध के पश्चात भरतपुर की रियासत [[अंग्रेज़|अंग्रेज़ों]] के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आ गई।&lt;br /&gt;
==पर्यटन==&lt;br /&gt;
भरतपुर [[राजस्थान]] का एक प्रमुख शहर होने के साथ-साथ देश का सबसे प्रसिद्ध पक्षी उद्यान भी है । 29 वर्ग किलोमीटर में फैला यह उद्यान पक्षी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है । विश्‍व धरोहर सूची में शामिल यह स्थान प्रवासी पक्षियों का भी बसेरा है । यहाँ आने वाले हर पर्यटन के आकर्षण का केंद्र पक्षी उद्यान ही रहता है। सर्दियों के मौसम में यहाँ प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। विलक्षण पक्षी देखना चाहते हैं, तो [[अक्तूबर]] और [[अप्रैल]] में यहाँ आएँ। [[हरियाणा]] में 'सुल्तान पक्षी उद्यान' और [[उत्तराखंड]] में '[[जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान|जिम कॉर्बेट नेशलन पार्क]]' भी पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छे ठिकाने हैं। यहाँ 150 विभिन्न प्रजातियों के पक्षी देख सकते हैं। जिनमें भारतीय [[मैना]] से लेकर [[बुलबुल]] तक शामिल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
शहर के बाहरी इलाक़े में स्थित [[केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान]], पर्यटकों के सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र है, जो मुर्ग़ाबियों के विशाल जमावड़ों, [[सारस]] पक्षियों के आवासीय घोंसलों, बगुलों, बुज्जा पक्षियों, हेरन, बानकर और जलकौवों के लिए विश्वविख्यात है। यह पक्षी उद्यान [[भारत]] का एकमात्र ऐसा स्थान है, जिसे प्रवासी 'साइबेरियाई सारस' की शरणस्थली के रूप में जाना जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संचार एवं व्यवसाय==&lt;br /&gt;
एक संचार केन्द्र के तौर पर सड़क व रेल मार्ग से [[जयपुर]], [[आगरा]] और [[मथुरा]] से जुड़ा भरतपुर महत्त्वपूर्ण औद्योगिक और [[कृषि]] व्यवसाय केन्द्र भी है। इसके प्रमुख उद्योगों में तेल-मिलें, धातु निर्माण कारख़ाने, रेलवे कार्यशालाएँ और मोटरगाड़ी बनाने के कारख़ाने शामिल हैं। भरतपुर के हाथीदाँत, [[चाँदी]] या [[चन्दन]] की लकड़ी के हत्थे वाले हाथ से बने चंवर प्रसिद्ध हैं। इस शहर में कई अस्पताल और राजस्थान विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालय हैं।&lt;br /&gt;
==कृषि==&lt;br /&gt;
भरतपुर उत्तर और दक्षिण में विलग पहाड़ी क्षेत्र में एक विस्तृत जलोढ़ मैदान में स्थित है। [[बाजरा]], [[चना]], [[जौ]], [[गेंहूँ]] और तिलहन यहाँ की प्रमुख फ़सलें हैं।&lt;br /&gt;
==जनसंख्या==&lt;br /&gt;
भरतपुर का अधिकांश क्षेत्र 18वीं सदी में स्थापित भूतपूर्व रियासत का है। 1949 में यह [[राजस्थान]] राज्य का अंग बन गया। इसकी जनसंख्या (2001 के अनुसार) नगर पालिका क्षेत्र 2,04,456 तथा ज़िला कुल 20,98,323 है ।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ब्रज}}&lt;br /&gt;
{{ब्रज के दर्शनीय स्थल}}&lt;br /&gt;
{{राजस्थान के नगर}}&lt;br /&gt;
{{राजस्थान के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{ब्रज के प्रमुख स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:राजस्थान]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजस्थान के नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजस्थान के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजस्थान के ऐतिहासिक नगर]]&lt;br /&gt;
[[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:भारत के नगर]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4_%E0%A4%95%E0%A5%80_%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81&amp;diff=293363</id>
		<title>गुजरात की जलवायु</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4_%E0%A4%95%E0%A5%80_%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81&amp;diff=293363"/>
		<updated>2012-09-18T19:11:50Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:Gir-Forest-National-Park-3.jpg|thumb|250px|[[गिर वन राष्ट्रीय उद्यान]]]]&lt;br /&gt;
मध्य [[गुजरात]] के दक्षिणी हिस्से में [[वर्षा]] दर अधिक और [[तापमान]] में अंतर कम है; और [[मिट्टी]] ज़्यादा उपजाऊ है, जो अंशत: दक्कन क्षेत्र के बैसाल्ट चट्टानों से व्युत्पन्न हुई है। इस क्षेत्र का केन्द्र वडोदरा ([[बड़ौदा]]) शहर है, जो पहले एक समृद्ध और शक्तिशाली राज्य की राजधानी था और जिसका दक्षिणी हिस्सा अब वडोदरा ज़िला है। यहाँ की महत्त्वपूर्ण नदी नर्मदा है, जो [[खंभात की खाड़ी]] में गिरती है। [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] और तापी ([[ताप्ती नदी|ताप्ती]]) नदी द्वारा गाद जमा किए जाने के कारण खंभात की खाड़ी की गहराई कम हो गई है और यहाँ के भूतपूर्व बंदरगाहों का पतन हो गया। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
दक्षिणी गुजरात में भरूच और सूरत ज़िले अपनी उर्वर मिट्टी और उच्च क़िस्म की [[कपास]] की फ़सलों के लिए प्रसिद्ध हैं। तापी नदी पूर्व दिशा से गहरी खाइयों से होकर सूरत से गुज़रती है। दक्षिणी गुजरात का पूर्वी हिस्सा पहाड़ी है। वास्तव में, पश्चिमी घाट के उत्तरी विस्तार के कारण वर्षायुक्त ग्रीष्म मानसूनी हवाओं से अत्यधिक बारिश होती है। इससे आगे दक्षिण में पर्वत वनाच्छादित हैं। इसी क्षेत्र में छोटा डेंग ज़िला है। तटीय मैदानों में जलवायु में लगभग समानता रहती है यहाँ 2,000 मिमी के लगभग वर्षा होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गुजरात में वनक्षेत्र मात्र 10 प्रतिशत है, जो मानवीय गतिविधियों के साथ-साथ कम वर्षा को प्रतिबिंबत करती है। अपेक्षाकृत शुष्क क्षेत्रों में झाड़ीदार जंगल पाए जाते हैं, जहाँ बबूल अकाकिया, करील, भारतीय बेर और दातुनी झाड़ियां&amp;lt;ref&amp;gt;सेल्वाडोर पर्सिका&amp;lt;/ref&amp;gt; पाई जाने वाली प्रमुख प्रजातियां हैं। 1,016 मिमी वार्षिक वर्षा दर वाली काठियावाड़ उच्चभूमि और पूर्वोत्तर मुख्यभूमि में सागौन, कत्था, गोंद (बैकलीगम), कीली वृक्ष और बंगाल किनो&amp;lt;ref&amp;gt;ब्यूटिया गम&amp;lt;/ref&amp;gt; जैसे पर्णपाती वृक्ष पाए जाते हैं। पर्णपाती वन अपेक्षाकृत नम दक्षिणी और पूर्वी पहाड़ियों में केन्द्रित हैं। इनसे मुलायम टोमेंटोसा (घन-रोम), वेंगाई पादौक (महोगनी जैसा), मालाबार सीमल और ह्रदयाकार पत्तियों वाले अदीना जैसी कीमती लकड़ियां प्राप्त होती है। काठियावाड़ का पश्चिमी तट [[शैवाल]] के लिए जाना जाता है, जबकि पूर्वी तट से पपाइरस या पटेरा पौधा (साइपेरस पपाइरस) पाया जाता है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[काठियावाड़]] के [[गिर राष्ट्रीय उद्यान]] में एशियाई प्रजाति की एकमात्र जाति भारतीय [[सिंह]] है। कच्छ के छोटे रण के पास एक अभयारण्य में शेष बचे हुए भारतीय जंगली गधे पाए जाते हैं। [[अहमदाबाद]] के निकट का नलसरोवर पक्षी अभयारण्य साइबेरिया के मैदानों व अन्य स्थानों से शीत ऋतु में लगभग 140 प्रकार के प्रवासी पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इनमें [[सारस]], ब्राह्मणी बत्तख़, सोनचिरैया, पेलिकन, पनकौवा, आइबिस, लकलक (स्टॉर्क), बगुला और वक शामिल हैं। [[भारत]] में [[कच्छ का रण]] हंसावर (फ़्लेमिंगौ) का एकमात्र प्रजनन स्थल है। गुजरात में समुद्री और मीठे पानी की [[मछली|मछलियां]] पकड़ी जाती हैं। पकड़ी जाने वाली मछलियों में पॉम्फ़्रे सॉलमन, हिल्सा, ज्यूफ़िश (साइएना), झींगा, बॉम्बे डक (खाद्य मछली) और ट्यूना मछली शामिल हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{भारत की जलवायु}}&lt;br /&gt;
[[Category:मौसम]]&lt;br /&gt;
[[Category:गुजरात]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यावरण और जलवायु]]&lt;br /&gt;
[[Category:भूगोल कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%B5%E0%A4%97%E0%A4%A2%E0%A4%BC_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8&amp;diff=293362</id>
		<title>बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%B5%E0%A4%97%E0%A4%A2%E0%A4%BC_%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF_%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8&amp;diff=293362"/>
		<updated>2012-09-18T19:11:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bandhavgarh-National-Park.jpg|thumb|250px|बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, उमरिया]]&lt;br /&gt;
'''बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान''' एक छोटा पार्क है जो सुगठित होने के साथ खेलों से भरा हुआ है। [[बाँधवगढ़]] में [[बाघ|बाघों]] की संख्‍या [[भारत]] में सबसे अधिक है। इस राष्ट्रीय उद्यान के महत्‍व और संभाव्‍यता को देखते हुए इसे 1993 में 'प्रोजेक्‍ट टाइगर नेटवर्क' में जोड़ा गया था। इस आरक्षित वन का नाम इसके मध्‍य में स्थित बांधवगढ़ पहाड़ी (807 मीटर) के नाम पर रखा गया है जो [[विन्ध्याचल पर्वत]] श्रृंखला और [[सतपुड़ा पर्वतश्रेणी]] के पूर्वी सिरे के बीच स्थित है और यह [[मध्य प्रदेश]]  के शहडोल और [[जबलपुर]] ज़िलों में है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहां 22 से स्‍तनधारियों की प्रजातियां तथा 250 पक्षी प्रजातियां पाई जाती है। यहां सामान्‍य [[लंगूर]] और रिसस बंदर प्राइमेट समूह का प्रति‍निधित्‍व करते हैं। यहां पाए जाने वाले मांसभक्षियों में एशियाई भेडियां, बंगली लोमड़ी, स्‍लॉथ बीयर, रेटल, भूरे मंगूस, पट्टी दार हाइना, जंगली बिल्‍ली, चीते और बाघ, यहां पाए जाने वाले अन्‍य जंतु है जंगली सुअर, चित्तीदार हिरण, सांभर, चौसिंघा, नील गाय, चिंकारा और गौर। यहां पाए जाने वाले स्‍तनधारी है डोल, छोटी भारतीय सीवेट, पाम गिलहरी और छोटे बेंडीकूट चूहे कभी कभार देखे जा सकते हैं। शाकाहारियों में केवल गौर नामक जंतु पाया जाता है जो चारा खाता है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नदियों और दलदली स्‍थानों की वनस्‍ति के साथ अनेक प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। इनमें से कुछ सामान्‍य है ग्रेब, अगरेट, लेसर एडजुटेंट, [[सारस]], क्रेन, ब्‍लैक आइबिस, लैसर विसलिंग टीज, सफेद आंखों वाले बजार्ड, ब्‍लैक काइट, क्रेस्‍टेड सर्पेंट इंगल, काला गीध, इजिप्‍शन गीध, सामान्‍य पी फाउल, लाल जंगली फाउल, डव, पाराकिट, किंगफिशर और इंडियन रोलर। यहां पाए जाने वाले सरीसृप हैं कोबरा, क्रेट, वाइपर, रेट स्‍नैक, पाइथन, [[कछुआ|कछुएं]] और वारानस सहित कई प्रकार की छिपकलियां।&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
*[http://www.bharat.gov.in/outerwin.php?id=http://www.mptourism.com/dest/bandhavgarh.html  आधिकारिक वेबसाइट ]&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य}}&lt;br /&gt;
[[Category:मध्य प्रदेश]]&lt;br /&gt;
[[Category:राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य]]&lt;br /&gt;
[[Category:मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0_%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80_%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF&amp;diff=293361</id>
		<title>पोरबंदर पक्षी अभयारण्य</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%B0_%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80_%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%AF&amp;diff=293361"/>
		<updated>2012-09-18T19:10:59Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''पोरबंदर पक्षी अभयारण्य''' [[गुजरात]] राज्य के [[पोरबंदर]] के बीचों बीच स्थित है।&lt;br /&gt;
*यह अभयारण्य 9 एकड़ में फैला है।&lt;br /&gt;
*पोरबंदर पक्षी अभयारण्य गुजरात का सबसे छोटा पक्षी अभयारण्य है।&lt;br /&gt;
*इस पक्षी अभयारण्य पर न केवल ताजे पानी की झील है बल्कि यह अभयारण्य कई निवासी और प्रवासी पक्षियों का घर भी है।&lt;br /&gt;
*पोरबंदर पक्षी अभयारण्य पर आपको मुर्ग़े-मुर्ग़ियाँ, फ्लेमिंगो, [[सारस]], [[बत्तख़]] सबसे विभिन्न प्रकार के पक्षी देखने को मिल जाएंगे। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{गुजरात के पर्यटन स्थल}}&lt;br /&gt;
{{राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:गुजरात]]&lt;br /&gt;
[[Category:गुजरात_के_पर्यटन_स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पोरबंदर]]&lt;br /&gt;
[[Category:पोरबंदर_के_पर्यटन_स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन_कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8&amp;diff=293360</id>
		<title>कोकिलावन</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8&amp;diff=293360"/>
		<updated>2012-09-18T19:10:18Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''कोकिलावन''' अथवा '''कोलवन''' [[नन्दगाँव|नन्दगांव]] से तीन मील उत्तर और [[जावट ग्राम]] से एक मील पश्चिम में स्थित है। यहाँ अभी भी इस सुरक्षित रमणीय वन में मयूर-मयूरी, शुक-सारी, हंस-[[सारस]] आदि विविध प्रकार के पक्षी मधुर स्वर से कलरव करते रहते हैं तथा हिरण, नीलगाय आदि पशु भी विचरते हैं। ब्रजवासी लोग झुण्ड के झुण्ड में अपनी [[गाय|गायों]] को चराते हैं। विशेषत: इस वन में सैकड़ो कोकिलें मीठे स्वर से कुहू-कुहू शब्द के द्वारा वन प्रान्त को गुंजार कर देती हैं। [[ब्रज]] के अधिकांश वन नष्ट हो जाने पर भी यह वन कुछ सुरक्षित है। इस वन की प्रदक्षिणा पौने दो कोस की है। ब्रजभूक्ति विलास के अनुसार कोकिलावन में रत्नाकर सरोवर और रासमण्डल अवस्थित हैं। &lt;br /&gt;
;प्रसंग&lt;br /&gt;
एक समय महाकौतुकी [[श्रीकृष्ण]] [[राधिका|राधिकाजी]] से मिलने के लिए बड़े उत्कण्ठित थे, किन्तु सास जटिला, ननद कुटिला और पति अभिमन्यु की बाधा के कारण वे इस संकेत स्थल पर नहीं आ सके। बहुत देर तक प्रतीक्षा करने के पश्चात कृष्ण वहाँ किसी ऊँचे वृक्ष पर चढ़ गये और कोयल के समान बारम्बार मधुर रूप से कुहकने लगे। इस अद्भुत कोकिल के मधुर और ऊँचे स्वर को सुनकर सखियां के साथ राधिका कृष्ण के संकेत को समझ गयीं और उनसे मिलने के लिए अत्यन्त व्याकुल हो उठीं। उस समय जटिला ने विशाखा को सम्बोधित करते हुए कहा- विशाखे! मैंने कोकिलों की मधुर कूक बहुत सुनी है, किन्तु आज तो यह कोयल अद्भु कोयल है। यदि आदेश हो तो हम इस निराली कोकिल को देख आएँ। वृद्धा ने प्रसन्न होकर उन्हें जाने का आदेश दे दिया। सखियाँ बड़ी प्रसन्न हुईं और इस कोकिलावन में प्रवेश किया तथा यहाँ श्रीकृष्ण से मिलकर बड़ी प्रसन्न हुई। इसलिए इसे कोकिला वन कहते हैं। भक्तिरत्नाकर में इसका बड़ा ही सरस वर्णन है&amp;lt;poem&amp;gt;&amp;lt;ref&amp;gt;जावटेर पश्चिमे ए वन मनोहर ।&lt;br /&gt;
लक्ष-लक्ष कोकिल कूहरे निरन्तर ।।&lt;br /&gt;
एकदिन कृष्ण एई वनेते आसिया । &lt;br /&gt;
कोकिल-सदृश शब्द करे हर्ष हईया ।।&lt;br /&gt;
सकल कोकिल हईते शब्द सुमधुर ।&lt;br /&gt;
ये सुने बारेक तार धैर्य जाय दूर ।।&lt;br /&gt;
जटिला कहये विशाखारे प्रियवाणी ।&lt;br /&gt;
कोकिलेर शब्द ऐछे कभु नाहि शुनि ।।&lt;br /&gt;
विशाखा कहये-एई मो सभार मने ।&lt;br /&gt;
यदि कह ए कोकिले देखि गिया वने ।।&lt;br /&gt;
वृद्धा कहे-जाओ ! शुनि उल्लास अशेष ।&lt;br /&gt;
राई सखीसह वने करिला प्रवेश ।।&lt;br /&gt;
हईल महाकौतुक सुखेर सीमा नाई ।&lt;br /&gt;
सकलेई आसिया मिलिला एक ठाँई ।।&lt;br /&gt;
कोकिलेर शब्दे कृष्ण मिले राधिकारे ।&lt;br /&gt;
ए हेतु 'कोकिलावन' कहये इहारे ।।(भक्तिरत्नाकर)&amp;lt;/ref&amp;gt;&amp;lt;/poem&amp;gt;&lt;br /&gt;
==रत्नाकर कुण्ड==&lt;br /&gt;
सखियों ने अपने-अपने घरों से [[दूध]] लाकर इस सरोवर को प्रकट किया था। इस सरोवर से नाना प्रकार के [[रत्न]] निकलते थे, जिससे सखियाँ राधिका जी का श्रृंगार करती थीं।&amp;lt;ref&amp;gt;सख्या: क्षीरसमुद्भुत रत्नाकरसरोवरे। नाना प्रकाररत्नानामुद्भवे वरदे नम: ।। नारद पंचरात्र&amp;lt;/ref&amp;gt; समस्त पापों को क्षय करने वाला तथा धन-धान्य प्रदान करने वाला यह सरोवर भक्तों को श्रीराधाकृष्ण युगल की अहैतुकी भक्ति रूप महारत्न प्रदान करने वाला है।&lt;br /&gt;
==रास मण्डल==&lt;br /&gt;
श्रीकृष्ण ने यहाँ [[गोपी|गोपियों]] के साथ [[रासलीला]] सम्पन्न की थी तथा रास की समाप्ति के पश्चात इस कुण्ड में परस्पर जल सिञ्चन आदि क्रीड़ाएँ की थीं । &lt;br /&gt;
==आँजनौक==&lt;br /&gt;
यह [[अष्टसखी|अष्टसखियों]] में से एक विख्यात श्रीविशाखा सखी का निवास-स्थान है। इनके पिता का नाम श्रीपावनगोप और माता का नाम देवदानी गोपी है।&amp;lt;ref&amp;gt;अञ्जपुरे समाख्याते सुभानुर्गोप: संस्थित:। देवदानीति विख्याता गोपिनी निमिषसुना। तयो: सुता समुत्पन्ना विशाखा नाम विश्रुता ।। &amp;lt;/ref&amp;gt; नन्दगाँव से पाँच मील पूर्व–दक्षिण कोण में यह अवस्थित है। यहाँ कौतुकी [[कृष्ण]] ने अपनी प्राणवल्लभा श्री [[राधा]] जी के नेत्रों में अञ्जन लगाया था। इसलिए यह लीला-स्थली आँजनौक नाम से प्रसिद्ध है। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;प्रसंग  &lt;br /&gt;
एक समय राधिका ललिता-विशाखादि सखियों के साथ किसी निर्जन कुञ्ज में बैठकर सखियों के द्वारा वेश-भूषा धारणकर रही थीं। सखियों ने नाना प्रकार के अलंकारों एवं आभूषणों से उन्हें अलंकृत किया। केवल नेत्रों में अञ्जन लगाने जा रही थीं कि उसी समय अचानक कृष्ण ने मधुर बंशी बजाई। कृष्ण की बंशी ध्वनि सुनते ही राधिका उन्मत्त होकर बिना अञ्जन लगाये ही प्राणवल्लभ से मिलने के लिए परम उत्कण्ठित होकर चल दीं। कृष्ण भी उनकी उत्कण्ठा से प्रतीक्षा कर रहे थे। जब वे प्रियतम से मिलीं तो कृष्ण उन्हें पुष्प आसन पर बिठाकर तथा उनके गले में हाथ डालकर सतृष्ण नेत्रों से उनके अंग-प्रत्यंग की शोभा का निरीक्षण करने लगे। परन्तु उनके नेत्रों में अञ्जन न देखकर सखियों से इसका कारण पूछा। सखियों ने उत्तर दिया कि हम लोग इनका श्रृंगार कर रही थीं। प्राय: सभी श्रृंगार हो चुका था, केवल नेत्रों में अञ्जन लगाना बाक़ी था, किन्तु इसी बीच आपकी वंशी की मधुर ध्वनि सुनकर आप से मिलने के लिए अनुरोध करने पर भी बिना एक क्षण रूके चल पड़ीं, ऐसा सुनकर कृष्ण रसावेश में आकर स्वयं अपने हाथों से उनके नेत्रों में अञ्जन लगाकर दर्पण के द्वारा उनकी रूप माधुरी का उनको आस्वादन कराकर स्वयं भी आस्वादन करने लगे। इस लीला के कारण इस स्थान का नाम आँजनौक है यहाँ रासमण्डल है, जहाँ रासलीला हुई थी। गाँव के दक्षिण में किशोरी कुण्ड है। कुण्ड के पश्चिम तट पर अञ्जनी शिला है, जहाँ श्रीकृष्ण ने श्रीराधाजी को बैठाकर अञ्जन लगाया था।&amp;lt;ref&amp;gt;रसेर आवेशे कृष्ण अञ्जन लईया । दिलेन राधिका नेत्रे महा हर्ष हईया &amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==बिजवारी==&lt;br /&gt;
नन्दगाँव से डेढ़ मील दक्षिण-पूर्व तथा खायरो गाँव से एक मील दक्षिण में यह गाँव स्थित है । इस स्थान का वर्तमान नाम बिजवारी है। &lt;br /&gt;
{{tocright}}&lt;br /&gt;
'''प्रसंग'''&lt;br /&gt;
जब [[अक्रूर|अक्रूरजी]], [[बलराम]] और [[कृष्ण]] दोनों भाईयों को [[मथुरा]] ले जा रहे थे, तब यहीं पर दोनों भाई रथ पर बैठे। उनके विरह में गोपियाँ व्याकुल होकर एक ही साथ हे प्राणनाथ! ऐसा कहकर मूर्छित होकर भूतल पर गिर गई। उस समय सबको ऐसा प्रतीत हुआ, मानो [[आकाश]] से विद्युतपुञ्ज गिर रहा हो। विद्युतपुञ्ज का अपभ्रंश शब्द बिजवारी है। अक्रूरजी दोनों भाईयों को लेकर बिजवारी से पिसाई, साहार तथा [[जैंत]] आदि गाँवों से होकर अक्रूर घाट पहुँचे और वहाँ स्नानकर मथुरा पहुँचे थे। बिजवारी और नन्दगाँव के बीच में अक्रूर—स्थान है, जहाँ शिलाखण्ड के ऊपर श्रीकृष्ण के चरण चिह्न हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==परसों (पलसों)==&lt;br /&gt;
रथ पर बैठे हुए श्रीकृष्ण ने [[गोपी|गोपियों]] की विरह दशा से व्याकुल होकर उनको यह संदेश भेजा कि मैं शपथ खाकर कहता हूँ कि परसों यहाँ अवश्य ही लौट आऊँगा। तब से इस गाँव का नाम परसों हो गया। [[गोवर्धन]]-[[बरसाना|बरसाने]] के रास्ते में यह गाँव स्थित है। सी और परसों दोनों गाँव पास-पास में हैं। 'शीघ्र ही आऊँगा' बार-बार कहा था। इस शीघ्र शब्द से ही इस लीला-स्थली का नाम 'सी' पड़ा है।&amp;lt;ref&amp;gt;मथुरा हईते शीघ्र करिब गमन।&lt;br /&gt;
एई हेतु शीघ्र सी, कहये सर्वजन ।। भक्तिरत्नाकर &amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==कामई==&lt;br /&gt;
यह अष्टसखियों में प्रमुख सखी विशाखाजी का जन्मस्थान है। यह गाँव [[बरसाना]] से पाँच मील तथा उमराव गाँव से साढ़े चार मील दक्षिण-पश्चिम में अवस्थित है। कामई के दक्षिण में सी और परसों गाँव हैं। करेहला ललिताजी का जन्मस्थान है। &lt;br /&gt;
==करेहला==&lt;br /&gt;
यह [[ललिता सखी|ललिताजी]] का जन्मस्थान है। करहाला गोपी के पुत्र गोवर्धन मल्ल अपनी पत्नी [[चन्द्रावली]] के साथ यहाँ कभी-कभी रहता था। कभी-कभी सखीथरा (सखी-स्थली गोवर्धन के निकट) में रहता था। चन्द्रावली के [[पिता]] का नाम चन्द्रभानु गोप और माता का नाम इन्दुमती गोपी था। चन्द्रावली जी राधिका की ज्येष्ठी बहन हैं। [[वृषभानु]] महाराज पाँच भाई थे।- वृषभानु, चन्द्रभानु रत्नभानु, सुभानु और श्रीभानु। वृषभानुजी सबसे बड़े थे। राधिका इन्हीं वृषभानुजी की कन्या होने के कारण राधिका और चन्द्रावली दोनों बहनें लगतीं थीं। पद्मा आदि यूथेश्वरियाँ इस स्थान पर रहकर चन्द्रावली से कृष्ण का मिलन कराने के लिए प्रयत्न करती थीं। यहाँ कंकण कुण्ड, कदम्ब खण्डी, झूला, श्रीवल्लभाचार्य, श्रीविट्ठलेश तथा श्रीगोकुलनाथ जी की बैठकें है। यह स्थान कामई से एक मील उत्तर में हैं। भाद्रपूर्णिमा तिथि में बूढ़ीलीला प्रसंग में यहाँ [[रासलीला]] होती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==लुधौली==&lt;br /&gt;
यह पीसाई गाँव से आधा मील पश्चिम में है। यहाँ पर ललिताजी ने श्रीराधा कृष्ण दोनों का मिलन कराया था। दोनों परस्पर मिलकर यहाँ अत्यन्त लुब्ध हो गये थे। लुब्ध होने के कारण इस स्थान का नाम लुधौली पड़ा। गाँव के बाहर उत्तर में ललिताकुण्ड है, जहाँ दोनों का मिलन हुआ था। कुण्ड के पूर्वी तट पर ललितबिहारी जी का दर्शन है। &lt;br /&gt;
==पीसाई==&lt;br /&gt;
गोचारण के समय कृष्ण को प्यास लगने पर [[बलराम|बलदेव]] जी ने जल लाकर उनको पिलाया था इसीलिए इस गाँव का नाम प्यासाई अर्थात प्यास आई पड़ा है। यहाँ तृष्णा कुण्ड और विशाखा कुण्ड हैं। गाँव के पास ही उत्तर-पश्चिम में मनोहर कदम्ब खण्डी हैं। यह गाँव करेहला से डेढ़ मील उत्तर में स्थित है। &lt;br /&gt;
==सहार==&lt;br /&gt;
यह नन्दजी के सबसे बड़े भाई उपानन्द जी का निवास स्थान है। ये परम बुद्धिमान और सब प्रकार से महाराज नन्द के परामर्शदाता थे। ये नन्दनन्दन श्रीकृष्ण को अपने प्राणों से भी अधिक प्यार करते थे। इन्हीं उपानन्द के पुत्र सुभद्र थे, जिन्हें श्रीकृष्ण अपने सहोदर ज्येष्ठ भ्राता के समान आदर करते थे। सुभद्रा सखा ज्योतिष आदि समस्त कलाओं में पारदर्शी और कृष्ण के प्रति अत्यन्त स्नेहशील थे। ये गोचारण के समय सब प्रकार की विपदाओं से कृष्ण की रक्षा करने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते थे। इन्हीं सुभद्र की पत्नी का नाम कुन्दलता है। कृष्ण उनके जीवन सर्वस्य थे। ये बड़ी परिहासप्रिया थीं तथा राधाकृष्ण का परस्पर मिलन कराने में अत्यन्त पटु थीं। यशोदा  के आदेश से ये श्रीमती राधिका को जावट से रंधन कार्य के लिए अपने साथ लाती थीं। &lt;br /&gt;
==साँखी==&lt;br /&gt;
यह लीलास्थान नरी से एक मील पश्चिम तथा सहार से दो मील उत्तर में है। यहीं पर श्रीकृष्ण ने शंखचूड़ा का बधकर उसके मस्तक से मणि निकाल कर श्री बलदेवजी को दी थी। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
;प्रसंग&lt;br /&gt;
एक दिन गोवर्धन की तलहटी में राधाकुण्ड के निकट सखा मण्डली के साथ कृष्ण तथा सखीमण्डली के साथ राधाजी परस्पर रंगीली होली खेलने में व्यस्त थीं। उसी समय शंखचूड़ नामक असुर गोपियों के पकड़कर ले भागा। श्रीकृष्ण और बलदेव ने शाल के वृक्षों को हाथ में लेकर उसे मारने के लिए पीछा किया। इन दोनों का प्रचण्ड [[वेग]] से आते हुए देखकर वह गोपियों को छोड़कर अकेले ही बड़े वेग से भागा, किन्तु कृष्ण ने दाऊ भैया को गोपियों की रक्षा के लिए वहाँ रखकर अकेले ही उसका पीछा किया तथा यहाँ आने पर शंखचूड़ का बंध कर उसके मस्तक से मणि निकाल ली। उन्होंने वह मणि बलदेवजी को दे दी। बलदेवजी ने उस मणि को धनिष्ठा के माध्यम से राधिका के पास भिजवा दिया। राधिकाजी ने उसे बड़े आदर के साथ ग्रहण कर लिया। इसके पास ही रामकुण्ड है। जिसको रामतला भी कहते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==छत्रवन (छाता)==&lt;br /&gt;
{{Main|छाता}}&lt;br /&gt;
[[मथुरा]] [[दिल्ली]] राजमार्ग पर मथुरा से लगभग 20 मील उत्तर-पश्चिम तथा पयगाँव से चार मील दक्षिण-पश्चिम में अवस्थित है। छत्रवन का वर्तमान नाम छाता है। गाँव के उत्तर-पूर्व कोने में सूर्यकुण्ड, दक्षिण-पश्चिम कोण में चन्द्रकुण्ड स्थित है। चन्द्रकुण्ड के तट पर दाऊजी का मन्दिर विराजमान है। यहीं पर श्रीदाम आदि सखाओं ने श्रीकृष्ण को सिंहासन पर बैठाकर [[ब्रज]] का छत्रपति महाराजा बनाकर एक अभूतपूर्व लीला अभिनय का कौतुक रचा था। श्रीबलरामजी कृष्ण के बाएं बैठकर मन्त्री का कार्य करने लगे। श्रीदाम ने कृष्ण के सिर के ऊपर छत्र धारण किया, अर्जुन चामर ढुलाने लगे, मधुमंगल सामने बैठकर विदूषक का कार्य करने लगे, सुबल ताम्बूल बीटिका देने लगे तथा सुबाहु और विशाल आदि कुछ सखा प्रजा का अभिनय करने लगे। छत्रपति महाराज कृष्ण ने मधुमंगल के माध्यम से सर्वत्र घोषणा करवा दी कि-महाराज छत्रपति नन्दकुमार- यहाँ के एकछत्र राजा हैं। यहाँ अन्य किसी का अधिकार नहीं हैं। गोपियाँ प्रतिदिन मेरे इस बाग़ को नष्ट करती हैं, अत: वे सभी दण्डनीय हैं। इस प्रकार श्रीकृष्ण ने सखाओं के साथ यह अभिनय लीला कौतुकी क्रीड़ा की थी। इसलिए इस गाँव का नाम छत्रवन या छाता हुआ।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उमराओ==&lt;br /&gt;
छत्रवन से लगभग चार-पाँच मील पूर्व दिशा में उमराओ गाँव अवस्थित है। &lt;br /&gt;
;प्रसंग&lt;br /&gt;
[[श्रीकृष्ण]] की दूहाई सुनकर सखियों ने ललिता के पास कृष्ण के विरुद्ध शिकायत की।&amp;lt;ref&amp;gt; ललितादि सखी क्रोधे कहे बार बार। राधिकार राज्य के करये अधिकार। ऐछे कत कहि ललितादि सखीगण। राधिकारे उमराओ कैला ईक्षण ।।(भक्तिरत्नाकर&amp;lt;/ref&amp;gt;ललिताजी ने क्रोधित होकर कहा ऐसा कौन है? जो राधिका के राज्य को अपने अधिकार में कर सकता है। हम इसका प्रतिकार करेंगी। ऐसा कहकर राधिकाजी को एक सुन्दर सिंहासन पर पधारकर उमराव होने की घोषणा की। उमराओ का तात्पर्य राज्य के अधिपति से है। चित्रा सखी ने उनके सिर पर छत्र धारण किया, विशाखा चामर ढुलाने लगी, ललिता जी राधिका के बाँए बैठकर मन्त्री का कार्य करने लगी। कोई सखी उन्हें [[पान]] का बीड़ा देने लगी तथा अवशिष्ट सखियाँ प्रजा का अभिनय करने लगीं। राधिकाजी ने सिंहासन पर बैठकर सखियों को आदेश दिया- जाओ, जो मेरे राज्य पर अधिकार करना चाहता है, उसे पराजित कर तथा बाँधकर मेरे सामने उपस्थित करो।&amp;lt;ref&amp;gt;मोर राज्य अधिकार करे येई जन। पराभव करि तारे आन एई क्षण ।। (भक्तिरत्नाकर) &amp;lt;/ref&amp;gt; उमराव का आदेश पाकर सहस्त्र-सहस्त्र सखियों ने हाथों में पुष्प छड़ी लेकर युद्ध के लिए यात्रा की। अर्जुन, लवंग, भृंग, कोकिल, सुबल और मधुमंगल उन्हें देखकर इधर-उधर भागने लगे, परन्तु किसी चतुर सखी ने मधुमग्ङल को पकड़ लिया और उसे पुष्प माला द्वारा बाँधकर उमराव के चरणों में उपस्थित किया तथा कुछ गोपियाँ मधुमग्ङल को दो- चार गंल्चे भी जड़कर बोलीं- हमारे उमराव के राज्य पर अधिकार करने का इतना साहस? अभी हम तुम्हें दण्ड देती हैं। मधुमंगल पराजित सेनापति की भाँति सिर नीचे कर कहने लगा- ठीक है! हम पराजित हैं, किन्तु दण्ड ऐसा दो कि हमारा पेट भरे। ऐसा सुनकर महारानी राधिका हँसकर बोली- यह कोई पेटू [[ब्राह्मण]] है, इसे मुक्त कर दो। सखियों ने उसे पेटभर लड्डू खिलाकर छोड़ दिया। मधुमंगल लौटकर छत्रपति महाराजा कृष्ण को अपने बँध जाने का विवरण सुनाकर रोने का अभिनय करने लगा। ऐसा सुनकर कृष्ण ने मधुमंगल और सखाओं को लेकर उमराओ के ऊपर आक्रमण कर दिया। जब राधिका ने अपने प्राण वल्लभ श्रीकृष्ण को देखा तब बड़ी लज्जित होकर अपने उमराव वेश को दूर करने के लिए चेष्टा करने लगीं। सखियाँ हँसती हुई उन्हें ऐसा करने से रोकने लगीं। मधुमंगल ने छत्रपति बने हुए श्रीकृष्ण को उमराव राधिका के दक्षिण में बैठा दिया। दोनों में संधि हुई तथा कृष्ण ने राधिकाजी का आधिपत्य स्वीकार किया। मधुमंगल ने राधिका के प्रति हाथ जोड़कर कहा- कृष्ण का अंगरूपी राज्य अब तुम्हारे अधिकार में हैं। अब जो चाहो इनसे भेंट ग्रहण कर सकती हो। सारी सखियाँ और सखा इस अभिनय क्रीड़ा-विलास को देखकर बड़े आनन्दित हुय। उमराव लीला के कारण इस गाँव का नाम उमराओ है। यह स्थान राधास्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। तत्पश्चात पूर्णमासीजी ने यहाँ पर राधिका को ब्रजेश्वरी के रूप में अभिषिक्त किया। यहाँ किशोरी कुण्ड भी है। श्रीलोकनाथ गोस्वामी यहीं पर भजन करते थे। किशोरी कुण्ड से ही श्रीराधाविनोद-विग्रह प्रकट हुए थे। ये श्रीराधाविनोद जी ही लोकनाथ गोस्वामी आराध्यदेव हैं। अब यह श्रीविग्रह [[जयपुर]] में विराजमान हैं। उमराओ गाँव के पास ही धनशिंगा गाँव है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==                                                       &lt;br /&gt;
{{Refbox}}&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{ब्रज के वन}}{{ब्रज}}{{ब्रज के दर्शनीय स्थल}}&lt;br /&gt;
[[Category:ब्रज]]&lt;br /&gt;
[[Category:ब्रज के वन]] &lt;br /&gt;
[[Category:ब्रज के धार्मिक स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:ब्रज के दर्शनीय स्थल]]&lt;br /&gt;
[[Category:पर्यटन कोश]] &lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5_%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%81&amp;diff=293359</id>
		<title>साँचा:जीव जन्तु</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5_%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%81&amp;diff=293359"/>
		<updated>2012-09-18T19:07:57Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Navbox&lt;br /&gt;
|name=जीव जन्तु&lt;br /&gt;
|title =जीव जन्तु जगत&lt;br /&gt;
|titlestyle = background:#b0c47f&lt;br /&gt;
|groupstyle =background:#b0c47f;&lt;br /&gt;
|liststyle =padding-left:5px; padding-right:5px;   background:#ebf3d6;&lt;br /&gt;
|listpadding=0.5em 0em;&lt;br /&gt;
|image=&lt;br /&gt;
|imagestyle=&lt;br /&gt;
|imageleft =&lt;br /&gt;
|imageleftstyle=&lt;br /&gt;
|style =background:white&lt;br /&gt;
|basestyle= &lt;br /&gt;
|navbar=&lt;br /&gt;
|above=&lt;br /&gt;
|abovestyle=&lt;br /&gt;
|state=&amp;lt;includeonly&amp;gt;uncollapsed&amp;lt;/includeonly&amp;gt;&lt;br /&gt;
|oddstyle=&lt;br /&gt;
|evenstyle=&lt;br /&gt;
|group1 =स्तनधारी &lt;br /&gt;
|group1style=&lt;br /&gt;
|list1 = [[कंगारू]]'''·''' [[गाय]] '''·''' [[गिलहरी]] '''·''' [[गीदड़]] '''·''' [[लामा]] '''·''' [[चीतल]] '''·''' [[तेंदुआ]] '''·''' [[बंदर]] '''·''' [[बाघ]] '''·''' [[बारहसिंगा]] '''·''' [[भालू]] '''·''' [[भेड़िया]] '''·''' [[लंगूर]] '''·''' [[सिंह]] '''·''' [[हाथी]] '''·''' [[दरियाई घोड़ा]] '''·''' [[सेही]] '''·''' [[तहर (पहाड़ी बकरा)]] '''·''' [[नीलगिरि ताहर]] '''·''' [[भैंस]] '''·''' [[जंगली सूअर]] '''·''' [[सूअर]]&lt;br /&gt;
|list1style=&lt;br /&gt;
|group2 =सरीसृप&lt;br /&gt;
|group2style=&lt;br /&gt;
|list2 =[[अजगर]] '''·''' [[सर्प]] '''·''' [[गोह]] '''·''' [[नाग]] '''·''' [[खुकरी साँप]] '''·''' [[गिरगिट]]&lt;br /&gt;
|group3=पक्षी वर्ग&lt;br /&gt;
|group3style=&lt;br /&gt;
|list3= [[मोर]] '''·''' [[कबूतर]] '''·''' [[मैना]] '''·''' [[चील]] '''·''' [[पहाड़ी मैना]] '''·''' [[उल्लू]] '''·''' [[तोता]] '''·''' [[फ़ेज़ेंट]] '''·''' [[गिद्ध]] '''·''' [[टिटहरी]] '''·''' [[डोम कौवा]] '''·''' [[बुलबुल]] '''·''' [[कोयल]] '''·''' [[चातक]] '''·''' [[सारस]]&lt;br /&gt;
|list3style=&lt;br /&gt;
|group4=जलचर&lt;br /&gt;
|group4style=&lt;br /&gt;
|list4=[[गंगा डॉल्फ़िन]] '''·''' [[मछली]] '''·''' [[शार्क]] '''·''' [[बंबिल (बॉम्बे डक)]] '''·''' [[मरल मछली|मरल]] '''·''' [[केकड़ा]]&lt;br /&gt;
|list4style=&lt;br /&gt;
|group5=उभयचर&lt;br /&gt;
|group5style=&lt;br /&gt;
|list5 =[[कछुआ]] '''·''' [[बत्तख़]] '''·''' [[पनचिरा]] '''·''' [[मगरमच्छ]]&lt;br /&gt;
|list5style=&lt;br /&gt;
|group6=अन्य &lt;br /&gt;
|group6style=&lt;br /&gt;
|list6=[[तितली]]&lt;br /&gt;
|list6style=&lt;br /&gt;
|group7=&lt;br /&gt;
|group7style=&lt;br /&gt;
|list7=&lt;br /&gt;
|list7style=&lt;br /&gt;
|group8=&lt;br /&gt;
|group8style=&lt;br /&gt;
|list8=&lt;br /&gt;
|list8style=&lt;br /&gt;
|group9=&lt;br /&gt;
|group9style=&lt;br /&gt;
|list9=&lt;br /&gt;
|list9style=&lt;br /&gt;
|group10=&lt;br /&gt;
|group10style=&lt;br /&gt;
|list10 =&lt;br /&gt;
|list10style=&lt;br /&gt;
|group11=&lt;br /&gt;
|group11style=&lt;br /&gt;
|list11=&lt;br /&gt;
|list11style=&lt;br /&gt;
|group12=&lt;br /&gt;
|group12style=&lt;br /&gt;
|list12=&lt;br /&gt;
|list12style=&lt;br /&gt;
|group13=&lt;br /&gt;
|group13style=&lt;br /&gt;
|list13=&lt;br /&gt;
|list13style=&lt;br /&gt;
|group14=&lt;br /&gt;
|group14style=&lt;br /&gt;
|list14=&lt;br /&gt;
|list14style=&lt;br /&gt;
|group15=&lt;br /&gt;
|group15style=&lt;br /&gt;
|list15 =&lt;br /&gt;
|list15style=&lt;br /&gt;
|group16=&lt;br /&gt;
|group16style=&lt;br /&gt;
|list16=&lt;br /&gt;
|list16style=&lt;br /&gt;
|group17=&lt;br /&gt;
|group17style=&lt;br /&gt;
|list17=&lt;br /&gt;
|list17style=&lt;br /&gt;
|group18=&lt;br /&gt;
|group18style=&lt;br /&gt;
|list18=&lt;br /&gt;
|list18style=&lt;br /&gt;
|group19=&lt;br /&gt;
|group19style=&lt;br /&gt;
|list19=&lt;br /&gt;
|list19style=&lt;br /&gt;
|group20=&lt;br /&gt;
|group20style=&lt;br /&gt;
|list20=&lt;br /&gt;
|list20style=&lt;br /&gt;
|below=&lt;br /&gt;
|belowstyle=&lt;br /&gt;
}}&amp;lt;noinclude&amp;gt;[[Category:विज्ञान के साँचे]]&amp;lt;/noinclude&amp;gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=Crane&amp;diff=293358</id>
		<title>Crane</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=Crane&amp;diff=293358"/>
		<updated>2012-09-18T19:07:00Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: सारस को अनुप्रेषित (रिडायरेक्ट)&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[सारस]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B8&amp;diff=293357</id>
		<title>वार्ता:सारस</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B8&amp;diff=293357"/>
		<updated>2012-09-18T19:06:07Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{वार्ता}}' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{वार्ता}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B8&amp;diff=293356</id>
		<title>सारस</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B8&amp;diff=293356"/>
		<updated>2012-09-18T19:05:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{पुनरीक्षण}} {{tocright}} '''सारस''' (अंग्रेजी: Cran...' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
{{tocright}}&lt;br /&gt;
'''सारस''' ([[अंग्रेजी भाषा|अंग्रेजी]]: Crane) विश्व में सबसे लंबा उड़ने वाला पक्षी, दक्षिण एशिया का निवासी है। नामित प्रजाति ग्रस एंटिगोन एंटिगोन अब [[भारत]] में ही सीमित है, जबकि अन्य प्रजाति ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ भारत में [[असम]] से वियतनाम और यहाँ तक कि [[ऑस्ट्रेलिया]] में भी पाई जाती है, जहाँ ये [[1960]] के दशक के दौरान प्रवास कर गई थी। दूसरी प्रजाति का [[रंग]] इस्पाती-स्लेटी होता है, जबकि पहली की गर्दन पर [[सफ़ेद रंग|सफ़ेद]] पंख होते हैं।&lt;br /&gt;
==भारत में सारस==&lt;br /&gt;
भारतीय उपमहाद्वीप में नामित प्रजाति पश्चिम में [[सिंध]] से पूर्व में असम तक उत्तर में [[कश्मीर]] से दक्षिण में [[गोदावरी नदी|गोदावरी]] की द्रोणी तक पाई जाती थी। वर्तमान में यह [[उत्तर प्रदेश]], [[गुजरात]], [[राजस्थान]], [[मध्य प्रदेश]], [[बिहार]] और उत्तरी [[महाराष्ट्र]] राज्यों में बहुतायत में पाई जाती है। किछ जोड़े [[हरियाणा]] और [[जम्मू-कश्मीर]] में भी देखे जा सकते हैं। भारत में ग्रस एंटिगोन शार्पीयाइ असम और [[मेघालय]] तक ही सीमित है।&lt;br /&gt;
====निवास स्थान====&lt;br /&gt;
सारस जलासिक्त क्षेत्र, दलदल, नदी थाले, तालाब, जलाशय, नहर रिसाव क्षेत्र और द्रोणियों में पाया जाने वाला पक्षी है। यह कृषि योग्य भूमि, बंजर खेत, ख़राब होती ज़मीन (खारी और जलक्रांत) तथा परती भूमि में भी निवास करता है। बच्चों की ज़िम्मेदारी से मुक्त जोड़ों को स्वयं को पानी वाले इलाकों तह सीमित नहीं रखना पड़ता।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
विशेषकर बंजर और ऊसर भूमि जैसी खुली जगहें अल्पवयस्क सारसों का मिलन स्थल होती हैं। वे दोपाहर बाद और शाम को इन स्थानों पर जमा होते हैं और उस समय उनकी नाचने, गोल-गोल घूमने, पंख फैलाकर दौड़ने, चुनौती देने, झगड़ने, झुकने और पंजे के बल कूदने जैसी गतिविधियाँ देखी जा सकती हैं। ऐसी खुली जगहों में ही सारस की विख्यात जोड़ी बनती है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
नर और मादा किसी एक के मरने तक एक-दूसरे के प्रति वफ़ादार रहते हैं। वे हमेशा एक-दूसरे के साथ-साथ पाए जाते हैं और उनका बंधन उनकी एक साथ फैलाता है, अपनी चोंच को आसमान की तरफ़ उठाता है और एक लंबी, गूंजती आवाज़ निकालता है। जवाब में मादा आसमान की तरफ़ चोंच करके नर की लंबी पुकार का दो बार छोटे सaवर में जवाब देती है। बिगुल जैसी यह पुकार सभी सारसों की विशेषता है और इसे कफ़ी दूर तक सुना जा सकता है।&lt;br /&gt;
=====घोंसला=====&lt;br /&gt;
सारस अपना घोंसला घनी [[वनस्पति|वनस्पतियों]] से भरे उथले तालाबों के पास बनाते हैं, इनका घोंसला आसपास के दलदल से लाए जलीय पौधों का ढेर होता है। घोंसला बनाने में मादा अहम भूमिका निभाती है। घोंसला टाइफ़ा अंगूस्टेटा की घनी पैदावार या दलदल के उभरे टीले या जलकुंभी से भरे तालाब में भी हो सकता है। पानी भरे धान के खेत घोंसले बनाने की एक अन्य जगह है, हालांकि किसान ऐसे घोंसलों को सहन नहीं करते हैं। घोंसले बनाने की समयावधि जलक्षेत्र में पानी की अनुसार [[जुलाई]] से [[अगस्त]] और [[दिसंबर]] से [[जनवरी]] तक होती है। [[अप्रैल]] में भी सारसों को घोंसले बनाते देखा गया है। जिस इलाके में घोंसले बनाए जाते हैं, उसका क्षेत्रफल 0.07 से 1 वर्ग किमी होता है। &lt;br /&gt;
====सारस के चुज़े====&lt;br /&gt;
सामान्यतः मादा सारस एक बार में दो अंडे देती है, जिन्हें मादा और नर बारी-बारी से सेते हैं। अंडे से चुज़े 28 से 31 दिन में निकलते है। सारस के चुज़े बहुत तेज़ी से बड़े होते हैं। अंड़े से बाहर आने के कुछ ही घंटों में घोंसले में और आसपास गतिविधि प्रारंभ कर देते हैं। जब भी उनके माता-पिता उन्हें सचेत करते हैं। वे दलदल में छिप जाते हैं। वे सात से नौ महीने बाद अपने माता-पिता पर निर्भर नहीं रहते। उनका पालन-पोषण दलदल में उपलब्ध प्रोटीनयुक्त आहार (कीड़े, मोलस्क, कभी-कभी [[मछली]]) से किया जाता है। वतस्त सारस का भोजन जलासिक्त क्षेत्रों के पौधों के प्रकंद, घास एवं प्रतृण के बीज, कीड़े, मोलस्क और [[सांप]] होते हैं। रात को उनका परिवार दलदल के टीले पर या पेड़ के नीचे रहता हैं।&lt;br /&gt;
==ख़तरे==&lt;br /&gt;
[[1988]]-[[1989]] में दक्षिण एशिया में सारस की कुल संख्या 12 हज़ार आकी गई थी। आशंका है कि यह संख्या घट रही है। इनकी जन्मदर केवल 13 प्रतिशत है, जबकि यूरेशियाई (ग्रस ग्रस) और सैंडहिल (ग्रस केनेडेंसिस) सारस की जन्मदर 20 से 60 प्रतिशत है। सारस के चूज़े लबी घास से गुज़रते वक़्त वन एवं यूरेशियाई बिल्ली, नेवले और सियार का शिकार बन जाते हैं। जलासिक्त क्षेत्रों में भूमि के उपयोग के तरीक़े में परिवर्तन से प्रजनन और भरण-पोषण के लिए आवास की उपलब्धता में कमी आई है। फसल उत्पादन के तरीके में हुए बदलाव, यानी परंपरागत अनाज के बदले नकदी फसल उगाने के कारण सारस के भरण-पोषण पर भी असर पड़ा है। सारसों की मृत्यु के अन्य कारण विषैले कीटनाशक, गैर क़ानूनी शिकार तथा ऊपर लगे तारों से टकराना भी है। किसान भी अपने खेतों में घोंसलों को नष्ट कर देते हैं और यहां तक कि इस पक्षी को विष भी दे देते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
हाल के अध्ययनों से सारस की संख्या आमतौर पर [[राजस्थान]] में स्थिर लगती है और यह [[उत्तर प्रदेश]] और [[गुजरात]] में घट रही है। हाल ही में जून में पूरे भारत में की गई सारस की गणना के अनुसार, एक दिन में क़रीब 2,000 सारस गिने गए।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
सारस के जोड़े को दांपत्य प्रेम का प्रतीक माना जाता है और [[महाकाव्य]] [[रामायण]] से इसका संबंध होने के कारण भारत में आमतौर पर इसका शिकार या उत्पीड़न नहीं किया जाता। इसलिए यह गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फल-फूल रहा है, लेकिन [[बिहार]] और पूर्वी इलाकों में यह लुप्त होने के स्थिति में आ गया है। सारस की संख्या भारत के कथित पिछड़े इलाक़ों में स्थिर रही है, जहां भूमि के उपयोग का परंपरागत तरीक़ा बरक़रार हौ, वहां अकार्बनिक खाद और कीटनाशकों पर ज़ोर दिया जाता है। औद्योगिकीकरण और आधुनिक कृषि से सारस के आवास को ख़तरा है। सारसों के जोड़े इधर-उधर बिखरकर प्रजनन करते हैं और जलासिक्त भूमि की अवस्था व भोजन की उपलब्धता के अनुसार के क्षेत्र में चले जाते हैं, इसलिए अभयारण्य बनाकर इनकी रक्षा करना कठिन है। सारस की सुरक्षा का सर्वोत्तम तरीक़ा स्थानीय लोगों को संरक्षण पहल में शामिल करना और उन्हें पक्षी के आवास को साफ़-सुथरा रखने तथा अयिक्रमण और अत्यधिक दोहन से बचाने के लिए प्रेरित करना है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{जीव जन्तु}}&lt;br /&gt;
[[Category:पक्षी]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्राणि विज्ञान]]&lt;br /&gt;
[[Category:प्राणि विज्ञान कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:नया पन्ना सितम्बर-2012]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=Sarangpur&amp;diff=293355</id>
		<title>Sarangpur</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=Sarangpur&amp;diff=293355"/>
		<updated>2012-09-18T18:29:33Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: सारंगपुर को अनुप्रेषित (रिडायरेक्ट)&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[सारंगपुर]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0&amp;diff=293354</id>
		<title>साँचा:मध्य प्रदेश के नगर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0&amp;diff=293354"/>
		<updated>2012-09-18T18:27:36Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Navbox&lt;br /&gt;
|name=मध्य प्रदेश के नगर&lt;br /&gt;
|title =[[:श्रेणी:मध्य प्रदेश के नगर|मध्य प्रदेश के नगर]]&lt;br /&gt;
|titlestyle =background:#a4dde1;&lt;br /&gt;
|groupstyle =background:#dac0fa;&lt;br /&gt;
|liststyle =padding-left:5px; padding-right:5px; background:#daeeef;&lt;br /&gt;
|listpadding=0.5em 0em;&lt;br /&gt;
|image=&lt;br /&gt;
|imagestyle=background:#d8eee1;&lt;br /&gt;
|imageleft =&lt;br /&gt;
|imageleftstyle=&lt;br /&gt;
|style =&lt;br /&gt;
|basestyle= &lt;br /&gt;
|navbar=&lt;br /&gt;
|above=&lt;br /&gt;
|abovestyle=&lt;br /&gt;
|state=&amp;lt;includeonly&amp;gt;uncollapsed&amp;lt;/includeonly&amp;gt;&lt;br /&gt;
|oddstyle=&lt;br /&gt;
|evenstyle=&lt;br /&gt;
|group1 =&lt;br /&gt;
|group1style=&lt;br /&gt;
|list1 =[[इन्दौर]] '''·''' [[उज्जैन]] '''·''' [[खंडवा]] '''·''' [[खजुराहो]] '''·''' [[ग्वालियर]]  '''·''' [[जबलपुर]] '''·''' [[धार]] '''·''' [[नरसिंहगढ़]] '''·''' [[नौगांव मध्य प्रदेश|नौगांव]] '''·''' [[दशपुर]] '''·''' [[बालाघाट]] '''·''' [[बेसनगर]] '''·''' [[भोपाल]] '''·''' [[मंदसौर]] '''·''' [[विदिशा]] '''·''' [[खरगौन]] '''·''' [[छिंदवाड़ा]] '''·'''  [[छतरपुर]] '''·''' [[बुरहानपुर]] '''·''' [[पन्ना मध्य प्रदेश|पन्ना]] '''·''' [[दमोह]] '''·''' [[रायसेन]] '''·''' [[शिवपुरी]] '''·''' [[नरवर (मध्य प्रदेश)|नरवर]] '''·''' [[होशंगाबाद]] '''·''' [[नागदा]] '''·''' [[दतिया]] '''·''' [[रीवा]] '''·''' [[रतलाम]] '''·''' [[मंडला]] '''·''' [[सीहोर]] '''·''' [[सारंगपुर]]&lt;br /&gt;
|list1style=&lt;br /&gt;
|group2 =&lt;br /&gt;
|group2style=&lt;br /&gt;
|list2 =&lt;br /&gt;
|group3=&lt;br /&gt;
|group3style=&lt;br /&gt;
|list3=&lt;br /&gt;
|list3style= &lt;br /&gt;
|group4=&lt;br /&gt;
|group4style=&lt;br /&gt;
|list4=&lt;br /&gt;
|list4style=&lt;br /&gt;
|group5=&lt;br /&gt;
|group5style=&lt;br /&gt;
|list5 =&lt;br /&gt;
|list5style=&lt;br /&gt;
|group6=&lt;br /&gt;
|group6style=&lt;br /&gt;
|list6=&lt;br /&gt;
|list6style=&lt;br /&gt;
|group7=&lt;br /&gt;
|group7style=&lt;br /&gt;
|list7=&lt;br /&gt;
|list7style=&lt;br /&gt;
|group8=&lt;br /&gt;
|group8style=&lt;br /&gt;
|list8=&lt;br /&gt;
|list8style=&lt;br /&gt;
|group9=&lt;br /&gt;
|group9style=&lt;br /&gt;
|list9=&lt;br /&gt;
|list9style=&lt;br /&gt;
|group10=&lt;br /&gt;
|group10style=&lt;br /&gt;
|list10 =&lt;br /&gt;
|list10style=&lt;br /&gt;
|group11=&lt;br /&gt;
|group11style=&lt;br /&gt;
|list11=&lt;br /&gt;
|list11style=&lt;br /&gt;
|group12=&lt;br /&gt;
|group12style=&lt;br /&gt;
|list12=&lt;br /&gt;
|list12style=&lt;br /&gt;
|group13=&lt;br /&gt;
|group13style=&lt;br /&gt;
|list13=&lt;br /&gt;
|list13style=&lt;br /&gt;
|group14=&lt;br /&gt;
|group14style=&lt;br /&gt;
|list14=&lt;br /&gt;
|list14style=&lt;br /&gt;
|group15=&lt;br /&gt;
|group15style=&lt;br /&gt;
|list15 =&lt;br /&gt;
|list15style=&lt;br /&gt;
|group16=&lt;br /&gt;
|group16style=&lt;br /&gt;
|list16=&lt;br /&gt;
|list16style=&lt;br /&gt;
|group17=&lt;br /&gt;
|group17style=&lt;br /&gt;
|list17=&lt;br /&gt;
|list17style=&lt;br /&gt;
|group18=&lt;br /&gt;
|group18style=&lt;br /&gt;
|list18=&lt;br /&gt;
|list18style=&lt;br /&gt;
|group19=&lt;br /&gt;
|list19=&lt;br /&gt;
|group20=&lt;br /&gt;
|list20=&lt;br /&gt;
|below=&lt;br /&gt;
|belowstyle=&lt;br /&gt;
}}&amp;lt;noinclude&amp;gt;[[Category:नगर के साँचे]]&amp;lt;/noinclude&amp;gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&amp;diff=293353</id>
		<title>वार्ता:सारंगपुर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&amp;diff=293353"/>
		<updated>2012-09-18T18:26:59Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{वार्ता}}' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{वार्ता}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&amp;diff=293352</id>
		<title>सारंगपुर</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&amp;diff=293352"/>
		<updated>2012-09-18T18:25:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{पुनरीक्षण}} '''सारंगपुर''' मध्य भारत के पश्चिमोत्तर [[...' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{पुनरीक्षण}}&lt;br /&gt;
'''सारंगपुर''' मध्य [[भारत]] के पश्चिमोत्तर [[मध्य प्रदेश]] राज्य के कालीसिंध नदी के ठीक पूर्व में स्थित एक प्राचीन नगर है। &lt;br /&gt;
*यहाँ पर 12वीं शताब्दी की एक जैन प्रतिमा के साथ-साथ अनेक [[हिंदू]] व [[जैन]] [[भग्नावशेष]] हैं। &lt;br /&gt;
*13वीं शताब्दी में सारंग सिंह खिची के अधीन इस नगर का महत्त्व बढ़ा; सारंग सिंह के नाम पर ही इस नगर का नामकरण हुआ; तब यह एक प्रमुख मुग़ल व्यापार केंद्र था। &lt;br /&gt;
*1818 में एक संधि द्वारा यह देवास रियासत को हस्तांतरित हो गया। &lt;br /&gt;
*एक महत्त्वपूर्ण व्यावसायिक और [[कृषि]] व्यापार केंद्र सारंगपुर में चीनी मिलें और हथकरघा उद्योग है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{मध्य प्रदेश के नगर}}&lt;br /&gt;
[[Category:मध्य प्रदेश]]&lt;br /&gt;
[[Category:मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नगर]] &lt;br /&gt;
[[Category:मध्य प्रदेश के नगर]] &lt;br /&gt;
[[Category:भारत के नगर]] &lt;br /&gt;
[[Category:ऐतिहासिक स्थान कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80&amp;diff=293351</id>
		<title>उत्तराखंड के मुख्यमंत्री</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1_%E0%A4%95%E0%A5%87_%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80&amp;diff=293351"/>
		<updated>2012-09-18T18:02:39Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री को अनुप्रेषित (रिडायरेक्ट)&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;#REDIRECT [[उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1&amp;diff=293350</id>
		<title>साँचा:उत्तराखंड</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A4%BE:%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1&amp;diff=293350"/>
		<updated>2012-09-18T18:01:26Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{Navbox&lt;br /&gt;
|name=उत्तराखंड&lt;br /&gt;
|title =[[उत्तराखंड]]&lt;br /&gt;
|titlestyle =background:#bbe9d2;&lt;br /&gt;
|groupstyle =background:#bbe9d2;&lt;br /&gt;
|liststyle =padding-left:5px; padding-right:5px; &lt;br /&gt;
|listpadding=0.5em 0em;&lt;br /&gt;
|image=&lt;br /&gt;
|imagestyle=background:#ffecec;&lt;br /&gt;
|imageleft =&lt;br /&gt;
|imageleftstyle=&lt;br /&gt;
|style =&lt;br /&gt;
|basestyle= &lt;br /&gt;
|navbar=&lt;br /&gt;
|above=&lt;br /&gt;
|abovestyle=&lt;br /&gt;
|state=&amp;lt;includeonly&amp;gt;uncollapsed&amp;lt;/includeonly&amp;gt;&lt;br /&gt;
|oddstyle=background:#f1fff8;&lt;br /&gt;
|evenstyle=background:#e9fef4&lt;br /&gt;
|group1 =राजधानी&lt;br /&gt;
|group1style=&lt;br /&gt;
|list1 =[[देहरादून]]&lt;br /&gt;
|list1style=&lt;br /&gt;
|group2 =प्रमुख नगर&lt;br /&gt;
|group2style=&lt;br /&gt;
|list2 =[[उत्तरकाशी]] '''·''' [[देहरादून]] '''·''' [[नैनीताल]] '''·''' [[मसूरी]]&lt;br /&gt;
|list2style=&lt;br /&gt;
|group3 =धार्मिक नगर&lt;br /&gt;
|group3style=&lt;br /&gt;
|list3 =[[हरिद्वार]]&lt;br /&gt;
|group4=धार्मिक स्थल&lt;br /&gt;
|group4style=&lt;br /&gt;
|list4=[[चार धाम यात्रा]] '''·''' [[केदारनाथ]] '''·''' [[त्रिजुगीनारायण]] '''·''' [[गंगोत्री]] '''·''' [[यमुनोत्री]] '''·''' [[बद्रीनाथ]] '''·''' [[देवप्रयाग]] '''·''' [[बदरी]]&lt;br /&gt;
|group5=प्रमुख नदियाँ&lt;br /&gt;
|group5style=&lt;br /&gt;
|list5=[[अलकनंदा नदी|अलकनंदा]] '''·''' [[भागीरथी नदी|भागीरथी]] '''·''' [[रामगंगा नदी|रामगंगा]] '''·''' [[गंगा नदी|गंगा]] '''·''' [[यमुना नदी|यमुना]] '''·''' [[काली नदी|काली]] '''·''' [[शारदा नदी|शारदा]]&lt;br /&gt;
|list5style=&lt;br /&gt;
|group6=पर्यटन स्थल&lt;br /&gt;
|group6style=&lt;br /&gt;
|list6=[[नैनीताल]] '''·''' [[मसूरी]] '''·''' [[कौसानी]] '''·''' [[धनौल्टी]]&lt;br /&gt;
|group7=ज़िले&lt;br /&gt;
|group7style=&lt;br /&gt;
|list7 = [[अल्मोड़ा ज़िला]] '''·''' [[उत्तरकाशी ज़िला]] '''·''' [[उधमसिंहनगर ज़िला]] '''·''' [[चमोली ज़िला]] '''·''' [[चम्पावत ज़िला]] '''·''' [[टिहरी गढ़वाल  ज़िला]] '''·''' [[देहरादून ज़िला]] '''·''' [[नैनीताल ज़िला]] '''·''' [[पिथौरागढ ज़िला]] '''·''' [[पौड़ी गढ़वाल  ज़िला]] '''·''' [[बागेश्वर ज़िला]] '''·''' [[रुद्र प्रयाग ज़िला]] '''·''' [[हरिद्वार ज़िला]]&lt;br /&gt;
|list7style=&lt;br /&gt;
|group8=राजनीति&lt;br /&gt;
|group8style=&lt;br /&gt;
|list8=[[उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री|मुख्यमंत्री]]&lt;br /&gt;
|list8style=&lt;br /&gt;
|group9=भाषा&lt;br /&gt;
|group9style=&lt;br /&gt;
|list9=[[हिन्दी भाषा|हिन्दी]]  '''·''' [[कुमाऊँनी भाषा|कुमाऊँनी]] '''·'''  [[गढ़वाली भाषा|गढ़वाली]]&lt;br /&gt;
|list9style=background:#f1fff8;&lt;br /&gt;
|group10=&lt;br /&gt;
|group10style=&lt;br /&gt;
|list10=&lt;br /&gt;
|list10style=&lt;br /&gt;
|group11=&lt;br /&gt;
|group11style=&lt;br /&gt;
|list11=&lt;br /&gt;
|list11style=&lt;br /&gt;
|group12=&lt;br /&gt;
|group12style=&lt;br /&gt;
|list12=&lt;br /&gt;
|list12style=&lt;br /&gt;
|group13=&lt;br /&gt;
|group13style=&lt;br /&gt;
|list13=&lt;br /&gt;
|list13style=&lt;br /&gt;
|group14=&lt;br /&gt;
|group14style=&lt;br /&gt;
|list14=&lt;br /&gt;
|list14style=&lt;br /&gt;
|group15=&lt;br /&gt;
|group15style=&lt;br /&gt;
|list15 =&lt;br /&gt;
|list15style=&lt;br /&gt;
|group16=&lt;br /&gt;
|group16style=&lt;br /&gt;
|list16=&lt;br /&gt;
|list16style=&lt;br /&gt;
|group17=&lt;br /&gt;
|group17style=&lt;br /&gt;
|list17=&lt;br /&gt;
|list17style=&lt;br /&gt;
|group18=&lt;br /&gt;
|group18style=&lt;br /&gt;
|list18=&lt;br /&gt;
|list18style=&lt;br /&gt;
|group19=&lt;br /&gt;
|list19=&lt;br /&gt;
|group20=&lt;br /&gt;
|list20=&lt;br /&gt;
|below=&lt;br /&gt;
|belowstyle=&lt;br /&gt;
}}&amp;lt;noinclude&amp;gt;[[Category:राज्य के साँचे]]&amp;lt;/noinclude&amp;gt;&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%9C_%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF&amp;diff=288350</id>
		<title>भोज जाति</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%9C_%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF&amp;diff=288350"/>
		<updated>2012-08-18T10:20:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;'''भोज जाति''' [[अशोक]] के साम्राज्य के अंतर्गत दक्षिण में [[बरार]] प्रांत में तथा उससे लगे हुए पश्चिमी भारत के निवासी भोज कहलाते थे।&amp;lt;ref&amp;gt; {{cite book | last =भट्ट| first =जनार्दन | title =अशोक के धर्मलेख| edition = | publisher =प्रकाशन विभाग| location =नई दिल्ली| language =हिंदी | pages =119| chapter =}} &amp;lt;/ref&amp;gt; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==बाहरी कड़ियाँ==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{जातियाँ और जन जातियाँ}}&lt;br /&gt;
[[Category:नया पन्ना सितंबर-2011]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
[[Category:इतिहास_कोश]][[Category:जातियाँ_और_जन_जातियाँ]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%9C_%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF&amp;diff=288349</id>
		<title>वार्ता:भोज जाति</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE:%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%9C_%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BF&amp;diff=288349"/>
		<updated>2012-08-18T10:20:07Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: '{{वार्ता}}' के साथ नया पन्ना बनाया&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{वार्ता}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Carpenter-1.jpg&amp;diff=288348</id>
		<title>चित्र:Carpenter-1.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Carpenter-1.jpg&amp;diff=288348"/>
		<updated>2012-08-18T10:19:40Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[बढ़ई]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/70534225@N00/ Dan.be]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/70534225@N00/383125840 Carpenters]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/70534225@N00/ Dan.be's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=बढ़ई लकड़ी का काम करने वाले लोगों के समुदाय को कहा जाता है। ये प्राचीन काल से समाज के प्रमुख अंग रहे हैं। [[भारत]] में वर्णव्यवस्था बहुत प्राचीन काल से चल रही है। अपने कार्य के अनुसार ही जातियों की उत्पत्ति हुई है। [[लोहा|लोहे]] के काम करने वाले लोहार तथा लकड़ी के काम करने वाले 'बढ़ई' कहलाए। &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial={{Noncommercial}} &lt;br /&gt;
|Share Alike= &lt;br /&gt;
|No Derivative Works= {{No Derivative Works}}&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Carpenter.jpg&amp;diff=288347</id>
		<title>चित्र:Carpenter.jpg</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0:Carpenter.jpg&amp;diff=288347"/>
		<updated>2012-08-18T10:19:16Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;फ़ौज़िया ख़ान: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{चित्र सूचना&lt;br /&gt;
|विवरण=[[बढ़ई]]&lt;br /&gt;
|चित्रांकन= [http://www.flickr.com/people/hyougushi/ Hideyuki KAMON]&lt;br /&gt;
|दिनांक=&lt;br /&gt;
|स्रोत= www.flickr.com&lt;br /&gt;
|प्रयोग अनुमति=&lt;br /&gt;
|चित्रकार=&lt;br /&gt;
|उपलब्ध=[http://www.flickr.com/photos/hyougushi/50466389 Carpenters]&lt;br /&gt;
|प्राप्ति स्थान=&lt;br /&gt;
|समय-काल=&lt;br /&gt;
|संग्रहालय क्रम संख्या=&lt;br /&gt;
|आभार= [http://www.flickr.com/photos/hyougushi/ Hyougushi's photostream]&lt;br /&gt;
|आकार=&lt;br /&gt;
|अन्य विवरण=बढ़ई लकड़ी का काम करने वाले लोगों के समुदाय को कहा जाता है। ये प्राचीन काल से समाज के प्रमुख अंग रहे हैं। [[भारत]] में वर्णव्यवस्था बहुत प्राचीन काल से चल रही है। अपने कार्य के अनुसार ही जातियों की उत्पत्ति हुई है। [[लोहा|लोहे]] के काम करने वाले लोहार तथा लकड़ी के काम करने वाले 'बढ़ई' कहलाए। &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
{{CCL&lt;br /&gt;
|Attribution={{Attribution}}&lt;br /&gt;
|Noncommercial= &lt;br /&gt;
|Share Alike={{Share Alike}}&lt;br /&gt;
|No Derivative Works= &lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>फ़ौज़िया ख़ान</name></author>
	</entry>
</feed>