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	<title>Bharatkosh - सदस्य द्वारा योगदान [hi]</title>
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		<author><name>Aadesh Pandey</name></author>
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		<title>अरुणाचल प्रदेश</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Aadesh Pandey: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राज्य&lt;br /&gt;
|Image=Arunachal-map-large.jpg&lt;br /&gt;
|राजधानी=ईटानगर&lt;br /&gt;
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|राजभाषा(एँ)=अंग्रेज़ी, हिन्दी, असमिया&lt;br /&gt;
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|मुख्य पर्यटन स्थल=ईटानगर, तवांग, दिरांग, बोमडिला, टीपी, मालिनिथान, लीकाबाली, पासीघाट&lt;br /&gt;
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|विधान सभा सदस्य संख्या=60&lt;br /&gt;
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|अद्यतन=2010/03/30&lt;br /&gt;
|emblem=Arunachal Pradesh-Logo.jpg&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[State::अरुणाचल प्रदेश]] / Arunachal Pradesh&lt;br /&gt;
*अरुणाचल प्रदेश [[भारत]] गणराज्य का एक उत्तर पूर्वी राज्य है। &lt;br /&gt;
*'अरुणाचल' का अर्थ हिन्दी में शाब्दिक अर्थ है 'उगते सूर्य की भूमि' (अरुण+अचल)। &lt;br /&gt;
*अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न राज्य है किन्तु चीन राज्य के एक भाग पर अपना अधिकार दक्षिणी तिब्बत के रूप में जताता है। &lt;br /&gt;
*अरुणाचल प्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी और असमिया है साथ ही अंग्रेजी भाषा भी आजकल धीरे धीरे लोकप्रिय हो रही है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश को पहले पूर्वात्तर सीमांत एजेंसी (नार्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी- नेफा) के नाम से जाना जाता था। इस राज्य के पश्चिम, उत्तर और पूर्व में क्रमश: भूटान, तिब्बत, चीन, और म्यांमार देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं। अरुणाचल प्रदेश की सीमा नागालैंड और असम से भी मिलती है। इस राज्य में पहाड़ी और अर्द्ध-पहाड़ी क्षेत्र है। इसके पहाड़ों की ढलान [[असम]] राज्य के मैदानी भाग की ओर है। [[चित्र:Tawang-Monestary-Arunachal-Pradesh-5.jpg|तवांग, अरुणाचल प्रदेश&amp;lt;br /&amp;gt; Tawang, Arunachal Pradesh|thumb|left]]'कामेंग', 'सुबनसिरी', 'सिआंग', 'लोहित' और 'तिरप' आदि नदियां इन्हें अलग-अलग घाटियों में विभाजित कर देती हैं। यहाँ का इतिहास  लिखित रूप में उपलब्ध नहीं है। मौखिक परंपरा के रूप में कुछ थोड़ा सा साहित्य और ऐतिहासिक खंडहर हैं जो इस पर्वतीय क्षेत्र में मिलते हैं।  इन स्थानों की खुदाई और विश्लेषण के द्वारा पता चलता है कि ये ईस्वी सन प्रारंभ होने के समय के हैं। ऐतिहासिक प्रमाणों से पता चलता है कि यह  जाना-पहचाना क्षेत्र ही नहीं था वरन जो लोग यहाँ रहते थे उनका देश के अन्य भागों से निकट का संबंध था। अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास 24 फरवरी, 1826 को  'यंडाबू संधि' होने के बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू होने के बाद से प्राप्त होता हैं। सन 1962 से पहले इस राज्य को नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) के नाम से जाना जाता था। संवैधानिक रूप से यह असम का ही एक भाग था परंतु सामरिक महत्व के कारण 1965 तक यहाँ के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। 1965 के पश्चात असम के राज्पाल के द्वारा यहाँ का प्रशासन गृह मंत्रालय के अन्तर्गत आ गया था। सन 1972 में अरुणाचल प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बनाया गया था और इसका नाम 'अरुणाचल प्रदेश' किया गया। इस सब के बाद '''20 फरवरी, 1987 को यह भारतीय संघ का 24वां राज्य''' बनाया गया।&lt;br /&gt;
==भूगोल==&lt;br /&gt;
अरुणाचल का अधिकतर भाग [[हिमालय]] से ढका है, लेकिन लोहित, चांगलांग और तिरप  पतकाई पहाडि़यों मे स्थित हैं। काँग्तो, न्येगी कांगसांग, मुख्य गोरीचन चोटी और पूर्वी गोरीचन चोटी इस राज्य में हिमालय की सबसे ऊंची चोटियाँ हैं। तवांग का 'बुमला दर्रा'  सन 2006 में 44 वर्षों मे पहली बार व्यापार के लिए खोला गया था और व्यापारियों को एक दूसरे &lt;br /&gt;
के क्षेत्र मे प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी। हिमालय पर्वतमाला का पूर्वी भाग अरुणाचल प्रदेश को चीन से अलग करता है। यह पर्वतमाला आगे [[नागालैंड]] की ओर मुड़ जाती है और भारत और बर्मा के मध्य चांगलांग और तिरप ज़िले में एक प्राकृतिक सीमा का निर्माण करती है और एक सीमा का कार्य करती है। अरुणाचल प्रदेश की सीमायें दक्षिण में असम, दक्षिण पूर्व मे नागालैंड, पूर्व में [[म्यांमार]], पश्चिम में [[भूटान]] और उत्तर में [[तिब्बत]] से मिलती हैं। प्रसिद्ध 'लेडो बर्मा रोड' का एक भाग इस राज्य से होकर जाता है, इस सड़क ने द्वितीय &lt;br /&gt;
विश्व युद्ध के दौरान चीन के लिये 'जीवन रेखा' की भूमिका निभाई थी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश का मौसम बदलता रहता है। हिमालय के ऊंचाई वाले भाग स्थित तिब्बत के निकटवर्ती भागों में मौसम टुन्ड्रा प्रदेश की भाँति होता है। मध्य हिमालयी भागों में मौसम समशीतोष्ण होता है। यहाँ सेब, संतरा, आदि फलदार वृक्ष होते हैं। हिमालय के क्षेत्र में नम उष्णकटिबंधीय मौसम रहता है जहां अधिक तेज़ गरमी और हल्की सर्दियाँ होती है। अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुन्दरता देखते ही बनती है। यहाँ आर्किड के फूल भी पाए जाते हैं। हरी भरी घाटियाँ और यहाँ के लोक-गीत संगीत,हस्तशिल्प सभी कुछ मन लुभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 160 से 80 इंच (2000 से 4000 मिमी) तक वार्षिक वर्षा होती है। अधिकतर वर्षा मई और सितंबर माह में होती है। यहाँ के पहाड़ और उनकी ढलानें समशीतोष्ण और उपविषुवतीय जंगलों से  भरी हैं, इसी कारण से यहाँ बौना रॉडॉडेन्ड्रोन, ओक, चीड़, मैप्ले, फर और जुनिपर के वृक्ष मिलते हैं साथ ही साल और सागौन प्रजाति के वृक्ष भी मिलते है।&lt;br /&gt;
==जनसाँख्यिकी आंकडे==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Bomdila-Arunachal-Pradesh-1.jpg|thumb|बोमडिला, अरुणाचल प्रदेश&amp;lt;br /&amp;gt; Bomdila, Arunachal Pradesh]]&lt;br /&gt;
63 प्रतिशत अरुणाचल निवासी 19 प्रमुख जनजाति तथा 85 अन्य जनजातियों से हैं। इनमें से अधिकतर तिब्बत-बर्मा मूल से हैं। शेष 35 प्रतिशत जनसंख्या आप्रवासी हैं, जिनमें से 31,000 बंगाली, बोड़ो, हजोन्ग, बंगला देश से आये चकमा शरणार्थी और असम , नागालैंड और भारत के अन्य भागों से आये प्रवासी हैं। सबसे बडी़ जनजातियों में गालो, निशि, खम्ति, मोंपा और अपातनी प्रमुख रूप से हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश की साक्षरता दर 1991 में 41,59 % से बढ़कर 54,74 % हो गयी है । 487796 व्यक्ति पढ़े लिखे है। भारत सरकार की 2001 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार अरुणाचल के 20 % निवासी प्रकृतिधर्मी हैं, जो जीववादी धर्म- डो न्यी-पोलो और रन्गफ्राह का निर्वाह करते है। मिरि और नोक्ते जाति के लगभग पैंतीस प्रतिशत निवासी हिन्दू हैं। राज्य के 13% निवासी बौद्ध धर्म का पालन करते है। तिब्बती बौद्ध धर्म मुख्य रूप से तवांग, पश्चिम कामेंग और तिब्बत से लगे भागों मे प्रचलित है। थेरावाद बौद्ध धर्म का म्यांमार की सीमा से सटे क्षेत्रों में पालन किया जाता है। लगभग 19 प्रतिशत निवासी ईसाई धर्म से हैं।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
सन 2004 में अरुणाचल प्रदेश का सकल घरेलू उत्पादन 706 मिलियन डॉलर के लगभग था। अर्थव्यवस्था  मुख्यत: कृषि प्रधान है। 'झुम' खेती जो आदिवासी समूहों में पहले प्रचलित थी, अब कम लोग इस प्रकार खेती करते है। अरुणाचल प्रदेश का लगभग 61000 वर्ग किलोमीटर का भाग घने जंगलों से भरा है, और वन्य उत्पाद राज्य की अर्थव्यवस्था का दूसरा महत्वपूर्ण भाग है। यहाँ फसलों में चावल, मक्का, बाजरा, गेहूं, दलहन, गन्ना, अदरक और तिलहन मुख्य रूप से हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश फलों के उत्पादन के लिए आदर्श है। पर्यावरण की दृष्टि से यहाँ के प्रमुख उद्योग आरा मिल और प्लाईवुड को कानूनन बंद कर दिया गया है। चावल मिल, फल परिरक्षण इकाइयाँ, हस्तशिल्प और हथकरघा आदि यहाँ के अन्य प्रमुख उद्योग हैं।&lt;br /&gt;
==सामाजिक जीवन==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश के कुछ महत्वपूर्ण त्योहारों में 'अदीस' समुदाय का 'मापिन और सोलंगु', 'मोनपा' समुदाय का त्योहार 'लोस्सार', 'अपतानी' समुदाय का 'द्री', 'तगिनों' समुदाय का 'सी-दोन्याई', 'इदु-मिशमी' समुदाय का 'रेह', 'निशिंग समुदाय का 'न्योकुम' आदि त्योहार शामिल हैं। अधिकतर त्योहारों पर पशुओं को बलि चढ़ाने की पुरातन प्रथा है।&lt;br /&gt;
==कृषि==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों के जीवनयापन का मुख्य आधार कृषि है। यहाँ की अर्थव्यवस्था 'झूम' खेती पर ही मुख्यत: आधरित है। आजकल नकदी फसलों, जैसे-आलू और बागबानी की फसलें, जैसे सेब, संतरे और अनन्नास आदि को प्रोत्साहन  जा रहा है।&lt;br /&gt;
==खनिज और उद्योग==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Itanagar-Gompa-Arunachal-Pradesh-2.jpg|thumb|ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश&amp;lt;br /&amp;gt; Itanagar, Arunachal Pradesh]]&lt;br /&gt;
राज्य की विशाल खनिज संपदा के संरक्षण के लिए 1991 में 'अरुणाचल प्रदेश खनिज विकास' और 'व्यापार निगम लिमिटेड' (ए. पी. एम. डी. टी. सी. एल.) की स्थापना की गई थी। विभिन्न प्रकार के व्यापार में दस्तकारों को प्रशिक्षण देना, रोइंग, टबारीजो, दिरांग, युपैया और मैओ में कार्यरत पांच 'सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान' (आई॰टी॰आई॰) हैं। आई॰टी॰आई॰ युपैया महिलाओं के लिए विशेष रूप से बना है जो पापुम पारे ज़िले में स्थित है।&lt;br /&gt;
==सिंचाई और बिजली==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश में 87,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित क्षेत्र है। राज्य की विद्युत क्षमता लगभग 30,735 मेगावॉट है। राज्य के 3,649 गांवों में से लगभग 2,600 गांवों का विद्युतीकरण कर दिया गया है।&lt;br /&gt;
==परिवहन==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश में 330 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग (सड़क मार्ग) है।&lt;br /&gt;
==पंचायती राज==&lt;br /&gt;
ग्रामीण क्षेते के विकास के लिए 'अरुणाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग' ने राज्य सरकार के सहयोग से मई, 2008 में पंचायती चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं जिससे कि ग्रामों का समुचित विकास हो सके।&lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल==&lt;br /&gt;
[[चित्र:Tawang-Arunachal-Pradesh-4.jpg|thumb|तवांग, अरुणाचल प्रदेश&amp;lt;br /&amp;gt; Tawang, Arunachal Pradesh]]&lt;br /&gt;
राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल- &lt;br /&gt;
*तवांग, &lt;br /&gt;
*दिरांग, &lt;br /&gt;
*बोमडिला, &lt;br /&gt;
*टीपी, &lt;br /&gt;
*ईटानगर, &lt;br /&gt;
*मालिनीथन, &lt;br /&gt;
*लीकाबाली, &lt;br /&gt;
*पासीघट, &lt;br /&gt;
*अलोंग, &lt;br /&gt;
*तेजू, &lt;br /&gt;
*मियाओ, &lt;br /&gt;
*रोइंग, &lt;br /&gt;
*दापोरिजो, &lt;br /&gt;
*नामदफा, &lt;br /&gt;
*भीष्मकनगर, &lt;br /&gt;
*परशुराम कुंड और &lt;br /&gt;
*खोंसा हैं।&lt;br /&gt;
'''ईटा किला'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस किले का निर्माण 14 -15वीं शताब्दी में कराया गया था। इसके नाम पर ही इस जगह का नाम ईटानगर है। इस किले से बहुत ही सुन्दर दृश्य दिखायी देते हैं। किले को देखने के बाद सैलानी पौराणिक गंगा झील भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''पौराणिक गंगा झील'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पौराणिक गंगा झील ईटानगर से 6 किमी. की दूरी पर है। झील के पास सुन्दर प्राकृतिक जंगल है। सैलानी यहाँ सुन्दर पेड़-पौधे, वन्य जीव और फूलों के बगीचे भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''बौद्ध मंदिर'''&lt;br /&gt;
[[चित्र:Sela-Pass-Arunachal-Pradesh-3.jpg|thumb|सेला पास, अरुणाचल प्रदेश&amp;lt;br /&amp;gt; Sela Pass, Arunachal Pradesh]]&lt;br /&gt;
यहाँ पर एक खूबसूरत बौद्ध मन्दिर है। बौद्ध गुरु दलाई लामा भी  यहाँ की यात्रा कर चुके हैं। इस मन्दिर की छत पीले रंग की है और इस मन्दिर का निर्माण तिब्बती शैली में किया गया है। इस मन्दिर की छत से ईटानगर के सुंदर दृश्य दिखायी देते हैं। मन्दिर में एक संग्राहलय भी है जिसका नाम जवाहरलाल नेहरू संग्राहलय है। इस संग्राहलय में पूरे अरुणाचल प्रदेश की झाँकी देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त यहाँ पर लकड़ियों से बनी खूबसूरत वस्तुएं, वाद्ययंत्र, सुन्दर कपड़े, हस्तनिर्मित वस्तुएं और केन की बनी सुन्दर कलाकृतियों का संग्रह देख सकते हैं। संग्राहलय में एक पुस्तकालय भी है। अन्य स्थलों में दोन्यी-पोलो विद्या भवन, विज्ञान संस्थान, इंदिरा गांधी उद्यान और अभियांत्रिकी संस्थान प्रमुख हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''पापुम पेर'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश का पापुम पेर बहुत ही सुन्दर स्थान है। इसका मुख्यालय यूपिया में स्थित है। यह ईटानगर से 20 किमी. दूर है। पापुम पेर हिमालय की तराई में बसा हुआ है। यहाँ से हिमालय की अनेक चोटियाँ दिखायी देती हैं। इनके अतिरिक्त यहाँ जंगलों, नदियों की प्राकृतिक छटा को भी देख सकते हैं। अधिकतर पर्यटन स्थल ईटानगर, दोईमुख, सिगेली और किमीन में स्थित है। इन  स्थलों की यात्रा करने के लिए पर्यटकों को अरुणाचल प्रदेश के सरकारी कार्यालय से परमिट लेना पड़ता है।&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण जगहें हैं-&lt;br /&gt;
#तवांग&lt;br /&gt;
#परशुराम कुंद&lt;br /&gt;
#भिस्माक्नगर.&lt;br /&gt;
#मालिनिथन&lt;br /&gt;
#अकाशिगंगा.&lt;br /&gt;
#नामडाफा&lt;br /&gt;
#ईटानगर&lt;br /&gt;
#बोमडिला&lt;br /&gt;
==अन्य लिंक==&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
{{अरुणाचल प्रदेश के ज़िले}}&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|{{राज्य और के. शा. प्र.}}&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:भारत_के_राज्य_और_केन्द्र_शासित_प्रदेश]]&lt;br /&gt;
[[Category:अरुणाचल प्रदेश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Aadesh Pandey</name></author>
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		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6&amp;diff=20307</id>
		<title>अरुणाचल प्रदेश</title>
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		<updated>2010-05-10T10:41:45Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Aadesh Pandey: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राज्य&lt;br /&gt;
|Image=Arunachal-map-large.jpg&lt;br /&gt;
|राजधानी=ईटानगर&lt;br /&gt;
|जनसंख्या=1,097,968&lt;br /&gt;
|जनसंख्या घनत्व=13&lt;br /&gt;
|क्षेत्रफल=83,743sqkm&lt;br /&gt;
|भौगोलिक निर्देशांक=27°04′N 93°22′E&lt;br /&gt;
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|राजभाषा(एँ)=अंग्रेज़ी, हिन्दी, असमिया&lt;br /&gt;
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|अद्यतन=2010/03/30&lt;br /&gt;
|emblem=Arunachal Pradesh-Logo.jpg&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[State::अरुणाचल प्रदेश]] / Arunachal Pradesh&lt;br /&gt;
*अरुणाचल प्रदेश [[भारत]] गणराज्य का एक उत्तर पूर्वी राज्य है। &lt;br /&gt;
*'अरुणाचल' का अर्थ हिन्दी में शाब्दिक अर्थ है 'उगते सूर्य की भूमि' (अरुण+अचल)। &lt;br /&gt;
*अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न राज्य है किन्तु चीन राज्य के एक भाग पर अपना अधिकार दक्षिणी तिब्बत के रूप में जताता है। &lt;br /&gt;
*अरुणाचल प्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी और असमिया है साथ ही अंग्रेजी भाषा भी आजकल धीरे धीरे लोकप्रिय हो रही है।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश को पहले पूर्वात्तर सीमांत एजेंसी (नार्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी- नेफा) के नाम से जाना जाता था। इस राज्य के पश्चिम, उत्तर और पूर्व में क्रमश: भूटान, तिब्बत, चीन, और म्यांमार देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं। अरुणाचल प्रदेश की सीमा नागालैंड और असम से भी मिलती है। इस राज्य में पहाड़ी और अर्द्ध-पहाड़ी क्षेत्र है। इसके पहाड़ों की ढलान [[असम]] राज्य के मैदानी भाग की ओर है। [[चित्र:Tawang-Monestary-Arunachal-Pradesh-5.jpg|तवांग&amp;lt;br /&amp;gt; Tawang|thumb|left]]'कामेंग', 'सुबनसिरी', 'सिआंग', 'लोहित' और 'तिरप' आदि नदियां इन्हें अलग-अलग घाटियों में विभाजित कर देती हैं। यहाँ का इतिहास  लिखित रूप में उपलब्ध नहीं है। मौखिक परंपरा के रूप में कुछ थोड़ा सा साहित्य और ऐतिहासिक खंडहर हैं जो इस पर्वतीय क्षेत्र में मिलते हैं।  इन स्थानों की खुदाई और विश्लेषण के द्वारा पता चलता है कि ये ईस्वी सन प्रारंभ होने के समय के हैं। ऐतिहासिक प्रमाणों से पता चलता है कि यह  जाना-पहचाना क्षेत्र ही नहीं था वरन जो लोग यहाँ रहते थे उनका देश के अन्य भागों से निकट का संबंध था। अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास 24 फरवरी, 1826 को  'यंडाबू संधि' होने के बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू होने के बाद से प्राप्त होता हैं। सन 1962 से पहले इस राज्य को नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) के नाम से जाना जाता था। संवैधानिक रूप से यह असम का ही एक भाग था परंतु सामरिक महत्व के कारण 1965 तक यहाँ के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। 1965 के पश्चात असम के राज्पाल के द्वारा यहाँ का प्रशासन गृह मंत्रालय के अन्तर्गत आ गया था। सन 1972 में अरुणाचल प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बनाया गया था और इसका नाम 'अरुणाचल प्रदेश' किया गया। इस सब के बाद '''20 फरवरी, 1987 को यह भारतीय संघ का 24वां राज्य''' बनाया गया।&lt;br /&gt;
==भूगोल==&lt;br /&gt;
अरुणाचल का अधिकतर भाग [[हिमालय]] से ढका है, लेकिन लोहित, चांगलांग और तिरप  पतकाई पहाडि़यों मे स्थित हैं। काँग्तो, न्येगी कांगसांग, मुख्य गोरीचन चोटी और पूर्वी गोरीचन चोटी इस राज्य में हिमालय की सबसे ऊंची चोटियाँ हैं। तवांग का 'बुमला दर्रा'  सन 2006 में 44 वर्षों मे पहली बार व्यापार के लिए खोला गया था और व्यापारियों को एक दूसरे &lt;br /&gt;
के क्षेत्र मे प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी। हिमालय पर्वतमाला का पूर्वी भाग अरुणाचल प्रदेश को चीन से अलग करता है। यह पर्वतमाला आगे [[नागालैंड]] की ओर मुड़ जाती है और भारत और बर्मा के मध्य चांगलांग और तिरप ज़िले में एक प्राकृतिक सीमा का निर्माण करती है और एक सीमा का कार्य करती है। अरुणाचल प्रदेश की सीमायें दक्षिण में असम, दक्षिण पूर्व मे नागालैंड, पूर्व में [[म्यांमार]], पश्चिम में [[भूटान]] और उत्तर में [[तिब्बत]] से मिलती हैं। प्रसिद्ध 'लेडो बर्मा रोड' का एक भाग इस राज्य से होकर जाता है, इस सड़क ने द्वितीय &lt;br /&gt;
विश्व युद्ध के दौरान चीन के लिये 'जीवन रेखा' की भूमिका निभाई थी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश का मौसम बदलता रहता है। हिमालय के ऊंचाई वाले भाग स्थित तिब्बत के निकटवर्ती भागों में मौसम टुन्ड्रा प्रदेश की भाँति होता है। मध्य हिमालयी भागों में मौसम समशीतोष्ण होता है। यहाँ सेब, संतरा, आदि फलदार वृक्ष होते हैं। हिमालय के क्षेत्र में नम उष्णकटिबंधीय मौसम रहता है जहां अधिक तेज़ गरमी और हल्की सर्दियाँ होती है। अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुन्दरता देखते ही बनती है। यहाँ आर्किड के फूल भी पाए जाते हैं। हरी भरी घाटियाँ और यहाँ के लोक-गीत संगीत,हस्तशिल्प सभी कुछ मन लुभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 160 से 80 इंच (2000 से 4000 मिमी) तक वार्षिक वर्षा होती है। अधिकतर वर्षा मई और सितंबर माह में होती है। यहाँ के पहाड़ और उनकी ढलानें समशीतोष्ण और उपविषुवतीय जंगलों से  भरी हैं, इसी कारण से यहाँ बौना रॉडॉडेन्ड्रोन, ओक, चीड़, मैप्ले, फर और जुनिपर के वृक्ष मिलते हैं साथ ही साल और सागौन प्रजाति के वृक्ष भी मिलते है।&lt;br /&gt;
==जनसाँख्यिकी आंकडे==&lt;br /&gt;
63 प्रतिशत अरुणाचल निवासी 19 प्रमुख जनजाति तथा 85 अन्य जनजातियों से हैं। इनमें से अधिकतर तिब्बत-बर्मा मूल से हैं। शेष 35 प्रतिशत जनसंख्या आप्रवासी हैं, जिनमें से 31,000 बंगाली, बोड़ो, हजोन्ग, बंगला देश से आये चकमा शरणार्थी और असम , नागालैंड और भारत के अन्य भागों से आये प्रवासी हैं। सबसे बडी़ जनजातियों में गालो, निशि, खम्ति, मोंपा और अपातनी प्रमुख रूप से हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश की साक्षरता दर 1991 में 41,59 % से बढ़कर 54,74 % हो गयी है । 487796 व्यक्ति पढ़े लिखे है। भारत सरकार की 2001 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार अरुणाचल के 20 % निवासी प्रकृतिधर्मी हैं, जो जीववादी धर्म- डो न्यी-पोलो और रन्गफ्राह का निर्वाह करते है। मिरि और नोक्ते जाति के लगभग पैंतीस प्रतिशत निवासी हिन्दू हैं। राज्य के 13% निवासी बौद्ध धर्म का पालन करते है। तिब्बती बौद्ध धर्म मुख्य रूप से तवांग, पश्चिम कामेंग और तिब्बत से लगे भागों मे प्रचलित है। थेरावाद बौद्ध धर्म का म्यांमार की सीमा से सटे क्षेत्रों में पालन किया जाता है। लगभग 19 प्रतिशत निवासी ईसाई धर्म से हैं।&lt;br /&gt;
==अर्थव्यवस्था==&lt;br /&gt;
सन 2004 में अरुणाचल प्रदेश का सकल घरेलू उत्पादन 706 मिलियन डॉलर के लगभग था। अर्थव्यवस्था  मुख्यत: कृषि प्रधान है। 'झुम' खेती जो आदिवासी समूहों में पहले प्रचलित थी, अब कम लोग इस प्रकार खेती करते है। अरुणाचल प्रदेश का लगभग 61000 वर्ग किलोमीटर का भाग घने जंगलों से भरा है, और वन्य उत्पाद राज्य की अर्थव्यवस्था का दूसरा महत्वपूर्ण भाग है। यहाँ फसलों में चावल, मक्का, बाजरा, गेहूं, दलहन, गन्ना, अदरक और तिलहन मुख्य रूप से हैं। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश फलों के उत्पादन के लिए आदर्श है। पर्यावरण की दृष्टि से यहाँ के प्रमुख उद्योग आरा मिल और प्लाईवुड को कानूनन बंद कर दिया गया है। चावल मिल, फल परिरक्षण इकाइयाँ, हस्तशिल्प और हथकरघा आदि यहाँ के अन्य प्रमुख उद्योग हैं।&lt;br /&gt;
==सामाजिक जीवन==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश के कुछ महत्वपूर्ण त्योहारों में 'अदीस' समुदाय का 'मापिन और सोलंगु', 'मोनपा' समुदाय का त्योहार 'लोस्सार', 'अपतानी' समुदाय का 'द्री', 'तगिनों' समुदाय का 'सी-दोन्याई', 'इदु-मिशमी' समुदाय का 'रेह', 'निशिंग समुदाय का 'न्योकुम' आदि त्योहार शामिल हैं। अधिकतर त्योहारों पर पशुओं को बलि चढ़ाने की पुरातन प्रथा है।&lt;br /&gt;
==कृषि==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों के जीवनयापन का मुख्य आधार कृषि है। यहाँ की अर्थव्यवस्था 'झूम' खेती पर ही मुख्यत: आधरित है। आजकल नकदी फसलों, जैसे-आलू और बागबानी की फसलें, जैसे सेब, संतरे और अनन्नास आदि को प्रोत्साहन  जा रहा है।&lt;br /&gt;
==खनिज और उद्योग==&lt;br /&gt;
राज्य की विशाल खनिज संपदा के संरक्षण के लिए 1991 में 'अरुणाचल प्रदेश खनिज विकास' और 'व्यापार निगम लिमिटेड' (ए. पी. एम. डी. टी. सी. एल.) की स्थापना की गई थी। विभिन्न प्रकार के व्यापार में दस्तकारों को प्रशिक्षण देना, रोइंग, टबारीजो, दिरांग, युपैया और मैओ में कार्यरत पांच 'सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान' (आई॰टी॰आई॰) हैं। आई॰टी॰आई॰ युपैया महिलाओं के लिए विशेष रूप से बना है जो पापुम पारे ज़िले में स्थित है।&lt;br /&gt;
==सिंचाई और बिजली==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश में 87,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित क्षेत्र है। राज्य की विद्युत क्षमता लगभग 30,735 मेगावॉट है। राज्य के 3,649 गांवों में से लगभग 2,600 गांवों का विद्युतीकरण कर दिया गया है।&lt;br /&gt;
==परिवहन==&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश में 330 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग (सड़क मार्ग) है।&lt;br /&gt;
==पंचायती राज==&lt;br /&gt;
ग्रामीण क्षेते के विकास के लिए 'अरुणाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग' ने राज्य सरकार के सहयोग से मई, 2008 में पंचायती चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं जिससे कि ग्रामों का समुचित विकास हो सके।&lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल==&lt;br /&gt;
राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल- &lt;br /&gt;
*तवांग, &lt;br /&gt;
*दिरांग, &lt;br /&gt;
*बोमडिला, &lt;br /&gt;
*टीपी, &lt;br /&gt;
*ईटानगर, &lt;br /&gt;
*मालिनीथन, &lt;br /&gt;
*लीकाबाली, &lt;br /&gt;
*पासीघट, &lt;br /&gt;
*अलोंग, &lt;br /&gt;
*तेजू, &lt;br /&gt;
*मियाओ, &lt;br /&gt;
*रोइंग, &lt;br /&gt;
*दापोरिजो, &lt;br /&gt;
*नामदफा, &lt;br /&gt;
*भीष्मकनगर, &lt;br /&gt;
*परशुराम कुंड और &lt;br /&gt;
*खोंसा हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''ईटा किला'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस किले का निर्माण 14 -15वीं शताब्दी में कराया गया था। इसके नाम पर ही इस जगह का नाम ईटानगर है। इस किले से बहुत ही सुन्दर दृश्य दिखायी देते हैं। किले को देखने के बाद सैलानी पौराणिक गंगा झील भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''पौराणिक गंगा झील'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
पौराणिक गंगा झील ईटानगर से 6 किमी. की दूरी पर है। झील के पास सुन्दर प्राकृतिक जंगल है। सैलानी यहाँ सुन्दर पेड़-पौधे, वन्य जीव और फूलों के बगीचे भी देख सकते हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''बौद्ध मंदिर'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
यहाँ पर एक खूबसूरत बौद्ध मन्दिर है। बौद्ध गुरु दलाई लामा भी  यहाँ की यात्रा कर चुके हैं। इस मन्दिर की छत पीले रंग की है और इस मन्दिर का निर्माण तिब्बती शैली में किया गया है। इस मन्दिर की छत से ईटानगर के सुंदर दृश्य दिखायी देते हैं। मन्दिर में एक संग्राहलय भी है जिसका नाम जवाहरलाल नेहरू संग्राहलय है। इस संग्राहलय में पूरे अरुणाचल प्रदेश की झाँकी देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त यहाँ पर लकड़ियों से बनी खूबसूरत वस्तुएं, वाद्ययंत्र, सुन्दर कपड़े, हस्तनिर्मित वस्तुएं और केन की बनी सुन्दर कलाकृतियों का संग्रह देख सकते हैं। संग्राहलय में एक पुस्तकालय भी है। अन्य स्थलों में दोन्यी-पोलो विद्या भवन, विज्ञान संस्थान, इंदिरा गांधी उद्यान और अभियांत्रिकी संस्थान प्रमुख हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
'''पापुम पेर'''&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश का पापुम पेर बहुत ही सुन्दर स्थान है। इसका मुख्यालय यूपिया में स्थित है। यह ईटानगर से 20 किमी. दूर है। पापुम पेर हिमालय की तराई में बसा हुआ है। यहाँ से हिमालय की अनेक चोटियाँ दिखायी देती हैं। इनके अतिरिक्त यहाँ जंगलों, नदियों की प्राकृतिक छटा को भी देख सकते हैं। अधिकतर पर्यटन स्थल ईटानगर, दोईमुख, सिगेली और किमीन में स्थित है। इन  स्थलों की यात्रा करने के लिए पर्यटकों को अरुणाचल प्रदेश के सरकारी कार्यालय से परमिट लेना पड़ता है।&lt;br /&gt;
अरुणाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण जगहें हैं-&lt;br /&gt;
#तवांग&lt;br /&gt;
#परशुराम कुंद&lt;br /&gt;
#भिस्माक्नगर.&lt;br /&gt;
#मालिनिथन&lt;br /&gt;
#अकाशिगंगा.&lt;br /&gt;
#नामडाफा&lt;br /&gt;
#ईटानगर&lt;br /&gt;
#बोमडिला&lt;br /&gt;
==अन्य लिंक==&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|&lt;br /&gt;
{{अरुणाचल प्रदेश के ज़िले}}&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
|{{राज्य और के. शा. प्र.}}&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Category:भारत_के_राज्य_और_केन्द्र_शासित_प्रदेश]]&lt;br /&gt;
[[Category:अरुणाचल प्रदेश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Aadesh Pandey</name></author>
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		<title>उत्तर प्रदेश</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;Aadesh Pandey: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राज्य&lt;br /&gt;
|Image=Uttar Pradesh Map.jpg&lt;br /&gt;
|राजधानी=लखनऊ&lt;br /&gt;
|जनसंख्या=166,052,859&lt;br /&gt;
|जनसंख्या घनत्व=689&lt;br /&gt;
|क्षेत्रफल=240928 km²&lt;br /&gt;
|मंडल=18&lt;br /&gt;
|ज़िले=71&lt;br /&gt;
|सबसे बड़ा नगर=कानपुर&lt;br /&gt;
|महानगर=कानपुर&lt;br /&gt;
|बड़े नगर=लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ, वाराणसी(बनारस), ग़ाज़ियाबाद, कानपुर&lt;br /&gt;
|राजभाषा(एँ)=हिन्दी, उर्दू&lt;br /&gt;
|स्थापना=1950/01/12&lt;br /&gt;
|मुख्य ऐतिहासिक स्थल=वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद, कन्नौज, कुशीनगर, कौशाम्बी, चित्रकूट, झांसी, फ़ैज़ाबाद, मेरठ,&lt;br /&gt;
|मुख्य पर्यटन स्थल=मथुरा, वृन्दावन, आगरा, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, फ़तेहपुर सीकरी, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर&lt;br /&gt;
|मुख्य धर्म-सम्प्रदाय=हि्न्दू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, जैन&lt;br /&gt;
|लिंग अनुपात=1000:898&lt;br /&gt;
|साक्षरता=57.36&lt;br /&gt;
|स्त्री=42.97&lt;br /&gt;
|पुरुष=70.22&lt;br /&gt;
|जलवायु=उष्णदेशीय मानसून&lt;br /&gt;
|तापमान=31 °C&lt;br /&gt;
|ग्रीष्म=46 °C&lt;br /&gt;
|शरद=5°C&lt;br /&gt;
|उच्च न्यायालय=इलाहाबाद&lt;br /&gt;
|राज्यपाल=बी. एल. जोशी&lt;br /&gt;
|मुख्यमंत्री=मायावती&lt;br /&gt;
|नेता विरोधी दल=शिवपाल सिंह यादव&lt;br /&gt;
|विधान सभा सदस्य संख्या=404&lt;br /&gt;
|विधान परिषद सदस्य संख्या=100&lt;br /&gt;
|लोकसभा क्षेत्र=80&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=[http://upgov.nic.in/ अधिकारिक वेबसाइट]&lt;br /&gt;
|अद्यतन=2010/03/25&lt;br /&gt;
|emblem=Uttar Pradesh Logo.gif&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
[[State::उत्तर प्रदेश]] / Uttar Pradesh&amp;lt;div style=text-align:right; direction: ltr; margin-left: 1em;&amp;gt;'''[[विशेष:Browse/उत्तर_प्रदेश|&amp;quot;आंकड़े&amp;quot; एक झलक के लिए क्लिक करें]]'''&amp;lt;/div&amp;gt;&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश [[भारत]]  का  जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है। [[लखनऊ]]  प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी और [[इलाहाबाद]] न्यायिक राजधानी है। उत्तर प्रदेश के दूसरे महत्त्वपूर्ण नगर- [[आगरा]], [[अलीगढ़]], [[अयोध्या]], [[बरेली]], [[मेरठ]], [[वाराणसी]]( बनारस), [[गोरखपुर]], [[ग़ाज़ियाबाद]], [[मुरादाबाद]], [[सहारनपुर]], [[फ़ैज़ाबाद]], [[कानपुर]]  हैं। इस राज्य के पड़ोसी राज्य हैं - [[उत्तराखंड|उत्तरांचल]], [[हिमाचल प्रदेश]], [[हरियाणा]], [[दिल्ली]], [[राजस्थान]], [[मध्य प्रदेश]], [[छत्तीसगढ़]], [[झारखण्ड]], [[बिहार]]। उत्तर प्रदेश की पूर्वोत्तर दिशा में नेपाल देश है। &lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश सघन आबादी वाले [[गंगा नदी|गंगा]] और [[यमुना नदी|यमुना]] के मैदान में बसा है। लगभग 16 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व की सर्वाधिक आबादी वाला उपराष्ट्रीय प्रदेश है। समूचे विश्व के सिर्फ पांच राष्ट्रों चीन, भारत, संयुक्त अमरीका, इंडोनिशिया और ब्राज़ील की जनसंख्या ही उत्तर-प्रदेश की जनसंख्या से अधिक है।&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश का भारतीय एवं [[हिन्दू धर्म]] के इतिहास में बहुत योगदान है। उत्तर प्रदेश आधुनिक इतिहास और राजनीति का सदैव से केन्द्र बिन्दु रहा है। यहाँ के निवासियों ने  [[स्वतन्त्रता संग्राम आन्दोलन]] में प्रमुख भूमिका निभायी थी। [[इलाहाबाद]] शहर में विख्यात नेताओं- [[मोतीलाल नेहरु]], [[पुरुषोत्तमदास टन्डन]] और [[लालबहादुर शास्त्री]] आदि प्रमुख नेताओं का घर था। यह शहर देश के आठ प्रधानमन्त्रियों- [[जवाहरलाल नेहरू]], [[इंदिरा गाँधी]], [[लालबहादुर शास्त्री]], [[चौ॰ चरण सिंह]], [[विश्वनाथ प्रताप सिंह]], [[चन्द्रशेख़र]], [[राजीव गांधी]] और [[अटल बिहारी वाजपेयी]] का चुनाव क्षेत्र भी रहा है। इंदिरा गांधी के पुत्र स्वर्गीय [[संजय गांधी]] का चुनाव-क्षेत्र भी यहीं था और आजकल भू॰पू॰ प्रधानमंत्री स्व॰ राजीव गाँधी की पत्नी [[सोनिया गांधी]] भी [[रायबरेली]] से चुनाव लड़तीं हैं और उनके पुत्र [[राहुल गाँधी]] भी [[अमेठी]] से चुनाव लड़ते हैं।&lt;br /&gt;
==इतिहास==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश का इतिहास बहुत प्राचीन है। उत्तर वैदिक काल में इसे 'ब्रहर्षि देश' या 'मध्य देश' के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश [[वैदिक काल]] में कई महान ऋषि-मुनियों, जैसे - [[भारद्वाज]], [[गौतम]], [[याज्ञवल्क्य]], [[वसिष्ठ]], [[विश्वामित्र]] और [[वाल्मीकि]] आदि की तपोभूमि रहा है। कई पवित्र पुस्तकों की रचना भी यहीं हुई। भारत के दो मुख्य महाकाव्य [[रामायण]] और [[महाभारत]] की कथा भी यहीं की है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ईसा पूर्व छठी शताब्दी में उत्तर प्रदेश दो नए धर्मों - [[जैन]] और [[बौद्ध]]  का विकास हुआ। [[बुद्ध]] ने अपना प्रथम उपदेश [[सारनाथ]] में दिया और [[बौद्ध धर्म]] की शुरूआत की। उत्तर प्रदेश के ही [[कुशीनगर]] में उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश के कई नगर जैसे- [[अयोध्या]], [[प्रयाग]], वाराणसी और [[मथुरा]] विद्या अध्ययन के लिए प्रसिद्ध केंद्र थे। [[मध्य काल]] में उत्तर प्रदेश मुस्लिम शासकों के अधीन हो गया था जिससे हिन्दू और इस्लाम धर्मों के पास आने से एक नई मिली-जुली संस्कृति का विकास हुआ। [[तुलसीदास]], [[सूरदास]], [[रामानंद]] और उनके मुस्लिम शिष्य [[कबीर]] के अतिरिक्त  अन्य कई  संत पुरुषों ने हिन्दी और अन्य भाषाओं के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश का इतिहास लगभग 4000 वर्ष पुराना है, जब आर्य यहाँ आये और [[वैदिक सभ्यता]] का आरम्भ हुआ, तभी से यहाँ का इतिहास मिलता है।  आर्य [[सिन्धु नदी|सिन्धु]] और [[सतलुज नदी|सतलुज]]  के मैदानी भागों से [[यमुना नदी|यमुना]] और [[गंगा नदी|गंगा]] के मैदानी भाग की ओर बढ़े। इन्होंने यमुना और गंगा के मैदानी भाग और [[घाघरा नदी|घाघरा]] क्षेत्र को अपना घर बनाया। इन्हीं आर्यों के नाम पर भारत देश का नाम 'आर्यावर्त' अथवा 'भारतवर्ष' (भरत आर्यों के एक चक्रवर्ती राजा थे, जिनके नाम और ख्याति से यह देश भारतवर्ष के नाम से जाना गया) पड़ा। &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[रामायण]] में हिन्दुओं के भगवान [[राम|रामचंद्र]] का प्राचीन राज्य [[कौशल]] इसी क्षेत्र में था, [[अयोध्या]] कौशल राज्य की राजधानी थी। हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान [[विष्णु]] के आठवें अवतार भगवान [[कृष्ण]] का जन्म उत्तर प्रदेश के [[मथुरा]] शहर में हुआ था। विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक माना जाने वाला [[वाराणसी]] शहर भी इसी प्रदेश में है। वाराणसी के समीप [[सारनाथ]] का [[स्तूप]] भगवान [[बुद्ध]] के लिए प्रसिध्द है। समय के साथ साथ यह विशाल क्षेत्र छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित हो गया और  [[गुप्त]], [[मौर्य]] और [[कुषाण]] साम्राज्यों का भाग बन गया। 7वीं शताब्दी में [[कन्नौज]] गुप्त साम्राज्य का प्रमुख केन्द्र बन गया था।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम==&lt;br /&gt;
सन 1857 में अंग्रेज़ी फौज के भारतीय सिपाहियों ने बग़ावत कर दी थी। यह बग़ावत लगभग एक वर्ष तक चली और धीरे धीरे यह बग़ावत पूरे उत्तर भारत में फ़ैल गयी। इसी बग़ावत को भारत का प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम नाम दिया गया। यह बग़ावत मेरठ शहर से शुरू हुई। जिसका कारण अंग्रेज़ों द्वारा गाय और सुअर की चर्बी से बने कारतूस थे। इस बग़ावत की वज़ह लार्ड डलहौजी की राज्य हड़पने की नीति भी थी। यह संग्राम मुख्यतः दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, झाँसी और बरेली में लड़ा गया। इस संग्राम में [[झांसी की रानी लक्ष्मीबाई]], [[अवध की बेगम हज़रत महल]], [[बख़्त खान]], [[नाना साहब|नाना साहेब]], [[तात्या टोपे]] आदि अनेक देशभक्तों ने भाग लिया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश राज्य की बौद्धिक श्रेष्ठता ब्रिटिश शासन काल में भी बनी रही। सन 1902 में 'नार्थ वेस्ट प्रोविन्स' का नाम बदल कर 'यूनाइटिड प्रोविन्स ऑफ आगरा एण्ड अवध' कर दिया गया। साधारण बोलचाल की भाषा में इसे 'यू पी' कहा गया। सन 1920 में प्रदेश की राजधानी को इलाहाबाद के स्थान पर लखनऊ बना दिया गया। प्रदेश का उच्च न्यायालय इलाहाबाद में ही बना रहा और लखनऊ में उच्च न्यायालय की एक न्यायपीठ शाखा (हाईकोर्ट बैंच) स्थापित की गयी। बाद में 1935 में इसका संक्षिप्त नाम 'संयुक्त प्रांत' प्रचलित हो गया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 12 जनवरी 1950 में 'संयुक्त प्रांत' का नाम बदल कर ‘उत्तर प्रदेश’  रखा गया। [[गोविंद वल्लभ पंत]] इस प्रदेश के प्रथम मुख्य मन्त्री बने। अक्टूबर 1963 में [[सुचेता कृपलानी]] उत्तर प्रदेश और भारत की 'प्रथम महिला मुख्यमन्त्री' बनीं।&lt;br /&gt;
सन 2000 में [[भारतीय संसद]] ने उत्तर-प्रदेश के उत्तर पश्चिमी, पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश के मुख्यतः पहाड़ी भाग गढ़वाल और कुमाऊँ मण्डल को मिला कर उत्तर प्रदेश को विभाजित कर उत्तरांचल राज्य का निर्माण किया जिसका नाम बाद में बदल कर [[उत्तराखंड]] कर दिया गया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==कृषि==&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश में लगभग 66 प्रतिशत जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय कृषि है। राज्य में कुल 167.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि कार्य किया जाता है। सन 2003 - 04 में राज्य में 255.67 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 130.22 लाख मीट्रिक टन चावल, 23.80 लाख मीट्रिक टन दालें, 6.44 लाख मीट्रिक टन तिलहन और 1127.54 लाख मीट्रिक टन गन्ने का उत्पादन किया गया था। सन 2003 - 04 में कुल 442.58 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ।&lt;br /&gt;
==उद्योग और खनिज==&lt;br /&gt;
*वर्ष 2004 - 05 में उत्तर प्रदेश में कुल 5,21,835 लघु उद्योग इकाइयां थीं जिनमें लगभग 5,131 करोड़ रुपये की पूंजी का निवेश था और लगभग 20,01,000  लोग काम कर रहे थे। वर्ष 2004 - 05 में राज्य में लगभग 45.51 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य में 68 कपड़ा मिलें और 32 आटोमोबाइल के कारखाने हैं, जिनमें 5,740 करोड़ रुपये की पूंजी का निवेश है।&lt;br /&gt;
*सन 2011 तक 'नोएडा प्राधिकरण' के अंतर्गत 102 सेक्टर विकसित करने की योजना चल रही है। इस प्राधिकरण में औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय क्षेत्र, ग्रुप हाउसिंग क्षेत्र, आवासीय भवन, व्यावसायिक परिसंपत्तियां और संस्थागत शिक्षा क्षेत्र शामिल हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की भांति ही राज्य में अन्य स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। &lt;br /&gt;
*साफ्टवेयर निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए [[कानपुर]] में  सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क बनाया गया है। ऐसे ही पांच अन्य साफ्टवेयर पार्क और खोलने की योजना है।&lt;br /&gt;
*सार्वजनिक क्षेत्र में चूना पत्थर, मैगनेसाइट, कोयला, रॉक फास्फेट, डोलोमाइट और सिलिकन रेत का खनन किया जाता है। चूना पत्थर, सिलिका, मैगनेसाइट, फाइरोफाइलाइट और डायोस्पार के उत्पादन का अधिकतर कार्य निजी क्षेत्र के हाथों में है। सोनभद्र मेंएक  बडा सीमेंट संयंत्र भी हैं।&lt;br /&gt;
==सिंचाई और बिजली==&lt;br /&gt;
*14 जनवरी, 2000 को 'उत्तर प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड' का पुनर्गठन करके 'उत्तर प्रदेश विद्युत निगम', 'उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन' तथा 'उत्तर प्रदेश पनबिजली निगम' को स्थापित किया गया है।&lt;br /&gt;
*2004 - 05 में राज्य की सिंचाई क्षमता बढ़ाकर 319.17 लाख हेक्टेयरतक करने के लिए 98,715 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। &lt;br /&gt;
*'उत्तर प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड' की स्थापना के समय पन बिजलीघरों और ताप बिजलीघरों की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 2,635 मेगावाट थी जो आज बढ़कर 4,621 मेगावाट तक हो गई है।&lt;br /&gt;
==परिवहन==&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश में विकास की दर बढाने के लिए परिवहन की अनेक योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है-&lt;br /&gt;
==सड़कें==&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश  के लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़कों की कुल लंबाई 1,18,946 किलोमीटर है। इसमें 3,869 किलामीटर  राष्ट्रीय राजमार्ग, 9,097 किलोमीटर  प्रांतीय राजमार्ग, 1,05,980 किलोमीटर अन्य ज़िला सड़कें और 72,931 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें हैं।&lt;br /&gt;
==रेलवे मार्ग==&lt;br /&gt;
रेलवे का उत्तरी नेटवर्क का मुख्य जंक्शन राजधानी [[लखनऊ]] है। अन्य महत्वपूर्ण रेल जंक्शन- [[आगरा]], [[कानपुर]], [[इलाहाबाद]], [[मुग़लसराय]], [[झांसी]], [[मुरादाबाद]], [[वाराणसी]], [[टूंडला]], [[गोरखपुर]], [[गोंडा]], [[फ़ैज़ाबाद]], [[बरेली]] और [[सीतापुर]]  हैं।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==उड्डयन विभाग==&lt;br /&gt;
प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आगरा, झांसी, [[बरेली]], [[ग़ाज़ियाबाद]], गोरखपुर, [[सहारनपुर]] और [[रायबरेली]] में हवाई अड्डे हैं।&lt;br /&gt;
==त्योहार==&lt;br /&gt;
समय समय पर सभी धर्मों के त्योहार मनाये जाते हैं-&lt;br /&gt;
*इलाहाबाद में प्रत्येक बारहवें वर्ष में कुंभ का मेला आयोजित किया जाता है जो कि संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। &lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त इलाहाबाद में प्रत्येक 6 साल बाद अर्द्ध कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। &lt;br /&gt;
*इलाहाबाद में ही प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में [[माघ मेला]] भी आयोजित किया जाता है, जहां बडी संख्या में लोग [[संगम]] में नहाते हैं। &lt;br /&gt;
*अन्य मेलों में [[मथुरा]], [[वृन्दावन]] व [[अयोध्या]] में अनेक पर्वों के मेले और झूला मेले लगते हैं, जिनमें प्रभु की प्रतिमाओं को सोने एवं चांदी के झूलों में रखकर झुलाया जाता है। ये झूला मेले लगभग एक पखवाडे तक चलते हैं। &lt;br /&gt;
*कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर [[गंगा नदी]] में डुबकी लगाना अत्यंत आस्था से परिपूर्ण है और बहुत ही पवित्र माना जाता है और इसके लिए [[गढ़मुक्तेश्वर]], [[सोरों]], [[राजघाट]], काकोरा, बिठूर, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, और अयोध्या में बडी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। &lt;br /&gt;
*आगरा ज़िले के [[बटेश्वर]] कस्बे में पशुओं का प्रसिद्ध मेला लगता है। &lt;br /&gt;
*[[बाराबंकी]] ज़िले का [[देवा मेला]] मुस्लिम संत वारिस अली शाह के कारण काफ़ी प्रसिद्ध है।&lt;br /&gt;
*इसके अतिरिक्त यहाँ हिन्दू तथा मुस्लिमों के सभी प्रमुख त्योहारों को पूरे राज्य में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।&lt;br /&gt;
==पर्यटन स्थल==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
उत्तर प्रदेश में सभी के लिए आकर्षण की कई चीजें हैं। &lt;br /&gt;
*[[ताजमहल]], [[आगरा]],&lt;br /&gt;
*प्राचीन तीर्थ स्थानों में [[वाराणसी]], विंध्याचल, [[अयोध्या]], [[चित्रकूट]], [[प्रयाग]], [[नैमिषारण्य]], [[मथुरा]], [[वृन्दावन]], [[देवा शरीफ]], &lt;br /&gt;
*[[फ़तेहपुर सीकरी]] में [[bd:सलीम चिश्ती|शेख़ सलीम चिश्ती]] की दरगाह, &lt;br /&gt;
*[[सारनाथ]], [[श्रावस्ती]], [[कुशीनगर]], संकिसा / बसंतपुर (ज़िला एटा, उत्तर प्रदेश), कांपिल/ वर्तमान फ़र्रूख़ाबाद, पिपरावा और [[कौशांबी]] प्रमुख हैं। &lt;br /&gt;
*आगरा, अयोध्या, सारनाथ, वाराणसी, लखनऊ, झांसी, गोरखपुर, जौनपुर, कन्नौज, महोबा, देवगढ, बिठूर और विंध्याचल  हिन्दू एवं मुस्लिम वास्तुशिल्प और संस्कृति के महत्वपूर्ण खजाने से भरा हैं।&lt;br /&gt;
==वीथिका==&lt;br /&gt;
&amp;lt;gallery width=&amp;quot;145px&amp;quot; perrow=&amp;quot;4&amp;quot;&amp;gt;&lt;br /&gt;
चित्र:Ganga-River-Aarti.JPG|आरती, [[गंगा नदी]], [[इलाहाबाद]]&amp;lt;br /&amp;gt; Aarti, Ganga River, Allahabad&lt;br /&gt;
चित्र:Imambara-Lucknow.JPG|बड़ा इमामबाड़ा, [[लखनऊ]]&amp;lt;br /&amp;gt; Bara Imambara, Lucknow&lt;br /&gt;
चित्र:Anand-Bhawan-Allahabad.jpg|आनंद भवन, [[इलाहाबाद]]&amp;lt;br /&amp;gt; Anand Bhawan, Allahabad&lt;br /&gt;
&amp;lt;/gallery&amp;gt;&lt;br /&gt;
==अन्य लिंक==&lt;br /&gt;
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[[Category:उत्तर प्रदेश]]&lt;br /&gt;
[[Category:भारत के राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Aadesh Pandey</name></author>
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