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	<title>गगन नारंग - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>रविन्द्र प्रसाद 29 सितम्बर 2021 को 11:13 बजे</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
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		<author><name>रविन्द्र प्रसाद</name></author>
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		<title>रविन्द्र प्रसाद: ''''गगन नारंग''' (अंग्रेज़ी: ''Gagan Narang'', जन्म- 6 मई, 1983, चेन...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
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		<updated>2021-09-29T10:45:03Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;गगन नारंग&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (&lt;a href=&quot;/india/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A5%80&quot; title=&quot;अंग्रेज़ी&quot;&gt;अंग्रेज़ी&lt;/a&gt;: &amp;#039;&amp;#039;Gagan Narang&amp;#039;&amp;#039;, जन्म- &lt;a href=&quot;/india/6_%E0%A4%AE%E0%A4%88&quot; title=&quot;6 मई&quot;&gt;6 मई&lt;/a&gt;, &lt;a href=&quot;/india/1983&quot; title=&quot;1983&quot;&gt;1983&lt;/a&gt;, चेन...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;'''गगन नारंग''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Gagan Narang'', जन्म- [[6 मई]], [[1983]], [[चेन्नई]], [[तमिलनाडु]]) भारतीय राइफल निशानेबाज हैं। वर्तमान में पूरे विश्व में गगन नारंग सबसे अच्छे भारतीय राइफल निशानेबाजों में से एक हैं। ये अकेले भारतीय हैं जो लन्दन ओलम्पिक के लिए क्वालिफाइड हुए थे, और इन्होंने पुरुष 10 मी. एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में 701.1 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता था। इनके कॅरियर की शुरुआत सन [[2003]] में हुए एशियाई गेम्स से हुई। गगन नारंग ने अपने अब तक के कैरियर में कई सारे पदक जीते, जिसके चलते इन्हें [[भारत सरकार]] द्वारा [[पद्म श्री]] और [[राजीव गाँधी खेल रत्न]] भी दिया गया। कई सारी प्रतिस्पर्धा में गगन नारंग ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत कर विश्व के सबसे अच्छे निशानेबाजों में अपना नाम अर्जित कराया है। सन [[2016]] में हुए ग्रीष्मकालीन रियो ओलंपिक में भी इन्होंने भाग लिया था, किन्तु इसमें इनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा।&lt;br /&gt;
==जन्म और परिवार==&lt;br /&gt;
गगन नारंग का जन्म 6 मई सन 1983 में तमिलनाडू राज्य के चेन्नई शहर में हुआ। इनके [[पिता]] भीमसेन नारंग हैं जो कि “एयर भारत के चीफ मेनेजर” रह चुके हैं और इनकी [[माता]] गृहणी हैं। मूल रूप से ये [[हरियाणा]] के [[पानीपत]] के रहने वाले है, किन्तु इनके पिता की जॉब [[हैदराबाद]] में होने के कारण, गगन के जन्म के कुछ सालों बाद ही इनका [[परिवार]] हैदराबाद में रहने लगा। गगन की माता गगन की बहुत बड़ी फैन हैं, वे अपने बेटे का प्रदर्शन लाइव देखती है और उनकी जीत के लिए प्रार्थना करती हैं। वे अपने बेटे का किसी भी प्रकार की परिस्थिति में साथ भी देती है। गगन के पिता गगन से बहुत प्यार करते है, उन्होंने अपने बेटे गगन की प्रतिभा 2 साल की उम्र में ही पहचान ली थी, जब गगन ने अपने लक्ष्य की क्षमता को जान कर एक खिलौने की बन्दूक से गुब्बारे पर निशाना लगाया और उन्होंने गगन को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस तरह गगन बचपन से ही बहुत ही अच्छे वातावरण में पले बढ़े हैं।&lt;br /&gt;
====शिक्षा====&lt;br /&gt;
गगन नारंग की शिक्षा की शुरुआत हैदराबाद के “गीतांजलि सीनियर स्कूल” से हुई, जहाँ उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की, इसके बाद इन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई “बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन” की “हैदराबाद ओस्मानिया यूनिवर्सिटी” से की। वे निशानेबाजी के लिए तब गए, जब उनके पिता ने उन्हें सन [[1997]] में एक एयर पिस्तौल उपहार में दी, तब उनकी उम्र सिर्फ 14 साल थी और बेगुम्पेट में अपने घर के पीछे ही अपने निशानेबाजी के कौशल को सिद्ध किया। इस तरह इनके कैरियर की शरुआत हुई और इसके लिए इनके माता-पिता ने इनका पूरा साथ भी दिया।&lt;br /&gt;
==कॅरियर==&lt;br /&gt;
वैसे तो गगन नारंग के कैरियर की शरूआत तभी हो गई जब उनके पिता ने उन्हें सन [[1997]] में एक एयर पिस्तौल दी थी, किन्तु राष्ट्रीय क्षेत्र में खेलने के लिए इनके कैरियर की शुरुआत सन [[2003]] में हैदराबाद में हुए “एफ्रो एशियाई गेम्स” से हुई। यहाँ गगन ने पुरुष की 10 मी. एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में [[26 अक्टूबर]] सन 2003 को स्वर्ण पदक जीता।&lt;br /&gt;
====2006====&lt;br /&gt;
सन 2006 में हन्नोवर, [[जर्मनी]] में एक पूर्व ओलंपिक स्पर्धा में गगन ने एक पेनिस एयर राइफल से अधिक गोली मार कर एक विश्व रिकॉर्ड बना दिया। गगन ने 704.3 के अधिकतम स्कोर से सन 2006 में स्पेन के ग्रानाडा में हुए “विश्व कप” में ऑस्ट्रिया के थॉमस फार्निक द्वारा 703.1 के स्कोर से बनाया गया विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2006 में ही मेलबोर्न में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में गगन ने अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से 4 स्वर्ण पदक जीत कर अपने देश का गौरव बढ़ाया।&lt;br /&gt;
====2008====&lt;br /&gt;
सन [[2008]] में पहले गगन ने चीन में हुए “विश्व कप” में अपना अच्छा प्रदर्शन देकर स्वर्ण पदक जीता। इसके पश्चात सन 2008 में ही “आईएसएसएफ़ विश्व कप” फाइनल में गगन क्वालीफाई हुए। गगन ने क्वालिफिकेशन राउंड में सबसे अच्छा 600 का स्कोर बनाया। गगन ने अंतिम राउंड में 103.5 का स्कोर कर अपना कुल स्कोर 703.5 का किया और इससे पूरे [[ब्रह्मांड]] में अपना एक रिकॉर्ड बना लिया। इसी साल [[4 नवंबर]] सन [[2008]] में गगन ने, सन [[2006]] में स्पेन के ग्रानाडा में हुए “विश्व कप” में ऑस्ट्रिया के थॉमस फार्निक द्वारा बनाये गए विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा।&lt;br /&gt;
====2010====&lt;br /&gt;
गगन नारंग ने [[2010]] में [[नई दिल्ली]] में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में 4 स्वर्ण पदक जीते। इसके पश्चात पुरुष 10 मी. एयर राइफल एकल प्रतिस्पर्धा में 600 का सबसे बढ़िया स्कोर किया और यह उनका एक नया रिकॉर्ड था। गगन नारंग ने 2010 में ही हुए “एशियाई गेम्स” में रजत पदक भी जीता। चैंपियन चीन के पीछे टीम स्पर्धा में संजीव राजपूत और [[अभिनव बिंद्रा]] के साथ मिलकर गगन नारंग ने अपने देश को एक और रजत पदक प्रदान किया। ये दोनों ही रजत पदक उन्होंने “एशियाई गेम्स” के शुरू दिन ही जीते थे। 2010 में ही कुछ विवादों से भी घिरे थे। गगन ने सार्वजनिक रूप से 3 बार प्रतिष्ठित “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड” के लिए नजरअंदाज किये जाने के कारण नाराजगी व्यक्त की थी और उन्होंने प्रेरणा की कमी के कारण सन 2010 “कॉमनवेल्थ गेम्स” को छोड़ने की धमकी भी दी।&lt;br /&gt;
====2012====&lt;br /&gt;
सन 2012 में “लन्दन ओलंपिक” में गगन नारंग ने 10 मी. एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में 701.1 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया, और [[2012]] के खेलों में [[भारत]] के सबसे पहला पदक जितने वाले भारतीय बन गए। गगन सिर्फ रजत पदक विजेता [[इटली]] के निच्कोलो कम्प्रिअनि, जिन्होंने 701.5 का स्कोर किया और स्वर्ण पदक विजेता रोमानिया के एलिन जॉर्ज मोल्दोवेअनु, जिन्होंने 702.1 का स्कोर किया से पीछे रह गए थे। हालांकि गगन रॉयल आर्टिलरी बैरक में पुरुष की 50 मी. राइफल 3 पदों वाली स्पर्धा में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए थे।&lt;br /&gt;
====2014====&lt;br /&gt;
सन [[2014]] में ग्लासगो में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में गगन नारंग ने 50 मी. राइफल प्रोन स्पर्धा में एक रजत पदक तथा 50 मी. राइफल 3 पदों वाली स्पर्धा में एक कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।&lt;br /&gt;
====2016====&lt;br /&gt;
सन [[2016]] में हुए “ग्रीष्मकालीन रियो ओलंपिक” में गगन ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया। गगन नारंग 10 मी. एयर राइफल स्पर्धा में 23वीं और 50 मी. राइफल 3 पदों वाली स्पर्धा में 33वीं रैंक पर थे एवं गगन नारंग 50 मी. राइफल प्रोन प्रतिस्पर्धा में 13वीं रैंक में पहुँचकर क्वालीफाई न हो सके, जिससे वे सन 2016 “रियो ओलंपिक” से बाहर हो गये।&lt;br /&gt;
==पुरस्कार व सम्मान==&lt;br /&gt;
*गगन नारंग को बेहतर प्रदर्शन देने के लिए [[भारत सरकार]] द्वारा सन [[2011]] में [[पद्म श्री]] और [[2010]] में [[राजीव गाँधी खेल रत्न]] दिया गया।&lt;br /&gt;
*[[2012]] में लन्दन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के उपलक्ष्य में कुछ और पुरस्कारों से भी नवाजा गया, जो कि इस प्रकार हैं-&lt;br /&gt;
#[[हरियाणा]] की राज्य सरकार द्वारा 10 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया।&lt;br /&gt;
#[[आंध्र प्रदेश]] की राज्य सरकार द्वारा 5 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया।&lt;br /&gt;
#[[राजस्थान]] की राज्य सरकार द्वारा 5 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया।&lt;br /&gt;
#[[भारत]] की स्टील मिनिस्ट्री द्वारा 2 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया।&lt;br /&gt;
#सहारा भारत परिवार द्वारा 2 कि.ग्रा. का सोना दिया गया।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{भारत के प्रसिद्ध खिलाड़ी}}{{राजीव गाँधी खेल रत्न}}{{अर्जुन पुरस्कार}}{{अर्जुन पुरस्कार वर्षवार}}&lt;br /&gt;
[[Category:भारतीय खिलाड़ी]][[Category:निशानेबाज़]][[Category:निशानेबाज़ी]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:पुरुष निशानेबाज़]][[Category:पुरुष खिलाड़ी]][[Category:अर्जुन पुरस्कार]][[Category:अर्जुन पुरस्कार (1989)]][[Category:पद्म श्री]][[Category:पद्म श्री (2011)]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:खेलकूद कोश]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>रविन्द्र प्रसाद</name></author>
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