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	<title>नोटबंदी - अवतरण इतिहास</title>
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	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>रविन्द्र प्रसाद: ''''नोटबंदी''' अथवा 'विमुद्रीकरण' (अंग्रेज़ी: ''Demonenitization'...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
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		<updated>2022-03-21T07:10:33Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;नोटबंदी&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; अथवा &amp;#039;&lt;a href=&quot;/india/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3&quot; title=&quot;विमुद्रीकरण&quot;&gt;विमुद्रीकरण&lt;/a&gt;&amp;#039; (&lt;a href=&quot;/india/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A5%80&quot; title=&quot;अंग्रेज़ी&quot;&gt;अंग्रेज़ी&lt;/a&gt;: &amp;#039;&amp;#039;Demonenitization&amp;#039;...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;'''नोटबंदी''' अथवा '[[विमुद्रीकरण]]' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Demonenitization'') एक आर्थिक गतिविधि है, जिसके अंतर्गत सरकार पुरानी मुद्रा को समाप्त कर देती है और नई मुद्रा को चालू करती है। जब काला धन बढ़ जाता है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन जाता है, तब इसे दूर करने के लिए इस विधि का प्रयोग किया जाता है। जिनके पास काला धन होता है, वे उसके बदले में नई मुद्रा लेने का साहस नहीं जुटा पाते और काला धन स्वयं ही नष्ट हो जाता है। नोटबंदी का प्रयोग [[8 नवम्बर]], [[2016]] को [[भारत के प्रधानमंत्री]] [[नरेंद्र मोदी]] ने किया। इस दिन से पुराने 500 और 1000 रुपए की मुद्रा बंद कर दी गई और नए मुद्रायें चलाई गईं।&lt;br /&gt;
==नोटबंदी की जरूरत क्यों?==&lt;br /&gt;
यह ऐसा सवाल है, जो लगभग सभी के मन-मस्तिष्क में आता होगा कि आखिर किसी भी देश को नोटबंदी या [[विमुद्रीकरण]] की आवश्यकता क्यों पड़ती है? नोटबंदी या विमुद्रीकरण की आवश्यकता किसी भी देश को तब पड़ती है, जब देश में कालाधन की जमाखोरी और जाली नोटों के कारोबार में अधिकता होने लगती है। ऐसे में लोग कर चोरी करने के लिए नगद लेनदेन ज्यादा करने लगते हैं जिनमें ज्यादातर बड़े नोट शामिल होते हैं। भ्रष्टाचार, काला-धन, नकली नोट, महंगाई और आतंकवादी गतिविधियों पर काबू पाने के लिए नोटबंदी का उपयोग किया जा सकता है।&amp;lt;ref name=&amp;quot;pp&amp;quot;&amp;gt;{{cite web |url=https://www.amarujala.com/india-news/what-is-demonetisation-and-why-was-it-done-in-india |title=नोटबंदी क्यों हुई, कब-कब हुई और इसकी जरूरत क्यों आई?|accessmonthday=21 मार्च|accessyear=2022 |last= |first= |authorlink= |format= |publisher=amarujala.com |language=हिंदी}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अर्थशास्त्री मानते हैं कि सुरक्षा के लिहाज से हर पांच सालों में नोटों में कुछ बदलाव किए जाने चाहिए, हालांकि नोटों को बंद ही कर देना अपने आप में ही एक बहुत बड़ा बदलाव है। साल [[2016]] में नोटबंदी से पहले तक जाली नोटों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि बैंक और एटीएम से भी नकली नोट निकलने के सामाचार मिल रहे थे। जांच करने के बाद पाया गया कि ये जाली नोट बिलकुल असली जैसे थे।&lt;br /&gt;
{{seealso|विमुद्रीकरण}}&lt;br /&gt;
==नोट वापस लेने की शक्ति==&lt;br /&gt;
भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 26 (2) के तहत [[आरबीआई]] के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर केंद्र सरकार [[भारत]] के गजट में अधिसूचना जारी कर किसी भी सीरीज एवं मूल्य वर्ग के नोट को वैध मुद्रा के रूप में निरस्त कर सकती है, जो नोटिफिकेशन में निर्दिष्ट तिथि से प्रभावी हो जाएगा।&lt;br /&gt;
==भारत में नोटबंदी==&lt;br /&gt;
*साल [[2016]] से पहले भी दो बार देश में नोटबंदी हो चुकी थी। पहली बार [[अंग्रेज़]] सरकार ने [[1946]] में नोटबंदी की थी। इसके बाद [[1978]] में भी नोटबंदी की गई थी।&lt;br /&gt;
*पहली बार साल [[1946]] में 500, 1000 और 10 हजार के नोटों को बंद करने का फैसला लिया गया था।&lt;br /&gt;
*सन [[1970]] के दशक में भी प्रत्यक्ष कर की जांच से जुड़ी वांचू कमेटी ने [[विमुद्रीकरण]] का सुझाव दिया था, लेकिन सुझाव सार्वजनिक हो गया, जिसके चलते नोटबंदी नहीं हो पाई।&lt;br /&gt;
*[[जनवरी]] [[1978]] में [[मोरारजी देसाई]] की [[जनता पार्टी]] सरकार ने एक कानून बनाकर 1000, 5000 और 10 हजार के नोट बंद कर दिए। हालांकि तत्कालीन आरबीआई गवर्नर आई.जी. पटेल ने इस नोटबंदी का विरोध किया था।&lt;br /&gt;
*[[भारत]] में [[2005]] में [[मनमोहन सिंह]] की [[कांग्रेस]] सरकार ने 500 के 2005 से पहले के नोटों का विमुद्रीकरण कर दिया था।&lt;br /&gt;
*साल 2016 में भी [[नरेंद्र मोदी]] की सरकार ने 500 और 1000 के नोटों की नोटबंदी या विमुद्रीकरण का फैसला किया। [[भारतीय अर्थव्यवस्था]] में इन दोनों नोटों का प्रचलन लगभग 86 फीसदी था। यही नोट बाजार में सबसे अधिक चलते थे।&amp;lt;ref name=&amp;quot;pp&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका-टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{भारतीय अर्थव्यवस्था}}&lt;br /&gt;
[[Category:अर्थव्यवस्था]][[Category:गणराज्य संरचना कोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>रविन्द्र प्रसाद</name></author>
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